आयुष्मान कार्ड निर्माण में रामपुर यूपी में अव्वल, एक साल में बने 1.79 लाख कार्ड
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने में पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। पिछले एक वर्ष के दौरान रामपुर में सर्वाधिक 1 लाख 79 हजार आयुष्मान कार्ड बनाए गए, जो प्रदेश के किसी भी अन्य जिले से अधिक है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश सरकार की गरीब और जरूरतमंद परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सुरक्षा देने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
सम्मान समारोह और पुरस्कार
इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने रामपुर को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। यह कार्यक्रम 10 अक्टूबर 2026 को आयोजित हुआ।
गौरतलब है कि रामपुर की यह उपलब्धि केवल संख्या तक सीमित नहीं है — इसके पीछे विभिन्न विभागों का समन्वय और जमीनी स्तर पर चलाए गए जागरूकता अभियान की बड़ी भूमिका रही है।
जिलाधिकारी की प्रतिक्रिया
रामपुर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए कार्ड बनाने की प्रक्रिया को लगातार गति दी जा रही है और बड़ी संख्या में पात्र लोगों को योजना से जोड़ने में सफलता मिली है।
जनता दर्शन में लाभार्थियों को मिले कार्ड
जिलाधिकारी ने जनता दर्शन के दौरान गंभीर बीमारियों से पीड़ित और दिव्यांग लाभार्थियों को सीधे आयुष्मान कार्ड वितरित किए। इनमें टांडा तहसील के ग्राम पोयली नायक निवासी कैंसर पीड़ित केविन्दर सिंह और मिलक तहसील के राजकुमार माहेश्वरी शामिल रहे, जिनके पैर की सर्जरी होनी है।
इसके अलावा स्वार तहसील क्षेत्र के 100 प्रतिशत दिव्यांग हेमराज और प्रेमशंकर को भी आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों तक पहुँच बढ़ाने पर नीतिगत दबाव बढ़ रहा है।
अब तक का कुल आँकड़ा
जिलाधिकारी के अनुसार रामपुर में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अब तक कुल 6,91,928 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। पिछले एक वर्ष में 1.79 लाख कार्ड बनाकर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त करना जिले में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।
आगे भी जनता दर्शन और विशेष अभियानों के माध्यम से वास्तविक जरूरतमंदों तक योजना का लाभ पहुँचाने का प्रयास जारी रहेगा।