योगी सरकार का विशेष अभियान: तीन महीने में 18 लाख नए आयुष्मान कार्ड का निर्माण
सारांश
Key Takeaways
- विशेष अभियान के तहत 17 लाख 94 हजार से अधिक आयुष्मान कार्ड बने हैं।
- बरेली ने सबसे अधिक कार्ड बनाए हैं।
- अभियान का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को वंचितों तक पहुंचाना है।
- इस योजना में अब तक 5.64 करोड़ कार्ड बनाए जा चुके हैं।
- आयुष्मान कार्ड से कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है।
लखनऊ, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। योगी सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान करने के लिए प्रदेश में एक विशेष अभियान आरंभ किया है। इस अभियान की शुरुआत पिछले वर्ष 25 नवंबर को हुई थी और यह 25 दिसंबर, 2025 तक चलने वाला है। इस दौरान 5 लाख 52 हजार से अधिक कार्ड जारी किए गए। अभियान की सफलता को देखते हुए इस वर्ष 15 जनवरी से एक और विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है, जो वर्तमान में चल रहा है।
विशेष अभियान के अंतर्गत अब तक 17 लाख 94 हजार से अधिक कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सहायिकाओं के साथ उनके परिवारों के कार्ड बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अभियान के दौरान सबसे अधिक कार्ड बरेली में बनाए गए हैं। बरेली पहले स्थान पर है, जबकि जौनपुर दूसरे और आगरा तीसरे स्थान पर हैं।
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक आयुष्मान कार्ड बनाने वाला राज्य बन चुका है। राज्य में अब तक लगभग 5.64 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिससे करोड़ों परिवारों को सालाना 5 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज का लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही, वय वंदना योजना के तहत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के लगभग 25 लाख 70 हजार बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए हैं।
योगी सरकार वंचित पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए प्रदेश भर में विशेष अभियान चला रही है। यह अभियान पहले 25 नवंबर से 25 दिसंबर, 2025 तक संचालित किया गया था और इसकी सफलता को देखते हुए इसे इस साल 15 जनवरी से 15 अप्रैल तक बढ़ाया गया है। अभियान के तहत 12 मार्च तक 17 लाख 94 हजार से अधिक आयुष्मान कार्ड बने हैं। यह अभियान स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से संचालित हो रहा है।
ग्राम स्तर पर स्वयंसेवकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के माध्यम से पात्र परिवारों का सत्यापन किया गया और मौके पर ही आयुष्मान कार्ड बनाए गए। बरेली ने 1,12,855 कार्ड बनाकर प्रदेश में पहले स्थान पर, जौनपुर ने 83,042 कार्ड बनाकर दूसरे, आगरा ने 76,702 कार्ड बनाकर तीसरे, प्रयागराज ने 74,252 कार्ड बनाकर चौथे और आजमगढ़ ने 70,266 कार्ड बनाकर पांचवें स्थान पर पहुंचा।
साचीज की एसीईओ डॉ. पूजा यादव ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और आंगनबाड़ी सहायिकाओं के परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में लगभग 4.28 लाख आशा कार्यकर्ता और उनके परिवार के सदस्य योजना के दायरे में आते हैं। इनमें से 12 मार्च तक करीब 3.24 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इस दौरान कुशीनगर में सबसे अधिक 6,620 कार्ड बनाए गए।
इसी प्रकार, लगभग 2.17 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और उनके परिवारों में से 1.53 लाख के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 64 हजार लाभार्थियों के कार्ड बनना बाकी हैं। अंबेडकरनगर में 3,176 कार्ड बनाए गए हैं।
साथ ही, 2.32 लाख आंगनबाड़ी सहायिकाओं और उनके परिवारों में से लगभग 1.51 लाख लोगों के कार्ड जारी किए गए हैं, जबकि 81 हजार लोगों के कार्ड बनना अभी बाकी हैं। अंबेडकरनगर में 3,077 कार्ड बनाए गए हैं। इसके अलावा, जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिन्हित निर्धन परिवार के सदस्यों का भी आयुष्मान कार्ड बनाया गया। इसमें वाराणसी में सबसे अधिक कार्ड बनाए गए हैं। इसके बाद हापुड़, बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में कार्ड बनाए गए हैं।