सीएम योगी का ऐलान: आंगनवाड़ी में 5,000 कार्यकत्रियों और 60,000 सहायिकाओं की भर्ती का लक्ष्य
सारांश
Key Takeaways
- 5,000 कार्यकत्रियों और 60,000 सहायिकाओं की भर्ती का लक्ष्य।
- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ।
- स्मार्टफोन और ग्रोथ मॉनिटरिंग उपकरणों का वितरण।
- आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा।
- आंगनवाड़ी में प्री-प्राइमरी स्कूल का संचालन।
लखनऊ, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित आंगनवाड़ी परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास समारोह में बताया कि इस वर्ष 5,000 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और 60,000 से अधिक सहायिकाओं की नियुक्ति का लक्ष्य रखा गया है।
नियुक्ति की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। साथ ही, 6 वर्ष से छोटे बच्चों की देखभाल करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, आयुष्मान भारत योजना के तहत 3 लाख से अधिक कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की व्यवस्थाओं पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, "पहले प्रदेश में पोषाहार वितरण पर शराब माफिया का नियंत्रण था। कुपोषित बच्चों और माताओं के हक पर डकैती डाली जाती थी। वर्तमान सरकार ने इस माफिया तंत्र को समाप्त कर पारदर्शी प्रणाली स्थापित की है, जिसके अंतर्गत अब आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को बिना सिफारिश नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं, साथ ही स्मार्टफोन और आधुनिक ग्रोथ मॉनिटरिंग उपकरणों की उपलब्धता से पोषण एवं बाल विकास कार्यक्रमों को डिजिटल और प्रभावी बनाया जा रहा है।"
सीएम योगी ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के पास स्मार्टफोन न होने के कारण उनके कार्य का रियल टाइम डाटा प्राप्त नहीं हो पाता था। डाटा अपलोड न होने के कारण हमारी रैंकिंग कम रहती थी। लखनऊ की तरह स्मार्टफोन वितरण का कार्यक्रम सभी जनपदों में होगा। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका और बड़ा होने वाला है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत 3 से 5 वर्ष के बच्चों के लिए भी आंगनवाड़ी केंद्र में प्री-प्राइमरी स्कूल का संचालन होगा। मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व में बेसिक शिक्षा के तहत चलने वाले 27,000 केंद्र भी आंगनवाड़ी को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को यशोदा मैया की उपाधि दी है।
उन्होंने कहा कि यशोदा मैया ने जिस भूमिका का निर्वहन कृष्ण कन्हैया के लिए किया था, वही भूमिका आज की आप लोगों की है। यह अपने आप में बड़ा सम्मान है। उस सम्मान की गरिमा की रक्षा करना और देश के भविष्य को गढ़ना, तराशना और उसकी नींव को मजबूत करना आपकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
सीएम ने कहा कि यदि नवजात सुपोषित और मां स्वस्थ है, तो भारत का भविष्य सशक्त है। इसी के लिए पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। इन प्रयासों में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं सारथी की भूमिका में रही हैं। इसलिए सफल परिणाम हमारे सामने हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 137 करोड़ की लागत से आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण किया जाएगा। बाल विकास परियोजना के कार्यालय भवनों का शिलान्यास भी किया गया है। 313 करोड़ की लागत से प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों और बाल विकास कार्यालयों का निर्माण हो चुका है, जिसका उद्घाटन एक साथ किया गया है। यह अभियान सुपोषित-साक्षर-सशक्त भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सीएम योगी ने कहा कि विपत्ति के समय में मैंने आंगनवाड़ी, आशा बहनों और एएनएम द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों को नजदीक से देखा है। कोरोना काल में फ्रंटलाइन के रूप में हमारी ये कार्यकत्रियां स्वयं को बचाते हुए दूसरों को सुरक्षित रखने का कार्य कर रही थीं।