21 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रांची में 17 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म और हत्या, आरोपी भागवत महतो गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रांची में 17 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म और हत्या, आरोपी भागवत महतो गिरफ्तार

सारांश

रांची के मुरी ओपी इलाके में 17 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने 23 वर्षीय भागवत महतो को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। SIT जांच जारी है और बीएनएस व पॉक्सो के तहत मुकदमा दर्ज।

मुख्य बातें

रांची के मुरी ओपी क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या का मामला 18 अक्टूबर 2026 को सामने आया।
आरोपी भागवत महतो उर्फ भगवान दास महतो , 23 वर्षीय, मारदू गांव निवासी को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
मामले में बीएनएस की संबंधित धाराओं और पॉक्सो अधिनियम के तहत कांड संख्या 66/2026 दर्ज।
रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक के आदेश पर डीएसपी मनीष चंद्र लाल के नेतृत्व में SIT गठित।
घटनास्थल से किशोरी का मोबाइल फोन, चप्पल और कपड़े बरामद; आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।

रांची के मुरी ओपी क्षेत्र में एक 17 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या के मामले में पुलिस ने 23 वर्षीय भागवत महतो उर्फ भगवान दास महतो को गिरफ्तार किया है। आरोपी मारदू गांव का निवासी है और पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार किया है।

घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला

किशोरी के पिता ने 18 अक्टूबर 2026 को मुरी ओपी में अपनी बेटी की गुमशुदगी की सूचना दी। परिजनों के अनुसार, किशोरी दोपहर करीब दो बजे यह कहकर घर से निकली थी कि वह पाँच मिनट में लौट आएगी। देर शाम तक न लौटने पर परिवार ने तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद शाम करीब 7.30 बजे पिता ने पुलिस को सूचना दी।

तलाशी अभियान के दौरान 18 अक्टूबर की रात करीब 9.35 बजे मारदू गांव के छापरगढ़ा स्थित जंगल-झाड़ियों के बीच किशोरी का शव बरामद किया गया।

मुकदमा और विशेष जांच टीम का गठन

पुलिस ने इस मामले में 19 अक्टूबर 2026 को सिल्ली-मुरी ओपी कांड संख्या 66/2026 अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध दर्ज किया। मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीण एसपी के निर्देशन में सिल्ली के पुलिस उपाधीक्षक मनीष चंद्र लाल के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की। इस टीम में सिल्ली डीएसपी, मुरी ओपी और सिल्ली थाने के अधिकारी-कर्मचारी, तकनीकी शाखा, स्निफर डॉग टीम तथा एफएसएल मोबाइल वैन की टीम शामिल रही।

आरोपी की गिरफ्तारी और साक्ष्य

पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर भागवत महतो को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने किशोरी को फोन कर बुलाने, उसके साथ आए छोटे भाई को पत्थर से घायल करने और उसके साथ अपराध करने की बात कथित तौर पर स्वीकार की।

आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से किशोरी का मोबाइल फोन, चप्पल और कपड़े सहित कई साक्ष्य बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।

आगे की कार्रवाई

एसआईटी मामले की आगे की जांच जारी रखेगी। यह ऐसे समय में सामने आया है जब झारखंड में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज है। पॉक्सो के तहत दर्ज होने से आरोपी को कठोर दंड का सामना करना पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिनमें एसआईटी का गठन तो होता है पर त्वरित न्याय की दर अब भी चिंताजनक है। पॉक्सो के कठोर प्रावधानों के बावजूद जमीनी निगरानी और पड़ोस-स्तर पर सुरक्षा तंत्र का अभाव बना हुआ है। तकनीकी साक्ष्य और स्वीकारोक्ति के आधार पर त्वरित गिरफ्तारी पुलिस की सक्रियता दर्शाती है, लेकिन असली परीक्षा अभियोजन की मजबूती और न्यायालय में दोषसिद्धि में होगी।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची मुरी ओपी दुष्कर्म-हत्या मामले में क्या हुआ?
रांची के मुरी ओपी क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या की गई। 18 अक्टूबर 2026 को किशोरी के लापता होने की सूचना पुलिस को दी गई और उसी रात उसका शव छापरगढ़ा के जंगल में मिला।
आरोपी भागवत महतो को कैसे पकड़ा गया?
पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर भागवत महतो को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने कथित तौर पर किशोरी को फोन पर बुलाने और अपराध करने की बात स्वीकार की।
मामले में कौन-सी धाराएं लगाई गई हैं?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम के तहत कांड संख्या 66/2026 दर्ज किया है। पॉक्सो अधिनियम के तहत नाबालिग के विरुद्ध यौन अपराध में कठोर दंड का प्रावधान है।
इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक के आदेश पर सिल्ली के डीएसपी मनीष चंद्र लाल के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। इसमें सिल्ली थाना, मुरी ओपी, तकनीकी शाखा, स्निफर डॉग टीम और एफएसएल मोबाइल वैन शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले