रांची में 17 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म और हत्या, आरोपी भागवत महतो गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
रांची के मुरी ओपी क्षेत्र में एक 17 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या के मामले में पुलिस ने 23 वर्षीय भागवत महतो उर्फ भगवान दास महतो को गिरफ्तार किया है। आरोपी मारदू गांव का निवासी है और पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार किया है।
घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला
किशोरी के पिता ने 18 अक्टूबर 2026 को मुरी ओपी में अपनी बेटी की गुमशुदगी की सूचना दी। परिजनों के अनुसार, किशोरी दोपहर करीब दो बजे यह कहकर घर से निकली थी कि वह पाँच मिनट में लौट आएगी। देर शाम तक न लौटने पर परिवार ने तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद शाम करीब 7.30 बजे पिता ने पुलिस को सूचना दी।
तलाशी अभियान के दौरान 18 अक्टूबर की रात करीब 9.35 बजे मारदू गांव के छापरगढ़ा स्थित जंगल-झाड़ियों के बीच किशोरी का शव बरामद किया गया।
मुकदमा और विशेष जांच टीम का गठन
पुलिस ने इस मामले में 19 अक्टूबर 2026 को सिल्ली-मुरी ओपी कांड संख्या 66/2026 अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध दर्ज किया। मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीण एसपी के निर्देशन में सिल्ली के पुलिस उपाधीक्षक मनीष चंद्र लाल के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की। इस टीम में सिल्ली डीएसपी, मुरी ओपी और सिल्ली थाने के अधिकारी-कर्मचारी, तकनीकी शाखा, स्निफर डॉग टीम तथा एफएसएल मोबाइल वैन की टीम शामिल रही।
आरोपी की गिरफ्तारी और साक्ष्य
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर भागवत महतो को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने किशोरी को फोन कर बुलाने, उसके साथ आए छोटे भाई को पत्थर से घायल करने और उसके साथ अपराध करने की बात कथित तौर पर स्वीकार की।
आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से किशोरी का मोबाइल फोन, चप्पल और कपड़े सहित कई साक्ष्य बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।
आगे की कार्रवाई
एसआईटी मामले की आगे की जांच जारी रखेगी। यह ऐसे समय में सामने आया है जब झारखंड में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज है। पॉक्सो के तहत दर्ज होने से आरोपी को कठोर दंड का सामना करना पड़ सकता है।