5 अक्टूबर 2026
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रानी दुर्गावती जयंती: राजनाथ सिंह, ओम बिरला समेत कई नेताओं ने किया नमन

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रानी दुर्गावती जयंती: राजनाथ सिंह, ओम बिरला समेत कई नेताओं ने किया नमन

सारांश

रानी दुर्गावती की जयंती पर देश के शीर्ष नेताओं ने उन्हें नमन किया — राजनाथ सिंह से लेकर योगी आदित्यनाथ तक। गोंडवाना की इस वीरांगना ने मुगल आक्रमण के सामने वीरगति को स्वीकार किया था, और उनकी विरासत आज भी राष्ट्रीय प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।

मुख्य बातें

5 अक्टूबर 2026 को रानी दुर्गावती की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा — रानी दुर्गावती का साहस और त्याग पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि उन्होंने स्वाधीनता से समझौते के बजाय वीरगति का चयन किया।
योगी आदित्यनाथ , नितिन गडकरी , रेखा गुप्ता और मोहन यादव ने भी अपने-अपने संदेश साझा किए।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्मरण किया कि रानी दुर्गावती ने बाज बहादुर और मुगल सेना को परास्त किया था।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत देश के कई वरिष्ठ नेताओं ने 5 अक्टूबर 2026 को महान वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। राजनाथ ने कहा कि रानी दुर्गावती का साहस, त्याग और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।

राजनाथ सिंह का संदेश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार सुबह एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि और कोटि-कोटि नमन। रानी दुर्गावती ने प्रजा के कल्याण और राज्य की समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी तथा जनहितकारी कार्यों को बढ़ावा दिया। उनका शासन प्रजावत्सलता, दूरदृष्टि और सुशासन की भावना से प्रेरित था।'

उन्होंने आगे कहा, 'अद्भुत शौर्य, अटूट स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अद्वितीय समर्पण की प्रतिमूर्ति रानी दुर्गावती ने मुगल आक्रमण के सामने अदम्य साहस के साथ अपने राज्य और प्रजा की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनका साहस, त्याग और आदर्श सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे।'

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की श्रद्धांजलि

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक्स पर अपनी श्रद्धांजलि में लिखा, 'रानी दुर्गावती जी का जीवन भारतीय इतिहास में वीरता, नेतृत्व, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की प्रेरणादायी गाथा है। उन्होंने अपने शासनकाल में गोंडवाना को सशक्त और समृद्ध बनाने के साथ-साथ एक कुशल प्रशासक एवं दूरदर्शी शासक के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की।'

बिरला ने आगे लिखा, 'जब मातृभूमि की स्वतंत्रता और सम्मान पर संकट आया, तब रानी दुर्गावती ने अद्भुत साहस के साथ शत्रु का सामना किया। मुगल सेना के आक्रमण का वीरतापूर्वक सामना करते हुए उन्होंने आत्मसम्मान और स्वाधीनता से समझौता करने के बजाय वीरगति का चयन किया।'

मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों के संदेश

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लिखा, 'साहस और पराक्रम की प्रतिमूर्ति, महान वीरांगना रानी दुर्गावती जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।' उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चंदेल वंश की वंशज रानी दुर्गावती का शौर्य व त्याग मातृशक्ति के अद्भुत सामर्थ्य का प्रतीक है और सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि रणभूमि में रानी दुर्गावती का पराक्रम और अंतिम क्षण तक न झुकने का साहस भारतीय नारी शक्ति की गौरवशाली पहचान है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्मरण किया कि रानी दुर्गावती ने बाज बहादुर की सेना को परास्त कर मुगलों को पीछे हटने पर विवश किया था।

रानी दुर्गावती का ऐतिहासिक महत्त्व

रानी दुर्गावती गोंडवाना की शासक थीं, जिन्होंने 16वीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य के विस्तारवाद का निडरता से सामना किया। गौरतलब है कि उनकी जयंती हर वर्ष 5 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्तर पर मनाई जाती है और उन्हें भारतीय इतिहास में स्त्री-शक्ति के प्रतीक के रूप में सम्मानित किया जाता है। मध्य प्रदेश में उनके नाम पर विश्वविद्यालय और अनेक संस्थाएँ स्थापित हैं, जो उनकी विरासत को जीवित रखती हैं।

यह ऐसे समय में विशेष महत्त्व रखता है जब देश में ऐतिहासिक नायिकाओं के योगदान को राष्ट्रीय चेतना में पुनर्स्थापित करने की कोशिश तेज़ हुई है। रानी दुर्गावती की विरासत आज भी मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में गहरी जड़ें रखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह संकेत देता है कि क्षेत्रीय इतिहास नायिकाएँ अब राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में सक्रिय प्रतीक बन रही हैं। सवाल यह है कि क्या यह जयंती-केंद्रित स्मरण, पाठ्यक्रम सुधार या संस्थागत प्रतिबद्धता में भी तब्दील होगा — या हर वर्ष की तरह सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रानी दुर्गावती कौन थीं?
रानी दुर्गावती गोंडवाना की शासक थीं, जिन्होंने 16वीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य के विस्तारवाद का डटकर मुकाबला किया और स्वाधीनता से समझौते के बजाय वीरगति को स्वीकार किया। वे चंदेल वंश की वंशज थीं और भारतीय इतिहास में स्त्री-शौर्य की प्रतीक मानी जाती हैं।
रानी दुर्गावती की जयंती कब मनाई जाती है?
रानी दुर्गावती की जयंती प्रतिवर्ष 5 अक्टूबर को मनाई जाती है। इस वर्ष 5 अक्टूबर 2026 को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
राजनाथ सिंह ने रानी दुर्गावती के बारे में क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा कि रानी दुर्गावती का शासन प्रजावत्सलता, दूरदृष्टि और सुशासन की भावना से प्रेरित था और उन्होंने मुगल आक्रमण के सामने अदम्य साहस दिखाया। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का साहस, त्याग और आदर्श सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती के बारे में क्या कहा?
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने याद दिलाया कि रानी दुर्गावती ने बाज बहादुर की सेना को परास्त कर मुगलों को पीछे हटने पर विवश किया था। उन्होंने कहा कि रानी का पराक्रम सदैव देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।
रानी दुर्गावती का गोंडवाना से क्या संबंध है?
रानी दुर्गावती गोंडवाना साम्राज्य की शासक थीं, जो वर्तमान मध्य प्रदेश के एक बड़े हिस्से में फैला था। उन्होंने अपने शासनकाल में गोंडवाना को सशक्त और समृद्ध बनाया तथा एक कुशल प्रशासक के रूप में अपनी पहचान बनाई।
राष्ट्र प्रेस
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