रानी दुर्गावती जयंती: राजनाथ सिंह, ओम बिरला समेत कई नेताओं ने किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत देश के कई वरिष्ठ नेताओं ने 5 अक्टूबर 2026 को महान वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। राजनाथ ने कहा कि रानी दुर्गावती का साहस, त्याग और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।
राजनाथ सिंह का संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार सुबह एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि और कोटि-कोटि नमन। रानी दुर्गावती ने प्रजा के कल्याण और राज्य की समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी तथा जनहितकारी कार्यों को बढ़ावा दिया। उनका शासन प्रजावत्सलता, दूरदृष्टि और सुशासन की भावना से प्रेरित था।'
उन्होंने आगे कहा, 'अद्भुत शौर्य, अटूट स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अद्वितीय समर्पण की प्रतिमूर्ति रानी दुर्गावती ने मुगल आक्रमण के सामने अदम्य साहस के साथ अपने राज्य और प्रजा की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनका साहस, त्याग और आदर्श सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे।'
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की श्रद्धांजलि
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक्स पर अपनी श्रद्धांजलि में लिखा, 'रानी दुर्गावती जी का जीवन भारतीय इतिहास में वीरता, नेतृत्व, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की प्रेरणादायी गाथा है। उन्होंने अपने शासनकाल में गोंडवाना को सशक्त और समृद्ध बनाने के साथ-साथ एक कुशल प्रशासक एवं दूरदर्शी शासक के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की।'
बिरला ने आगे लिखा, 'जब मातृभूमि की स्वतंत्रता और सम्मान पर संकट आया, तब रानी दुर्गावती ने अद्भुत साहस के साथ शत्रु का सामना किया। मुगल सेना के आक्रमण का वीरतापूर्वक सामना करते हुए उन्होंने आत्मसम्मान और स्वाधीनता से समझौता करने के बजाय वीरगति का चयन किया।'
मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों के संदेश
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लिखा, 'साहस और पराक्रम की प्रतिमूर्ति, महान वीरांगना रानी दुर्गावती जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।' उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चंदेल वंश की वंशज रानी दुर्गावती का शौर्य व त्याग मातृशक्ति के अद्भुत सामर्थ्य का प्रतीक है और सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि रणभूमि में रानी दुर्गावती का पराक्रम और अंतिम क्षण तक न झुकने का साहस भारतीय नारी शक्ति की गौरवशाली पहचान है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्मरण किया कि रानी दुर्गावती ने बाज बहादुर की सेना को परास्त कर मुगलों को पीछे हटने पर विवश किया था।
रानी दुर्गावती का ऐतिहासिक महत्त्व
रानी दुर्गावती गोंडवाना की शासक थीं, जिन्होंने 16वीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य के विस्तारवाद का निडरता से सामना किया। गौरतलब है कि उनकी जयंती हर वर्ष 5 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्तर पर मनाई जाती है और उन्हें भारतीय इतिहास में स्त्री-शक्ति के प्रतीक के रूप में सम्मानित किया जाता है। मध्य प्रदेश में उनके नाम पर विश्वविद्यालय और अनेक संस्थाएँ स्थापित हैं, जो उनकी विरासत को जीवित रखती हैं।
यह ऐसे समय में विशेष महत्त्व रखता है जब देश में ऐतिहासिक नायिकाओं के योगदान को राष्ट्रीय चेतना में पुनर्स्थापित करने की कोशिश तेज़ हुई है। रानी दुर्गावती की विरासत आज भी मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में गहरी जड़ें रखती है।