रानी अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर नेताओं ने श्रद्धांजलि दी, साहस और राष्ट्रभक्ति को किया सम्मानित

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रानी अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर नेताओं ने श्रद्धांजलि दी, साहस और राष्ट्रभक्ति को किया सम्मानित

सारांश

रानी अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर विभिन्न नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साहस और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए, सभी ने उनकी महानता को सराहा।

Key Takeaways

  • रानी अवंतीबाई लोधी का बलिदान स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण है।
  • उनका साहस और नेतृत्व आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं।
  • राजनीतिक नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
  • 1857 की क्रांति में उनका योगदान अद्वितीय है।
  • राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का प्रतीक हैं।

नई दिल्ली, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 1857 के पहले स्वतंत्रता संग्राम की अद्वितीय वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर देश के विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और कई अन्य जनप्रतिनिधियों ने उनके अदम्य साहस, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा, "1857 के पहले स्वतंत्रता संग्राम की महान वीरांगना, राष्ट्र-स्वाभिमान की अमर प्रतीक रानी अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर मेरी ओर से विनम्र श्रद्धांजलि। मातृभूमि की रक्षा हेतु उनका अद्वितीय साहस, नेतृत्व और सर्वोच्च बलिदान भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उनका जीवन नारी शक्ति और राष्ट्रभक्ति का प्रेरक उदाहरण है।"

रानी अवंतीबाई लोधी की पुण्यतिथि पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने लिखा, "1857 की क्रांति की प्रणेता, महान वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें सादर नमन।"

केंद्रीय राज्य मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा, "1857 की क्रांति में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाली महान वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर कोटि-कोटि नमन। उनके अद्वितीय साहस, निडर संघर्ष और असाधारण बलिदान को देश सदैव याद रखेगा।"

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भी रानी अवंतीबाई लोधी को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने लिखा, "1857 की क्रांति में मुक्ति आंदोलन की अग्रदूत, महान वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।"

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी 'एक्स' पर लिखा, "अदम्य साहस और शौर्य की प्रतीक 1857 स्वतंत्रता संग्राम की अमर 'वीरांगना' रानी अवंतीबाई लोधी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। मातृभूमि की रक्षा के लिए उनके अतुलनीय पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान का इतिहास सदैव राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान एवं साहस की प्रेरणा देता रहेगा।"

उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, "मातृभूमि के स्वाभिमान की प्रतीक, अदम्य साहस और वीरता की प्रेरणा महान स्वतंत्रता सेनानी वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। 1857 के पहले स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाते हुए रानी अवंतीबाई लोधी जी ने अपने शौर्य, पराक्रम और दृढ़ संकल्प से अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी और राष्ट्र के सम्मान के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया।"

उन्होंने आगे लिखा, "रानी अवंतीबाई लोधी की अमर गाथा, त्याग और बलिदान आज भी प्रत्येक देशवासी को राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। ऐसी महान वीरांगना को शत-शत नमन।"

हरियाणा सरकार में खेल मंत्री गौरव गौतम ने भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, "1857 की क्रांति में जब भारत माता पराधीनता की बेड़ियों में जकड़ी थी, तब रामगढ़ की इस वीर बेटी ने तलवार उठाई और अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी। दुश्मन के हाथ न आएं, इसलिए उन्होंने स्वयं अपने प्राण दे दिए। यही था उनका अटल स्वाभिमान। रानी अवंतीबाई लोधी जी ने सिखाया, मातृभूमि का सम्मान जीवन से भी बड़ा होता है। उनकी शौर्यगाथा आज भी हर भारतीय के हृदय में जीवित है और भावी पीढ़ियों को सदा प्रेरित करती रहेगी।

Point of View

बल्कि यह नारी शक्ति और साहस का प्रतीक भी है। विभिन्न नेताओं द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना इस बात का प्रमाण है कि उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है।
NationPress
21/03/2026

Frequently Asked Questions

रानी अवंतीबाई लोधी कौन थीं?
रानी अवंतीबाई लोधी 1857 के पहले स्वतंत्रता संग्राम की एक प्रमुख वीरांगना थीं।
रानी अवंतीबाई लोधी का बलिदान किस दिन मनाया जाता है?
रानी अवंतीबाई लोधी का बलिदान दिवस हर साल 20 मार्च को मनाया जाता है।
क्या रानी अवंतीबाई लोधी ने स्वतंत्रता संग्राम में कोई महत्वपूर्ण भूमिका निभाई?
हाँ, रानी अवंतीबाई लोधी ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ीं।
कौन से नेता रानी अवंतीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा सहित कई नेता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
रानी अवंतीबाई लोधी की गाथा आज भी क्यों याद की जाती है?
उनकी गाथा आज भी नारी शक्ति और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक मानी जाती है और यह प्रेरणा देती है।
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