रानी दुर्गावती बलिदान दिवस: सीएम योगी, रेखा गुप्ता, भजनलाल समेत 6 मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
24 जून को गोंडवाना साम्राज्य की महान वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर देशभर के नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर वीरांगना को नमन किया।
मुख्य घटनाक्रम
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'अदम्य साहस, शौर्य और नारी शक्ति की प्रतीक, वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि। मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान के लिए मुगलों के विरुद्ध उनके द्वारा किया गया संघर्ष युगों-युगों तक भारतीय समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।'
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'नारी शक्ति की प्रतीक, वीरता और स्वाभिमान की प्रतिमूर्ति वीरांगना रानी दुर्गावती जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। मातृभूमि की रक्षा के लिए आपका अदम्य साहस, त्याग और बलिदान सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा।'
राजस्थान, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों का नमन
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान और अद्वितीय साहस युगों-युगों तक राष्ट्रभक्ति एवं आत्मसम्मान की प्रेरणा देता रहेगा।'
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर लिखा, 'मातृभूमि की रक्षा हेतु अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाली, नारी शक्ति और शौर्य की अद्वितीय प्रतीक महान वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनका अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति सदैव प्रेरणा देती रहेगी।'
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, 'भारतीय अस्मिता, स्वाभिमान और अदम्य पराक्रम की प्रतीक महान वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर उन्हें सादर नमन। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए राष्ट्र और स्वाभिमान की रक्षा को सर्वोपरि रखा। आने वाली पीढ़ियां उनके शौर्य और त्याग को हमेशा याद रखेंगी।'
बिहार के मुख्यमंत्री की श्रद्धांजलि
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रानी दुर्गावती को नमन करते हुए कहा कि उनका अदम्य साहस, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति सदैव अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े रहने की प्रेरणा देता रहेगा।
रानी दुर्गावती का ऐतिहासिक महत्व
गौरतलब है कि रानी दुर्गावती गोंडवाना साम्राज्य की शासक थीं, जिन्होंने 24 जून 1564 को मुगल सेनापति आसफ खान के विरुद्ध युद्ध करते हुए वीरगति प्राप्त की थी। मातृभूमि की रक्षा के लिए उनका यह सर्वोच्च बलिदान भारतीय इतिहास में नारी शौर्य का अमर प्रतीक बना हुआ है। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक हो जाता है जब देश में नारी सशक्तिकरण की चर्चा राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में है।
विभिन्न दलों के मुख्यमंत्रियों द्वारा एक साथ श्रद्धांजलि देना यह दर्शाता है कि रानी दुर्गावती की विरासत राजनीतिक सीमाओं से परे एक राष्ट्रीय प्रेरणा बनी हुई है।