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रानी लक्ष्मीबाई पुण्यतिथि 2026: योगी, रेखा गुप्ता समेत देशभर के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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रानी लक्ष्मीबाई पुण्यतिथि 2026: योगी, रेखा गुप्ता समेत देशभर के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

18 जून को रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर पाँच राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी। योगी, रेखा गुप्ता, भजनलाल, सम्राट चौधरी और नायब सैनी ने उन्हें प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अमर वीरांगना और भारतीय नारी शक्ति का प्रतीक बताया।

मुख्य बातें

18 जून 2026 को रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुए।
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने रानी को भारतीय नारी शक्ति का अमर प्रतीक बताया।
उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्हें प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अमर वीरांगना कहा।
राजस्थान सीएम भजनलाल शर्मा , बिहार सीएम सम्राट चौधरी और हरियाणा सीएम नायब सैनी ने भी एक्स पर श्रद्धांजलि दी।
रानी लक्ष्मीबाई ने 18 जून 1858 को ग्वालियर के निकट अंग्रेजी सेना से लड़ते हुए बलिदान दिया था।

18 जून 2026 को रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर देशभर के मुख्यमंत्रियों और नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने रानी लक्ष्मीबाई को भारतीय नारी शक्ति और स्वाभिमान का अमर प्रतीक बताया। इन नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की इस वीरांगना के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की श्रद्धांजलि

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'स्वतंत्रता संग्राम की महानायिका, शौर्य और पराक्रम की प्रतिमूर्ति रानी लक्ष्मीबाई जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। उनका अदम्य साहस, वीरता और मातृभूमि के प्रति समर्पण भारतीय नारी शक्ति का अमर प्रतीक है।' उन्होंने आगे कहा कि अंग्रेजी शासन के विरुद्ध रानी का संघर्ष और सर्वोच्च बलिदान स्वाभिमान एवं राष्ट्रप्रेम की प्रेरणादायी गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों को साहस और राष्ट्रसेवा के लिए सदैव प्रेरित करती रहेगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ का नमन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रानी लक्ष्मीबाई को 'प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अमर वीरांगना' बताते हुए एक्स पर लिखा, 'अदम्य साहस और पराक्रम की प्रतीक रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर शत-शत नमन। मातृभूमि की स्वाधीनता हेतु उनका सर्वोच्च बलिदान और अद्वितीय शौर्य भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।' गौरतलब है कि झाँसी उत्तर प्रदेश में ही स्थित है, जहाँ रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के विरुद्ध अपना ऐतिहासिक संघर्ष लड़ा था।

राजस्थान, बिहार और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का संघर्ष, त्याग और पराक्रम भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्याय हैं। उन्होंने रानी को 'अदम्य साहस, अद्वितीय शौर्य और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की प्रतीक' बताया।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए रानी का अद्वितीय बलिदान और शौर्य आज भी प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति के लिए प्रेरित करता है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि रानी का शौर्य, त्याग और संघर्ष आज भी प्रत्येक भारतीय के हृदय में राष्ट्रप्रेम की ज्योति प्रज्वलित करता है।

रानी लक्ष्मीबाई का ऐतिहासिक महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब देश 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को राष्ट्रीय चेतना के केंद्र में रखने की परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रहा है। रानी लक्ष्मीबाई ने 18 जून 1858 को ग्वालियर के समीप अंग्रेजी सेना से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनका जीवन-संघर्ष भारतीय नारी सशक्तिकरण के विमर्श में आज भी केंद्रीय स्थान रखता है।

आगे की दिशा

प्रतिवर्ष 18 जून को मनाए जाने वाले इस बलिदान दिवस पर देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। झाँसी और ग्वालियर में विशेष आयोजनों की परंपरा रही है। नेताओं की इस सामूहिक श्रद्धांजलि से स्पष्ट है कि रानी लक्ष्मीबाई की विरासत राजनीतिक और सामाजिक दोनों धाराओं में प्रेरणास्रोत बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की योजनाओं में रानी की विरासत को वास्तविक धरातल पर उतारने की ज़िम्मेदारी उन्हीं नेताओं की है जो आज श्रद्धांजलि दे रहे हैं। प्रतीकात्मक नमन और ठोस नीतिगत कदम के बीच की खाई को पाटना ही रानी लक्ष्मीबाई को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस कब मनाया जाता है?
रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस प्रतिवर्ष 18 जून को मनाया जाता है। उन्होंने 18 जून 1858 को ग्वालियर के निकट अंग्रेजी सेना से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी।
रानी लक्ष्मीबाई को नारी शक्ति का प्रतीक क्यों कहा जाता है?
रानी लक्ष्मीबाई ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध अदम्य साहस के साथ युद्ध किया और सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका यह संघर्ष भारतीय नारी के स्वाभिमान, वीरता और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बन गया, जो आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।
18 जून 2026 को किन नेताओं ने रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि दी?
18 जून 2026 को दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता, उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ, राजस्थान सीएम भजनलाल शर्मा, बिहार सीएम सम्राट चौधरी और हरियाणा सीएम नायब सैनी ने एक्स पर पोस्ट कर रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित की।
रानी लक्ष्मीबाई का 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में क्या योगदान था?
रानी लक्ष्मीबाई ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में झाँसी की रक्षा के लिए अंग्रेजी सेना से सशस्त्र संघर्ष किया। उन्होंने अपनी सेना का नेतृत्व करते हुए अंतिम सांस तक लड़ाई जारी रखी और भारतीय इतिहास में वीरता का अमर अध्याय लिखा।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने रानी लक्ष्मीबाई के बारे में क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रानी लक्ष्मीबाई को 'प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अमर वीरांगना' बताते हुए कहा कि मातृभूमि की स्वाधीनता हेतु उनका सर्वोच्च बलिदान और अद्वितीय शौर्य भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।
राष्ट्र प्रेस
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