क्या राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जालंधर में एनआईटी के 21वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगी?
सारांश
Key Takeaways
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जालंधर दौरा महत्वपूर्ण है।
- एनआईटी के 21वें दीक्षांत समारोह में 1,452 विद्यार्थियों को डिग्रियां दी जाएंगी।
- 31 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल मिलेगा।
- जालंधर को 'नो फ्लाइंग जोन' घोषित किया गया है।
- समारोह में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
जालंधर, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने पंजाब दौरे के दूसरे दिन जालंधर स्थित डॉ. बी.आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के 21वें दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी। राष्ट्रपति का यह दौरा न सिर्फ संस्थान बल्कि पूरे शहर के लिए भी गर्व का विषय बना हुआ है।
राष्ट्रपति मुर्मू जालंधर के ऐतिहासिक समारोह में संस्थान के मेधावी विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान करेंगी। जानकारी के अनुसार, कुल 1,452 विद्यार्थियों को स्नातक (बी.टेक), स्नातकोत्तर (एम.टेक, एमबीए, एम.एससी) और पीएचडी की डिग्रियां सौंपी जाएंगी। इसके अलावा, शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 31 छात्र-छात्राओं को राष्ट्रपति के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त करने का सौभाग्य मिलेगा।
जालंधर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के समय उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, जालंधर को 'नो फ्लाइंग जोन' घोषित किया गया है। इस दौरान जिले की सीमा में ड्रोन, रिमोट से चलने वाले एयरक्राफ्ट, निजी हेलिकॉप्टर और हॉट एयर बैलून उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समारोह के सफल आयोजन के लिए परिसर में सुरक्षा एजेंसियों की भी मौजूदगी है। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष रूट प्लान तैयार किया गया है, ताकि आम जनता को असुविधा न हो।
इससे पहले, गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अमृतसर में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। राष्ट्रपति ने छात्रों को याद दिलाया कि शिक्षा सिर्फ जीविका का साधन नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का भी साधन है। उन्होंने कहा कि जिस समाज ने उन्हें शिक्षा प्रदान की है, उसके प्रति वे ऋणी हैं। विकास की राह में पिछड़ चुके लोगों के उत्थान की कोशिश करना इस ऋण को चुकाने का एक तरीका हो सकता है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय की स्थापना श्री गुरु नानक देव जी की 500वीं जयंती के अवसर पर हुई है और उनके उपदेश व मूल्य इस विश्वविद्यालय के मार्गदर्शक सिद्धांत हैं। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय गुरु नानक देव की शिक्षाओं के अनुरूप महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत है, जो दीक्षांत समारोह में डिग्री और पदक प्राप्त करने वाली छात्राओं की अधिकता से स्पष्ट है।