रतन टाटा की पुण्यतिथि पर CM योगी, रेखा गुप्ता समेत नेताओं का नमन; 'परिश्रम और सेवा की विरासत'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली — 'पद्म विभूषण' रतन टाटा की पुण्यतिथि पर 9 अक्टूबर 2026 को देशभर के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनके जीवन को परिश्रम, विनम्रता और सेवा की अनुकरणीय मिसाल बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर श्रद्धांजलि संदेशों की झड़ी लग गई।
योगी आदित्यनाथ की श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'भारत के महान उद्योगपति, पद्म विभूषण रतन टाटा की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। उद्योग, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व को साथ लेकर चलने वाला उनका जीवन परिश्रम, विनम्रता और सेवा की अनुकरणीय विरासत है।' योगी ने रतन टाटा को उद्योग जगत और समाजसेवा दोनों क्षेत्रों में एक अद्वितीय व्यक्तित्व करार दिया।
रेखा गुप्ता और अन्य नेताओं के संदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि रतन टाटा ने 'दूरदर्शी नेतृत्व, नवाचार और उत्कृष्टता के प्रति समर्पण से भारतीय उद्योग जगत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया और विश्व पटल पर भारत का गौरव बढ़ाया।' उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्र निर्माण, रोज़गार सृजन और समाज कल्याण में उनका योगदान 'सदैव प्रेरणा देता रहेगा।'
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने लिखा कि रतन टाटा ने 'यह सिद्ध किया कि सफलता का वास्तविक अर्थ केवल ऊँचाइयाँ छूना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।' सिरसा ने शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण में रतन टाटा के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया।
बिहार BJP और उत्तराखंड से भी श्रद्धांजलि
बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने लिखा कि रतन टाटा का 'राष्ट्र निर्माण, समाजसेवा और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।' उत्तराखंड सरकार में मंत्री गणेश जोशी ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि रतन टाटा के 'आदर्श और अमूल्य योगदान आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।'
रतन टाटा की विरासत
गौरतलब है कि रतन टाटा ने टाटा समूह को एक वैश्विक औद्योगिक साम्राज्य में परिवर्तित किया और अपने परोपकारी कार्यों के लिए भी सदैव पहचाने गए। उनके नेतृत्व में टाटा ट्रस्ट ने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए। पुण्यतिथि के अवसर पर विभिन्न राज्यों के नेताओं द्वारा एक साथ श्रद्धांजलि देना यह दर्शाता है कि उनकी विरासत राजनीतिक सीमाओं से परे है।
देशभर से आ रहे ये संदेश इस बात का प्रमाण हैं कि रतन टाटा का प्रभाव आज भी उतना ही गहरा है — और उनके मूल्यों को भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत माना जाता रहेगा।