6 अगस्त 2026
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छत्तीसगढ़: 21 साल की रत्ना ने आधुनिक खेती से कमाई के नए आयाम स्थापित किए

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छत्तीसगढ़: 21 साल की रत्ना ने आधुनिक खेती से कमाई के नए आयाम स्थापित किए

सारांश

रत्ना मजूमदार ने सरगुजा में आधुनिक खेती की मिसाल पेश की है। उनकी गेंदे के फूल की खेती ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार किया, बल्कि अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है। जानिए कैसे रत्ना ने लोन लेकर अपने सपनों को साकार किया।

मुख्य बातें

आधुनिक खेती : रत्ना ने आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया।
महिलाओं की भूमिका : महिलाओं को खेती में भागीदारी करनी चाहिए।
लोन का महत्व : लोन से महिलाएं अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकती हैं।
उत्पादन की गति : तीन महीने में फसल तैयार होती है।
प्रेरणा : रत्ना की कहानी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है।

सरगुजा, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सरगुजा के डिगमा गांव की निवासी रत्ना मजूमदार ने शादी के बाद अपने परिवार की खेती को एक नया मोड़ दिया। रत्ना ने नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन की महिला समूह से जुड़कर लोन प्राप्त किया और दो एकड़ में गेंदे के फूल की खेती की शुरुआत की।

गेंदे के फूल की खेती में प्रति एकड़ लगभग एक लाख रुपये की लागत आती है, जबकि उत्पादन दो लाख रुपये तक पहुंच जाता है। इसका मतलब है कि मुनाफा लगभग 50 से 60 प्रतिशत है। खास बात यह है कि तीन महीने में एक फसल तैयार हो जाती है और साल में चार बार उत्पादन मिलता है। रत्ना मजूमदार का कहना है कि ड्रिप इरीगेशन जैसी आधुनिक तकनीकों ने खेती को आसान बना दिया है और युवाओं को खेती की ओर आना चाहिए।

उन्होंने बताया कि शादी के बाद जब वे ससुराल आईं, तो देखा कि उनके ससुराल वाले फूलों की छोटी खेती करते थे। मां महामाया समूह में जुड़ने के बाद, उन्होंने देखा कि वहां से लोन लेकर सभी महिलाएं अपने काम को आगे बढ़ाती हैं। उन्होंने भी समूह से लोन लिया और इस काम को आगे बढ़ाया। पहले वे छोटे पैमाने पर करते थे, अब वे दो-तीन एकड़ में करते हैं।

उन्होंने कहा कि उनकी लागत डेढ़ से दो लाख रुपये तक होती है और मुनाफा 50 प्रतिशत तक आता है। गेंदे के फूल की खेती के लिए पौधे कोलकाता से आते हैं। वे उन लोगों से पौधे खरीदते हैं और अपने खेतों में लगाते हैं। पहले महीने में इसका फूल आ जाता है और ये फूल तीन महीने तक लगातार चलते हैं। इसके बाद, वे इसे हटाकर नए पौधे लगाते हैं। रत्ना ने पीएम मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि महिलाओं को लोन देकर आगे बढ़ाने के लिए वे उन्हें धन्यवाद देती हैं। उन्होंने सभी महिलाओं से अपील की कि वे भी समूह में जुड़ें और अपने छोटे-मोटे काम को आगे बढ़ाएं। आधुनिक तकनीक के साथ खेती करने से यह रोजगार का बड़ा जरिया बन सकता है। सरगुजा से यह कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रत्ना ने खेती में क्या नया किया?
रत्ना ने गेंदे के फूल की खेती शुरू की और आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रिप इरीगेशन का उपयोग किया।
रत्ना ने लोन कैसे प्राप्त किया?
रत्ना ने नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन की महिला समूह से जुड़कर लोन लिया।
गेंदे के फूल की खेती में कितना मुनाफा होता है?
गेंदे के फूल की खेती में 50 से 60 प्रतिशत तक मुनाफा होता है।
रत्ना ने अन्य महिलाओं को क्या सलाह दी?
रत्ना ने सभी महिलाओं से अपील की कि वे भी समूह में जुड़कर अपने छोटे-मोटे काम को आगे बढ़ाएं।
गेंदे के फूल की खेती के लिए पौधे कहां से आते हैं?
गेंदे के फूल के पौधे कोलकाता से आते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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