अखिलेश यादव ने नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने पर किया कटाक्ष, कहा- हम चाहते थे प्रधानमंत्री बनें
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
- राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव की संभावना
- इफ्तार पार्टी का महत्व और भारतीय संस्कृति
- युद्ध के प्रति समाजवादी पार्टी का दृष्टिकोण
लखनऊ, ६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने के निर्णय पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हम तो चाहते थे कि वे प्रधान मंत्री बनें, लेकिन अब वे राज्यसभा के सदस्य बनकर रिटायर हो जाएंगे।
अखिलेश यादव लखनऊ में आयोजित एक इफ्तार पार्टी में शामिल होने पहुंचे थे। यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि जो लोग राजनीति को समझते हैं, वे जानते हैं कि भारतीय जनता पार्टी क्या करने जा रही है। हमने पहले भी कहा था कि हम सब मिलकर चाहते थे कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनें, लेकिन अब वह राज्यसभा के सदस्य के रूप में रिटायर होंगे।
पश्चिम बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस के इस्तीफे पर सपा प्रमुख ने कहा कि कौन जानता है कि इसके बाद और कितने इस्तीफे होंगे। बंगाल और यूपी के चुनाव के बाद और ज्यादा इस्तीफे होंगे।
इफ्तार पार्टी के संदर्भ में सपा प्रमुख ने कहा कि मैं मौलाना साहब को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने हमें रोज़ा इफ्तार मनाने का अवसर दिया। यह हमारी भारतीय संस्कृति की झलक है, जहां हम एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होते हैं। यह मिलकर मनाने वाला उत्सव हमारी गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है, जहां विभिन्न विचार, धर्म और समुदाय एक साथ शांति से रहते हैं।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मामले पर अखिलेश यादव ने कहा कि मैं देश के सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि अगर आज शंकराचार्य के साथ ऐसा बर्ताव हो रहा है तो कल किसी और के साथ भी हो सकता है। यह सरकार डर दिखाकर काम कर रही है। शंकराचार्य को कितनी पीड़ा हुई होगी, जब उन पर झूठे मुकदमे लगे होंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार में शंकराचार्य को अपमान नहीं सहना पड़ा होगा।
एक सवाल के जवाब में सपा प्रमुख ने कहा कि हम युद्ध के पक्ष में नहीं हैं। समाजवादी पार्टी ने कभी भी युद्ध का समर्थन नहीं किया है। युद्ध से नुकसान और तबाही होती है और इसके परिणाम हमेशा दुखद होते हैं। हम युद्ध के खिलाफ हैं।