रियासी में बड़ी कार्रवाई: कुख्यात ड्रग तस्कर PIT-NDPS एक्ट में गिरफ्तार, भद्रवाह जेल में बंद

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रियासी में बड़ी कार्रवाई: कुख्यात ड्रग तस्कर PIT-NDPS एक्ट में गिरफ्तार, भद्रवाह जेल में बंद

सारांश

रियासी पुलिस ने PIT-NDPS अधिनियम के तहत कुख्यात ड्रग तस्कर सुंदर सिंह उर्फ विशाल को गिरफ्तार कर भद्रवाह जेल भेजा। नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत एसएसपी मुकुंद तिबरेवाल के निर्देशन में हुई यह कार्रवाई ड्रग माफिया के खिलाफ पुलिस की सख्त मुहिम का हिस्सा है।

Key Takeaways

  • रियासी पुलिस ने 24 अप्रैल 2026 को कुख्यात ड्रग तस्कर सुंदर सिंह उर्फ विशाल (31) को PIT-NDPS अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया।
  • आरोपी को डिवीजनल कमिश्नर जम्मू के आदेश पर डिस्ट्रिक्ट जेल भद्रवाह में रखा गया है।
  • आरोपी पर विभिन्न पुलिस थानों में एकाधिक NDPS मामले दर्ज थे और बार-बार चेतावनी के बावजूद वह नशा बेचता रहा।
  • जांच एसएसपी मुकुंद तिबरेवाल (आईपीएस) के निर्देशन में इंस्पेक्टर खियातिमान खगुरिया की टीम ने की।
  • रियासी पुलिस ने एंटी ड्रग हेल्पलाइन 9070907017 शुरू की है जहाँ मुखबिरों की पहचान गोपनीय रहेगी।
  • नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत जागरूकता और कड़ी कानूनी कार्रवाई दोनों मोर्चों पर एक साथ काम जारी है।

जम्मू, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में पुलिस ने नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात ड्रग तस्कर सुंदर सिंह उर्फ विशाल (31 वर्ष) को PIT-NDPS अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया है। आरोपी को डिस्ट्रिक्ट जेल भद्रवाह में रखा गया है। 24 अप्रैल 2026 को जारी आदेश के तहत यह कार्रवाई की गई, जो क्षेत्र में ड्रग माफिया के खिलाफ पुलिस की कड़ी मुहिम का हिस्सा है।

कौन है आरोपी और क्या है पूरा मामला?

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुंदर सिंह उर्फ विशाल, पुत्र सुंदर सिंह, निवासी पलापड़ी, चिंकाह के रूप में हुई है। वह 31 वर्षीय यह शख्स पहले से ही विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज एकाधिक NDPS मामलों में वांछित था।

पुलिस के अनुसार, NDPS अधिनियम के तहत बार-बार मामले दर्ज होने और पुलिस की ओर से कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद आरोपी ने अपनी अवैध गतिविधियाँ बंद नहीं कीं। वह धन के लालच में स्थानीय युवाओं को प्रतिबंधित नशीले पदार्थ बेचता रहा।

आरोपी को डिवीजनल कमिश्नर, जम्मू द्वारा जारी आदेश संख्या 2026 के 12, दिनांक 24 अप्रैल के तहत हिरासत में लिया गया। यह आदेश PIT-NDPS अधिनियम की उस धारा के अंतर्गत आता है जो आदतन तस्करों के खिलाफ निवारक हिरासत की अनुमति देता है।

एसएसपी के निर्देश पर हुई जांच और टीम की भूमिका

इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व एसएसपी रियासी मुकुंद तिबरेवाल (आईपीएस) के निर्देशन में किया गया। जांच परिवीक्षाधीन सब-इंस्पेक्टर राहुल जमवाल ने की, जो थाना रियासी के इंस्पेक्टर खियातिमान खगुरिया की अगुवाई वाली टीम का हिस्सा थे।

पूरी प्रक्रिया की निगरानी डिप्टी एसपी हेडक्वार्टर्स रियासी विशाल ने की। पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई जिले में ड्रग नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर: बहुआयामी रणनीति पर काम

एसएसपी मुकुंद तिबरेवाल ने बताया कि पुलिस दो मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है — एक तरफ जिले भर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ ड्रग तस्करों के खिलाफ नियमित रूप से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

रियासी पुलिस ने एंटी ड्रग हेल्पलाइन नंबर 9070907017 भी लॉन्च किया है। इस हेल्पलाइन पर सूचना देने वाले मुखबिरों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि आम नागरिक निडर होकर ड्रग तस्करों की जानकारी दे सकें।

एसएसपी रियासी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि रियासी में ड्रग तस्करों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने युवाओं का भविष्य बर्बाद करने में लिप्त लोगों को मुख्यधारा में लौटने की नसीहत दी, अन्यथा उनके खिलाफ कानून के तहत और सख्त कार्रवाई होगी।

गहरा संदर्भ: जम्मू-कश्मीर में ड्रग संकट और PIT-NDPS का महत्व

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में ड्रग तस्करी की समस्या पिछले कुछ वर्षों में गंभीर रूप ले चुकी है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहाँ पाकिस्तान की ओर से ड्रग्स की तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। PIT-NDPS (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) अधिनियम एक कड़ा कानून है जो आदतन तस्करों को बिना जमानत के हिरासत में रखने की अनुमति देता है — यह साधारण NDPS मामलों से कहीं अधिक प्रभावी उपकरण है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक केवल FIR दर्ज होती रही, तस्कर जमानत पर बाहर आकर फिर से धंधा शुरू कर देते थे। PIT-NDPS के तहत निवारक हिरासत इसी खामी को बंद करती है। रियासी पुलिस की यह कार्रवाई एक संकेत है कि प्रशासन अब सिर्फ FIR से आगे बढ़कर दीर्घकालिक निवारण की ओर बढ़ रहा है।

आने वाले दिनों में रियासी पुलिस द्वारा और भी ऐसे तस्करों की पहचान कर उन्हें PIT-NDPS के तहत बुक किए जाने की संभावना है। नागरिकों से अपील है कि वे हेल्पलाइन नंबर 9070907017 पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें और इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।

Point of View

बल्कि जम्मू-कश्मीर में ड्रग तस्करी से निपटने की बदलती रणनीति का प्रतीक है — जहाँ साधारण FIR से हटकर PIT-NDPS जैसे कड़े निवारक कानूनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह विडंबना है कि बार-बार चेतावनी और मामले दर्ज होने के बावजूद आरोपी सक्रिय रहा, जो न्यायिक प्रक्रिया की धीमी गति पर सवाल उठाता है। एंटी ड्रग हेल्पलाइन की शुरुआत एक सकारात्मक कदम है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या पुलिस आपूर्ति श्रृंखला के बड़े खिलाड़ियों तक पहुँच पाती है या केवल छोटे पेडलर ही पकड़े जाते रहेंगे।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

रियासी में किस ड्रग तस्कर को PIT-NDPS के तहत गिरफ्तार किया गया?
रियासी पुलिस ने सुंदर सिंह उर्फ विशाल (31 वर्ष), निवासी पलापड़ी, चिंकाह को PIT-NDPS अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया। आरोपी को डिस्ट्रिक्ट जेल भद्रवाह में रखा गया है।
PIT-NDPS अधिनियम क्या है और यह साधारण NDPS से कैसे अलग है?
PIT-NDPS (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) अधिनियम आदतन ड्रग तस्करों के खिलाफ निवारक हिरासत का प्रावधान करता है। इसके तहत आरोपी को बिना जमानत के लंबे समय तक हिरासत में रखा जा सकता है, जबकि साधारण NDPS मामलों में जमानत मिल सकती है।
रियासी पुलिस की एंटी ड्रग हेल्पलाइन का नंबर क्या है?
रियासी पुलिस ने एंटी ड्रग हेल्पलाइन नंबर 9070907017 जारी किया है। इस पर सूचना देने वाले मुखबिरों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत रियासी पुलिस क्या कदम उठा रही है?
रियासी पुलिस जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के साथ-साथ ड्रग तस्करों के खिलाफ PIT-NDPS जैसे कड़े कानूनी प्रावधानों का उपयोग कर रही है। एसएसपी मुकुंद तिबरेवाल के नेतृत्व में यह अभियान जिले भर में चलाया जा रहा है।
इस गिरफ्तारी का आदेश किसने जारी किया और कब?
यह हिरासत आदेश डिवीजनल कमिश्नर, जम्मू द्वारा 24 अप्रैल 2026 को आदेश संख्या 2026 के 12 के तहत जारी किया गया था। इसी आदेश के आधार पर आरोपी को PIT-NDPS अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया।
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