रिफॉर्म उत्सव: NCRTC ने IIT दिल्ली छात्रों और इन्फ्लुएंसर्स को दिखाई नमो भारत की आधुनिक तकनीक
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने 3 अक्टूबर 2026 को सराय काले खां नमो भारत स्टेशन पर एक विशेष फैमिलराइजेशन आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली सहित कई शिक्षण संस्थानों के छात्रों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को नमो भारत क्षेत्रीय रेल प्रणाली की कार्यप्रणाली से सीधे रूबरू कराया गया। यह आयोजन केंद्र सरकार की 'रिफॉर्म उत्सव' पहल के अंतर्गत देशभर में चल रहे राष्ट्रव्यापी समारोहों का हिस्सा है, जो शासन के 12 वर्षों के दौरान हुए परिवर्तनकारी बदलावों को रेखांकित करते हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य और 'रिफॉर्म उत्सव' का संदर्भ
'रिफॉर्म उत्सव' पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण, संस्थागत सुधार और जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रयासों की जानकारी आम लोगों तक पहुँचाना है। NCRTC के अनुसार, इस तरह के आउटरीच कार्यक्रम छात्रों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और अन्य हितधारकों को आधुनिक क्षेत्रीय परिवहन ढाँचे की तकनीक, परिचालन प्रणालियों और यात्री-केंद्रित सुविधाओं की प्रत्यक्ष जानकारी देने के लिए आयोजित किए जाते हैं।
गौरतलब है कि नमो भारत रैपिड रेल, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नए आयाम देने वाली प्रमुख अवसंरचना परियोजना है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य युवा पीढ़ी और डिजिटल प्रभावशाली व्यक्तित्वों के माध्यम से इस आधुनिक परिवहन प्रणाली के बारे में व्यापक जागरूकता फैलाना था।
मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी का अनुभव
प्रतिभागियों ने सराय काले खां स्टेशन पर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया। यहाँ ट्रैवलेटर से सुसज्जित फुट ओवर ब्रिज (FOB) भारतीय रेलवे स्टेशन, ISBT और मेट्रो स्टेशन को एक-दूसरे से जोड़ता है, जिससे यात्रियों को विभिन्न परिवहन माध्यमों के बीच सहज और निर्बाध आवाजाही की सुविधा मिलती है। NCRTC की टीम ने NCR में एकीकृत और कुशल क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क विकसित करने की दीर्घकालिक परिकल्पना भी प्रतिभागियों के साथ साझा की।
सुरक्षा तकनीक और स्टेशन कंट्रोल रूम का दौरा
आउटरीच कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों ने स्टेशन कंट्रोल रूम (SCR) का भ्रमण किया, जहाँ उन्हें स्टेशन संचालन, यात्रियों की आवाजाही और नमो भारत ट्रेनों के परिचालन में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक प्रणालियों की विस्तृत जानकारी दी गई। सुरक्षा अधिकारियों ने AI-इनेबल्ड लगेज स्कैनर और डुअल-व्यू एक्स-रे बैगेज निरीक्षण प्रणाली की कार्यप्रणाली समझाई, जो यात्रियों के सामान की प्रभावी सुरक्षा जाँच में इस्तेमाल होती हैं।
इसके अलावा, स्टेशन और ट्रेनों में CCTV कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को यात्री सुरक्षा और सुविधा का अभिन्न अंग बताया गया। प्रतिभागियों को स्टेशन परिसर में उपलब्ध ट्रैवलेटर, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाओं की भी जानकारी दी गई।
महिलाओं की भूमिका और समावेशी यात्री सुविधाएँ
कार्यक्रम में महिला कर्मचारियों की अहम भूमिका पर विशेष प्रकाश डाला गया। NCRTC के अनुसार, महिलाएँ ट्रेन ऑपरेटर, स्टेशन कंट्रोलर समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सफलतापूर्वक निभा रही हैं। प्रत्येक नमो भारत ट्रेन में महिलाओं के लिए एक समर्पित कोच की व्यवस्था है। अन्य कोचों में भी महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों के लिए सीटें आरक्षित हैं।
नमो भारत की सवारी और प्रतिभागियों की जिज्ञासा
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को नमो भारत ट्रेन में यात्रा का अवसर मिला, जिसके दौरान उन्होंने ट्रेन की यात्री सुविधाओं और परिचालन विशेषताओं को करीब से समझा। इंटरैक्टिव चर्चा सत्र में छात्रों और इन्फ्लुएंसर्स ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, यात्रियों की संख्या पर पड़ने वाले प्रभाव और भविष्य में प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर से जुड़े अनेक सवाल पूछे, जिनका NCRTC की टीम ने विस्तार से उत्तर दिया।
आगे चलकर NCRTC द्वारा इस तरह के आउटरीच कार्यक्रम जारी रखने की उम्मीद है, जो NCR में नमो भारत नेटवर्क के विस्तार के साथ-साथ जनजागरूकता और यात्रियों की संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।