21 जुलाई 2026
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विश्व पर्यावरण दिवस 2026: एनसीआरटीसी ने नमो भारत स्टेशनों पर चलाया जागरूकता अभियान, बाँटे सीड-एम्बेडेड कार्ड

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विश्व पर्यावरण दिवस 2026: एनसीआरटीसी ने नमो भारत स्टेशनों पर चलाया जागरूकता अभियान, बाँटे सीड-एम्बेडेड कार्ड

सारांश

विश्व पर्यावरण दिवस पर एनसीआरटीसी ने नमो भारत स्टेशनों को जागरूकता के मंच में बदल दिया — सीड-एम्बेडेड कार्ड, क्विज़ और सस्टेनेबल फैशन प्रदर्शनी के ज़रिये। प्रतिदिन एक लाख से अधिक यात्रियों तक पहुँचने वाली यह पहल दिखाती है कि सार्वजनिक परिवहन अब केवल आवागमन नहीं, नागरिक चेतना का माध्यम भी बन रहा है।

मुख्य बातें

एनसीआरटीसी ने 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस पर नमो भारत ट्रेनों और स्टेशनों पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया।
यात्रियों को क्विज़ प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर सीड-एम्बेडेड कार्ड भेंट किए गए, जो मिट्टी में दबाने पर पौधे उगाते हैं।
बेगमपुल नमो भारत स्टेशन पर डीबी आरआरटीएस इंडिया और अहारदा एजुकेशन कॉलेज, मेरठ के सहयोग से 'सस्टेनेबल टेक्सटाइल, सस्टेनेबल फ्यूचर' विषय पर तीन दिवसीय कार्यक्रम शुरू हुआ।
वर्तमान में प्रतिदिन एक लाख से अधिक यात्री नमो भारत सेवा का उपयोग कर रहे हैं।
एनसीआरटीसी ने स्टेशनों व डिपो पर सौर ऊर्जा संयंत्र और वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित की है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नमो भारत ट्रेनों और स्टेशनों पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया, जिसमें क्विज़ प्रतियोगिताओं, फोटो बूथ और अभिनव सीड-एम्बेडेड कार्ड के वितरण के ज़रिये यात्रियों को पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक, सभी आयु वर्ग के यात्रियों ने इस उत्सव में उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

मुख्य गतिविधियाँ और आयोजन

एनसीआरटीसी ने स्टेशनों पर विशेष घोषणाओं के ज़रिये यात्रियों को पर्यावरण-अनुकूल परिवहन साधन के रूप में नमो भारत को चुनने के लिए धन्यवाद दिया। पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास पर आधारित क्विज़ प्रतियोगिताएँ ट्रेनों और स्टेशनों दोनों पर आयोजित की गईं। स्टेशनों पर लगाए गए आकर्षक फोटो बूथ में यात्रियों ने पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ तस्वीरें खिंचवाईं।

प्रतिभागियों को पुरस्कार स्वरूप सीड-एम्बेडेड कार्ड भेंट किए गए — रीसाइक्ल्ड पेपर से निर्मित ये कार्ड मिट्टी में दबाने पर पौधों में अंकुरित हो जाते हैं। यात्रियों ने इस पहल को पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदारी का अनूठा उदाहरण बताया।

बेगमपुल स्टेशन पर तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम

एनसीआरटीसी ने अपने ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस साझेदार डीबी आरआरटीएस इंडिया तथा मेरठ के अहारदा एजुकेशन कॉलेज के सहयोग से बेगमपुल नमो भारत स्टेशन पर 'सस्टेनेबल टेक्सटाइल, सस्टेनेबल फ्यूचर' विषय पर तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत की। इस आयोजन में छात्रों ने रीसाइक्लिंग, हरित जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण पर रचनात्मक प्रदर्शनी लगाई।

कार्यक्रम के अंतर्गत सस्टेनेबल फैशन पर विशेष सत्र, डू-इट-योरसेल्फ (DIY) गतिविधियाँ और संवादात्मक सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। यात्री प्रदर्शनियों को देखने और छात्रों के साथ चर्चा में विशेष रुचि दिखा रहे हैं।

नमो भारत का पर्यावरणीय योगदान

एनसीआरटीसी के अनुसार, नमो भारत परियोजना केवल आधुनिक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि एनसीआर क्षेत्र में ट्रैफिक जाम, वाहन प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन घटाने की दिशा में एक ठोस कदम है। वर्तमान में प्रतिदिन एक लाख से अधिक यात्री नमो भारत सेवा का उपयोग कर रहे हैं, जिससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो रहा है।

हरित बुनियादी ढाँचे में निवेश

पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए एनसीआरटीसी ने अपने स्टेशनों और डिपो पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए हैं, वर्षा जल संचयन की व्यवस्था विकसित की है और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा दिया है। ये प्रयास पूरे एनसीआर में हरित और सतत विकास के दीर्घकालिक लक्ष्य का हिस्सा हैं।

यह आयोजन इस बात का संकेत है कि सार्वजनिक परिवहन संस्थाएँ अब यात्रा सुविधा से आगे बढ़कर नागरिक जागरूकता के मंच के रूप में भी अपनी भूमिका निभा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या ये एक-दिवसीय आयोजन दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन में तब्दील होते हैं। सीड-एम्बेडेड कार्ड और फोटो बूथ जैसी गतिविधियाँ जागरूकता फैलाती हैं, लेकिन भारत में सार्वजनिक परिवहन की असली पर्यावरणीय उपलब्धि तब मापी जाएगी जब निजी वाहनों से नमो भारत की ओर हुए स्थानांतरण के कार्बन-कटौती के आँकड़े स्वतंत्र रूप से सत्यापित होंगे। प्रतिदिन एक लाख यात्रियों का आँकड़ा उत्साहजनक है, पर एनसीआर की सड़कों पर वाहन घनत्व में मापनीय कमी के बिना यह दावा अधूरा रहेगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 पर एनसीआरटीसी ने क्या किया?
एनसीआरटीसी ने 5 जून 2026 को नमो भारत ट्रेनों और स्टेशनों पर क्विज़ प्रतियोगिताएँ, फोटो बूथ और सीड-एम्बेडेड कार्ड वितरण जैसी जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित कीं। इसके साथ ही बेगमपुल स्टेशन पर तीन दिवसीय सस्टेनेबल टेक्सटाइल कार्यक्रम भी शुरू किया गया।
सीड-एम्बेडेड कार्ड क्या होते हैं?
सीड-एम्बेडेड कार्ड रीसाइक्ल्ड पेपर से बने ऐसे कार्ड होते हैं जिनमें बीज मिले होते हैं — इन्हें मिट्टी में दबाने पर पौधे उगते हैं। एनसीआरटीसी ने इन्हें क्विज़ प्रतियोगिताओं के विजेताओं और प्रतिभागियों को पुरस्कार स्वरूप भेंट किया।
बेगमपुल स्टेशन पर तीन दिवसीय कार्यक्रम किस विषय पर है?
'सस्टेनेबल टेक्सटाइल, सस्टेनेबल फ्यूचर' विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में अहारदा एजुकेशन कॉलेज, मेरठ के छात्रों ने रीसाइक्लिंग और हरित जीवनशैली पर प्रदर्शनी लगाई है। इसमें सस्टेनेबल फैशन पर विशेष सत्र और DIY गतिविधियाँ भी शामिल हैं।
नमो भारत पर्यावरण के लिए कैसे फायदेमंद है?
एनसीआरटीसी के अनुसार, नमो भारत सेवा एनसीआर क्षेत्र में वाहन प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन घटाने में सहायक है। वर्तमान में प्रतिदिन एक लाख से अधिक यात्री इस सेवा का उपयोग कर रहे हैं, जिससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो रहा है।
एनसीआरटीसी ने हरित बुनियादी ढाँचे के लिए क्या कदम उठाए हैं?
एनसीआरटीसी ने अपने स्टेशनों और डिपो पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए हैं और वर्षा जल संचयन प्रणाली विकसित की है। इसके अलावा स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देकर पूरे एनसीआर में सतत विकास के लक्ष्य की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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