13 जुलाई 2026
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एनसीआरटीसी का नमो भारत स्टेशनों पर मासिक धर्म स्वच्छता अभियान, महिला यात्रियों को मिले नि:शुल्क हाइजीन किट

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एनसीआरटीसी का नमो भारत स्टेशनों पर मासिक धर्म स्वच्छता अभियान, महिला यात्रियों को मिले नि:शुल्क हाइजीन किट

सारांश

मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर एनसीआरटीसी ने नमो भारत के दो प्रमुख स्टेशनों को जागरूकता केंद्र में बदल दिया — नि:शुल्क हाइजीन किट, इंटरैक्टिव जोन और महिला वॉलंटियर्स के साथ। यह पहल 'आकांक्षाओं के पंख' जेंडर अभियान की कड़ी है, जो सार्वजनिक परिवहन को सामाजिक बदलाव के मंच के रूप में स्थापित करती है।

मुख्य बातें

एनसीआरटीसी ने 27-28 मई 2025 को सराय काले खां और बेगमपुल नमो भारत स्टेशनों पर दो दिवसीय मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता अभियान आयोजित किया।
अभियान डीबी आरआरटीएस इंडिया के सहयोग से चलाया गया; महिला वॉलंटियर्स ने यात्रियों से सीधा संवाद किया।
महिला यात्रियों को नि:शुल्क सैनिटरी पैड, पीरियड ट्रैकर और हाइजीन किट वितरित किए गए।
स्टेशनों पर इंटरैक्टिव एक्टिविटी जोन और थीम आधारित फोटो बूथ स्थापित किए गए।
यह अभियान एनसीआरटीसी के 'आकांक्षाओं के पंख' जेंडर सेंसिटाइजेशन अभियान का हिस्सा है, जो अगले पाँच वर्षों तक चलेगा।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर 27 और 28 मई को सराय काले खां और बेगमपुल नमो भारत स्टेशनों पर दो दिवसीय जागरूकता अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य महिला यात्रियों में मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस अभियान के तहत सामाजिक झिझक और भ्रांतियों को दूर करने के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन स्थलों पर सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवहार को प्रोत्साहित किया गया।

अभियान की मुख्य गतिविधियाँ

यह अभियान दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के ऑपरेशन्स एवं मेंटेनेंस पार्टनर डीबी आरआरटीएस इंडिया के सहयोग से आयोजित किया गया। दोनों स्टेशनों पर विशेष सूचना डेस्क और जागरूकता कियोस्क स्थापित किए गए, जहाँ महिला वॉलंटियर्स ने यात्रियों से सीधा संवाद कर मासिक धर्म स्वास्थ्य, स्वच्छता और आवश्यक सावधानियों से जुड़ी जानकारी साझा की। महिला यात्रियों को नि:शुल्क सैनिटरी पैड, पीरियड ट्रैकर और हाइजीन किट भी वितरित किए गए।

इंटरैक्टिव जोन और फोटो बूथ

अधिक से अधिक यात्रियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्टेशनों पर इंटरैक्टिव एक्टिविटी जोन और थीम आधारित फोटो बूथ भी लगाए गए। महिला कोच के भीतर वॉलंटियर्स ने यात्रियों से बातचीत कर मासिक धर्म से जुड़ी गलत धारणाओं और सामाजिक वर्जनाओं के विरुद्ध जागरूकता फैलाई। इस पहल के ज़रिए एक ऐसा सहज वातावरण तैयार करने का प्रयास किया गया जहाँ महिलाएँ इस विषय पर खुलकर बात कर सकें।

महिला यात्रियों की प्रतिक्रिया

महिला यात्रियों ने इस पहल का स्वागत किया और कहा कि सार्वजनिक परिवहन स्थलों पर इस तरह के कार्यक्रम बेहद ज़रूरी हैं। कई यात्रियों ने माना कि ऐसे अभियान न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में इस विषय पर खुली चर्चा को सामान्य बनाने में भी सहायक हैं। एनसीआरटीसी का कहना है कि मासिक धर्म स्वास्थ्य महिलाओं के सम्मानजनक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन सामाजिक झिझक और जागरूकता की कमी के कारण इस पर खुलकर चर्चा नहीं हो पाती।

'आकांक्षाओं के पंख' अभियान से जुड़ाव

गौरतलब है कि इसी वर्ष एनसीआरटीसी ने 'आकांक्षाओं के पंख' नाम से एक जेंडर सेंसिटाइजेशन अभियान भी शुरू किया है, जो अगले पाँच वर्षों तक चलेगा। इस अभियान का उद्देश्य लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देना, महिला यात्रियों की चुनौतियों को समझना और उनकी सुरक्षा में समाज की भागीदारी को मज़बूत करना है। यह ताज़ा मासिक धर्म स्वच्छता अभियान उसी व्यापक पहल की एक कड़ी है।

आगे की राह

एनसीआरटीसी लगातार नमो भारत कॉरिडोर पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए नई पहल कर रहा है। निगम का लक्ष्य स्टेशनों और ट्रेनों को सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के केंद्र के रूप में विकसित करना है — यह कदम सार्वजनिक परिवहन की भूमिका को यात्रा से आगे बढ़ाकर सामाजिक बदलाव के माध्यम के रूप में स्थापित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दो स्टेशनों पर दो दिन का अभियान उस गहरी सामाजिक जड़ता को बदलने के लिए पर्याप्त नहीं है जो मासिक धर्म को आज भी वर्जित विषय बनाए हुए है। असली सवाल यह है कि क्या ये कियोस्क और किट स्थायी व्यवस्था बनेंगे या सिर्फ एक दिन की सुर्खी। 'आकांक्षाओं के पंख' जैसे पाँच-वर्षीय अभियान की घोषणा उत्साहजनक है, पर उसके मापने योग्य लक्ष्य और जवाबदेही तंत्र अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीआरटीसी का मासिक धर्म स्वच्छता अभियान क्या था?
यह 27-28 मई 2025 को मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर सराय काले खां और बेगमपुल नमो भारत स्टेशनों पर आयोजित दो दिवसीय जागरूकता अभियान था। इसमें महिला वॉलंटियर्स ने यात्रियों से संवाद किया और नि:शुल्क हाइजीन किट वितरित किए गए।
अभियान में महिला यात्रियों को क्या मिला?
महिला यात्रियों को नि:शुल्क सैनिटरी पैड, पीरियड ट्रैकर और हाइजीन किट वितरित किए गए। इसके अलावा स्टेशनों पर इंटरैक्टिव एक्टिविटी जोन और थीम आधारित फोटो बूथ भी लगाए गए थे।
'आकांक्षाओं के पंख' अभियान क्या है?
यह एनसीआरटीसी का जेंडर सेंसिटाइजेशन अभियान है जो इसी वर्ष शुरू किया गया है और अगले पाँच वर्षों तक चलेगा। इसका उद्देश्य लैंगिक संवेदनशीलता बढ़ाना, महिला यात्रियों की चुनौतियाँ समझना और उनकी सुरक्षा में सामाजिक भागीदारी को मज़बूत करना है।
यह अभियान किन स्टेशनों पर आयोजित हुआ?
यह अभियान दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के सराय काले खां और बेगमपुल स्टेशनों पर आयोजित हुआ। इसे ऑपरेशन्स एवं मेंटेनेंस पार्टनर डीबी आरआरटीएस इंडिया के सहयोग से चलाया गया।
एनसीआरटीसी इस तरह के अभियान क्यों चला रहा है?
एनसीआरटीसी का मानना है कि मासिक धर्म स्वास्थ्य महिलाओं के सम्मानजनक जीवन का अभिन्न हिस्सा है, लेकिन सामाजिक झिझक और जागरूकता की कमी इस पर खुली चर्चा को रोकती है। निगम अपने स्टेशनों और ट्रेनों को सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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