सराय काले खां नमो भारत स्टेशन पर 818 वर्ग मीटर कमर्शियल स्पेस के लिए NCRTC ने जारी किया टेंडर
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने 22 मई 2026 को सराय काले खां नमो भारत स्टेशन पर 818 वर्ग मीटर कमर्शियल स्पेस की लाइसेंसिंग के लिए निविदा जारी की है। दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के इस प्रमुख स्टेशन को ट्रांजिट पॉइंट से आगे एक जीवंत शहरी व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित करने की यह पहल ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट की दिशा में एक ठोस कदम है।
टेंडर का विवरण और स्पेस का आकार
NCRTC द्वारा जारी निविदा के अनुसार, स्टेशन के ग्राउंड फ्लोर पर चिन्हित आठ स्थानों को व्यावसायिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इन स्थानों का कुल क्षेत्रफल लगभग 818 वर्ग मीटर (करीब 8,800 वर्ग फुट) है। इकाइयों का आकार 17 वर्ग मीटर की छोटी दुकानों से लेकर 247 वर्ग मीटर तक के बड़े व्यावसायिक स्थलों तक है।
ये स्पेस 'एज इज वेयर इज' आधार पर 9 से 15 वर्षों की लाइसेंस अवधि के लिए आवंटित किए जाएंगे। इच्छुक बिडर्स ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं और बोली जमा करने की अंतिम तिथि 17 जून 2026 निर्धारित की गई है।
किन गतिविधियों के लिए होगा उपयोग
इन कमर्शियल स्पेस को फूड एंड बेवरेज आउटलेट्स, कैफे, कन्विनिएंस स्टोर, सर्विस सेंटर, पॉड सेवाओं और अन्य रिटेल गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। NCRTC का कहना है कि इससे यात्रियों को स्टेशन परिसर के भीतर ही रोजमर्रा की आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी और उनका यात्रा अनुभव अधिक सुविधाजनक बनेगा।
यह पहल गैर-किराया राजस्व स्रोतों को बढ़ाने की NCRTC की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। स्थानीय उद्यमियों और छोटे व्यवसायों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने से रोज़गार के नए अवसर भी सृजित होने की संभावना है।
सराय काले खां: एक प्रमुख मल्टी-मोडल हब
सराय काले खां नमो भारत स्टेशन दिल्ली–मेरठ कॉरिडोर के सबसे महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक है। यह स्टेशन हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, वीर हकीकत राय आईएसबीटी और दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन से सीधे जुड़ा है। रिंग रोड तक भी इसकी सीधी पहुँच है, जो इसे एक रणनीतिक परिवहन केंद्र बनाती है।
हाल ही में यात्रियों की सुविधा के लिए 280 मीटर लंबा कवर्ड फुट ओवरब्रिज चालू किया गया है, जिसमें ट्रैवलेटर की सुविधा भी दी गई है। यह ब्रिज हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करता है, जिससे दोनों परिवहन प्रणालियों के बीच इंटरचेंज अधिक सहज हो गया है।
व्यावसायिक संभावनाएं और TOD मॉडल
NCRTC के अनुसार, सराय काले खां स्टेशन की रणनीतिक स्थिति, उच्च दृश्यता और भविष्य में अपेक्षित भारी यात्री संख्या इसे निवेशकों, रिटेलर्स और सेवा प्रदाताओं के लिए आकर्षक बनाती है। स्टेशन परिसर को ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) मॉडल के तहत विकसित किए जाने की योजना है, जहाँ मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट की व्यापक संभावनाएं हैं।
गौरतलब है कि देश के कई बड़े रेलवे और मेट्रो स्टेशनों पर इसी तरह के TOD मॉडल अपनाए जा रहे हैं। सराय काले खां का यह कदम नमो भारत कॉरिडोर को आत्मनिर्भर राजस्व मॉडल की ओर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निविदा से संबंधित विस्तृत जानकारी NCRTC की आधिकारिक वेबसाइट और CPP पोर्टल पर उपलब्ध है।