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दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए रेखा गुप्ता का 360 डिग्री एक्शन प्लान, IIT दिल्ली के साथ स्टार्टअप इनोवेशन लागू

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दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए रेखा गुप्ता का 360 डिग्री एक्शन प्लान, IIT दिल्ली के साथ स्टार्टअप इनोवेशन लागू

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदूषण को साल भर की लड़ाई बताते हुए IIT दिल्ली के साथ स्टार्टअप इनोवेशन लागू करने, मुनक नहर पर छठ घाट के सौंदर्यीकरण और शालीमार बाग-पीतमपुरा में नागरिक सुविधाओं के विस्तार का ब्यौरा दिया — एक बहुआयामी पर्यावरण एक्शन प्लान।

मुख्य बातें

दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने 23 मई को कहा कि प्रदूषण नियंत्रण केवल दो महीनों की नहीं, बल्कि साल भर की प्राथमिकता है।
पर्यावरण मंत्रालय की स्टार्टअप प्रदर्शनी के सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट्स का IIT दिल्ली के सहयोग से मूल्यांकन कर दिल्ली में लागू किया जा रहा है।
मुनक नहर पर भव्य छठ घाट का निर्माण व सौंदर्यीकरण कार्य तेज़ गति से जारी; CM ने ऑन-ग्राउंड निरीक्षण किया।
शालीमार बाग के एडी ब्लॉक और पीतमपुरा के एपी ब्लॉक में सड़क, ड्रेनेज, पार्किंग, वॉकवे और पार्क परियोजनाओं का उद्घाटन।
निगम पार्षद अनीता जैन सहित बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार, 23 मई को स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण सुधार के लिए साल भर, 360 डिग्री के दृष्टिकोण से काम कर रही है — न कि केवल सर्दियों के दो महीनों में। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कई चल रही पहलों का ब्यौरा दिया, जिनमें स्टार्टअप-आधारित इनोवेशन से लेकर बुनियादी ढाँचे के विकास तक शामिल हैं।

स्टार्टअप इनोवेशन और IIT दिल्ली की भागीदारी

मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने हाल ही में एक बड़ी स्टार्टअप प्रदर्शनी आयोजित की, जहाँ उद्यमी प्रदूषण कम करने के नए और इनोवेटिव समाधान लेकर आए। उन्होंने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन IIT दिल्ली के सहयोग से किया गया और सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट्स को चुनकर अब दिल्ली में लागू किया जा रहा है। यह पहल पर्यावरण नीति को शोध-आधारित तकनीक से जोड़ने का प्रयास है।

मुनक नहर पर छठ घाट का सौंदर्यीकरण

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुनक नहर पर भव्य छठ घाट के निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्वयं कार्यस्थल का ऑन-ग्राउंड निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी काम उच्च गुणवत्ता के साथ तय समयसीमा में पूरे किए जाएँ। गुप्ता ने कहा कि एक समय था जब छठ महापर्व पर श्रद्धालुओं को बुनियादी सुविधाओं के बिना कठिन परिस्थितियों में पूजा करनी पड़ती थी — अब वही स्थान स्वच्छता, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और बेहतर सुविधाओं के साथ आस्था के सम्मान का प्रतीक बनने जा रहा है।

शालीमार बाग और पीतमपुरा में विकास कार्यों का उद्घाटन

इसी दिन मुख्यमंत्री ने शालीमार बाग विधानसभा के एडी ब्लॉक और पीतमपुरा के एपी ब्लॉक में विभिन्न नागरिक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन कार्यों में आधुनिक सड़कें, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, स्वच्छ नालियाँ, व्यवस्थित पार्किंग, वॉकवे, सार्वजनिक शौचालय और पार्क शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएँ स्थानीय निवासियों की मौजूदा ज़रूरतों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। इस अवसर पर निगम पार्षद अनीता जैन सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

सरकार का रुख: प्रदूषण साल भर की चुनौती

गुप्ता ने ज़ोर देकर कहा कि प्रदूषण से लड़ाई केवल अक्टूबर-नवंबर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली लगातार कई वर्षों से देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार होती रही है और पराली जलाने, वाहन उत्सर्जन तथा औद्योगिक धुएँ जैसे बहुस्तरीय कारणों से जूझ रही है। गौरतलब है कि नई सरकार का यह दृष्टिकोण पूर्ववर्ती नीतियों से अलग, दीर्घकालिक और तकनीक-केंद्रित रणनीति की ओर संकेत करता है।

आगे क्या

चुने गए स्टार्टअप इनोवेशन प्रोजेक्ट्स को दिल्ली में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। मुनक नहर छठ घाट का निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। शालीमार बाग और पीतमपुरा की शेष परियोजनाओं की प्रगति पर भी सरकार की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — दिल्ली दशकों से प्रदूषण की समस्या के लिए घोषणाओं की कमी नहीं, जवाबदेही की कमी झेलती रही है। IIT दिल्ली के साथ स्टार्टअप इनोवेशन की साझेदारी एक सकारात्मक संरचनात्मक कदम है, बशर्ते चुने गए प्रोजेक्ट्स के नतीजों की सार्वजनिक निगरानी हो। छठ घाट का सौंदर्यीकरण और शालीमार बाग में नागरिक सुविधाएँ ज़मीनी ज़रूरतें हैं, पर इन्हें पर्यावरण नीति के केंद्र में रखना — न कि पूरक के रूप में — ही असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली सरकार का 360 डिग्री पर्यावरण प्लान क्या है?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, यह एक साल भर चलने वाला बहुआयामी दृष्टिकोण है जिसमें वायु प्रदूषण नियंत्रण, पौधरोपण, स्टार्टअप इनोवेशन और बुनियादी ढाँचे का विकास शामिल है। इसका उद्देश्य प्रदूषण को केवल सर्दियों की समस्या न मानकर पूरे वर्ष की प्राथमिकता बनाना है।
IIT दिल्ली और स्टार्टअप्स की भूमिका क्या है?
दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने स्टार्टअप्स की एक प्रदर्शनी आयोजित की, जहाँ इनोवेटिव पर्यावरण समाधान प्रस्तुत किए गए। IIT दिल्ली के सहयोग से इनका मूल्यांकन किया गया और सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट्स को दिल्ली में लागू किया जा रहा है।
मुनक नहर पर छठ घाट का निर्माण कब तक पूरा होगा?
मुख्यमंत्री गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य तय समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, हालाँकि कोई सटीक तारीख सार्वजनिक नहीं की गई है। CM ने स्वयं ऑन-ग्राउंड निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की।
शालीमार बाग और पीतमपुरा में कौन-से विकास कार्य हुए?
शालीमार बाग के एडी ब्लॉक और पीतमपुरा के एपी ब्लॉक में आधुनिक सड़कें, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, स्वच्छ नालियाँ, व्यवस्थित पार्किंग, वॉकवे, सार्वजनिक शौचालय और पार्क परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया।
दिल्ली के प्रदूषण नियंत्रण में यह नई सरकार की नीति पुरानी से कैसे अलग है?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि यह सरकार प्रदूषण को मौसमी नहीं, बल्कि साल भर की चुनौती मानती है और तकनीक-केंद्रित स्टार्टअप इनोवेशन को नीति का हिस्सा बना रही है। IIT दिल्ली जैसी संस्थाओं की भागीदारी इसे पहले की घोषणाओं से संरचनात्मक रूप से अलग बनाती है।
राष्ट्र प्रेस
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