राहुल गांधी पर बदसलूकी के आरोप: रेणुका चौधरी बोलीं — 'BJP के स्क्रिप्ट राइटर दूसरी नौकरी ढूंढें'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने 13 अक्टूबर 2026 को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर एक महिला पत्रकार से कथित बदसलूकी के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि ये आरोप भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'घिसी-पिटी तरकीबों' का हिस्सा हैं। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार की वास्तविकता पर ही प्रश्नचिह्न है।
मुख्य बयान और आरोपों को खारिज करना
रेणुका चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'ये आरोप कहाँ से आते हैं? भाजपा के जो भी स्क्रिप्ट राइटर हैं, उन्हें दूसरी नौकरी ढूंढनी चाहिए। भाजपा की घिसी-पिटी तरकीबों से सब वाकिफ हैं। ये पत्रकार है कौन? क्या वो वाकई पत्रकार है? क्या वो सच में प्रेग्नेंट है? जब भी भाजपा किसी मामले में दखल देती है, तो सच पर भी सवाल उठने लगते हैं। ये सब सिर्फ ड्रामा है।'
उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी हमेशा महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में खड़े रहे हैं और अब इस मामले में भी 'एक महिला को आगे लाया जा रहा है'। उनके अनुसार यही भाजपा का तरीका है — जब कुछ और काम न करे तो किसी महिला को मोहरा बना दो।
योगी आदित्यनाथ के बयान पर पलटवार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इंडिया ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट मार्च पर की गई टिप्पणी के जवाब में रेणुका चौधरी ने कहा, 'मुख्यमंत्री योगी, आप योगी हैं। अपने विचारों और सोच पर ध्यान दें और अपने राज्य का ख्याल रखें। आपको इस मामले पर आकर टिप्पणी करने की कोई जरूरत नहीं। आम जनता और आप दोनों जानते हैं कि हम सड़कों पर क्यों उतरे हैं। इस बार आपको बख्श देते हैं।'
गौरतलब है कि इंडिया ब्लॉक का यह मार्च कई राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर न्यायपालिका तक अपनी बात पहुँचाने की कोशिश के रूप में आयोजित किया गया था।
पश्चिम बंगाल के सांप्रदायिक पोस्टरों पर प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल में लगे उन पोस्टरों पर — जिनमें लिखा था कि 'बिरयानी सिर्फ हिंदू दुकानदारों से खरीदें' — कांग्रेस सांसद ने कहा कि ऐसे पोस्टर लगाने वाले की सोच 'छोटी और संकीर्ण' है। उन्होंने सवाल किया, 'क्या आप अनाज उगाने वाले का धर्म जानते हैं? जब अस्पताल में खून की जरूरत हो, तो क्या आप देने वाले की जाति और धर्म देखेंगे?'
राहुल गांधी के PM उम्मीदवारी पर रुख
जब उनसे पूछा गया कि क्या राहुल गांधी को इंडिया ब्लॉक का प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित करने से गठबंधन की साख बढ़ेगी, तो रेणुका चौधरी ने कहा, 'क्यों नहीं? हालाँकि मैं मुद्दे से भटकना नहीं चाहती। राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे या नहीं, यह फैसला देश की जनता करेगी। पार्टी के कार्यकर्ता, विधायक और सांसद भी इस प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभाएंगे।'
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में वे व्यक्तिगत रूप से चाहती हैं कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनें, लेकिन इसके साथ यह भी जोड़ा कि राहुल गांधी का संघर्ष किसी निजी महत्वाकांक्षा से नहीं, बल्कि जन-हित से प्रेरित है।
इंडिया ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट मार्च का संदर्भ
रेणुका चौधरी ने इंडिया ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च को उचित ठहराते हुए कहा कि यह कदम सोच-समझकर और जिम्मेदारी से उठाया गया था। उन्होंने बताया कि संसद में आवाज उठाने से पहले राहुल गांधी ने एक पत्र भी लिखा था और मीडिया के माध्यम से भी सवाल उठाए गए थे। उनके अनुसार, यह प्रयास नागरिकों को यह भरोसा दिलाने के लिए था कि विपक्ष उनके साथ खड़ा है।
यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब राहुल गांधी और BJP के बीच राजनीतिक तनाव अपने उच्च स्तर पर है, और आगामी चुनावी मौसम को देखते हुए दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।