राहुल गांधी का महिला पुलिसकर्मियों-पत्रकारों से व्यवहार अनुचित था: मदन राठौड़ का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने 13 अक्टूबर 2026 को जयपुर में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान के व्यवहार पर तीखा हमला बोला। राठौड़ ने आरोप लगाया कि महिला पुलिसकर्मियों और महिला पत्रकारों के प्रति राहुल गांधी का आचरण पूरी तरह अनुचित था और विपक्ष के नेता के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं था।
मुख्य आरोप और राठौड़ का बयान
राठौड़ ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को, विशेषकर जो महत्वपूर्ण संवैधानिक और राजनीतिक पदों पर हों, सार्वजनिक जीवन में गरिमा और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र की अनिवार्य विशेषता है, किंतु इसका उपयोग लोकतांत्रिक मर्यादा की सीमाओं के भीतर ही किया जाना चाहिए।
राठौड़ ने कहा, 'हमने भी विपक्ष में कई वर्ष बिताए हैं, लेकिन हमने लोकतांत्रिक मानकों को कभी नहीं छोड़ा। जिस तरह से आज लोकतांत्रिक मर्यादा को कमजोर किया जा रहा है, वह चिंता का विषय है।' उनके अनुसार राहुल गांधी के इस व्यवहार ने विपक्ष के नेता के पद से जुड़ी संवैधानिक गरिमा को ठेस पहुँचाई है।
गहलोत के बचाव पर कड़ा जवाब
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा राहुल गांधी का बचाव किए जाने पर राठौड़ ने सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गहलोत को अपने वर्षों के राजनीतिक अनुभव का उपयोग साथियों को गलतियाँ सुधारने की सलाह देने में करना चाहिए, न कि उनकी गलतियों पर पर्दा डालने में।
राठौड़ ने यह भी सवाल उठाया कि क्या गहलोत का यह रुख राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सार्वजनिक छवि को धूमिल कर स्वयं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की दावेदारी को मजबूत करने की रणनीति तो नहीं है। उन्होंने गहलोत के उस पुराने दावे का भी हवाला दिया जिसमें गहलोत ने कथित तौर पर कहा था कि सचिन पायलट ने उन्हें राष्ट्रीय नेतृत्व भूमिका संभालने से रोका था।
डोटासरा और कांग्रेस पर प्रहार
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों को राठौड़ ने 'मनगढ़ंत' करार दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल केवल नौकरशाहों के भरोसे नहीं चल सकता और आरोप लगाया कि कांग्रेस इसी सोच का खामियाजा भुगत रही है। राठौड़ ने इसके विपरीत भाजपा के बारे में कहा कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं, विचारधारा, नीतियों और विकास कार्यों के बल पर राजनीति करती है।
कानून और व्यवस्था पर सरकार का रुख
राठौड़ ने स्पष्ट किया कि राजस्थान की भजन लाल शर्मा सरकार आपराधिक मामलों में पूरी तरह निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा, 'कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति — चाहे उसका पद या प्रभाव कुछ भी हो — को बचाने की कोशिश नहीं की जाएगी।' गलत आचरण के दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की बात उन्होंने कही।
पंचायत चुनावों की तैयारी
आगामी पंचायत चुनावों को लेकर राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया आरंभ होने से पहले ही तैयारियाँ शुरू कर दी थीं। हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि पंचायत चुनावों में भी जनता का समर्थन पार्टी को मिलेगा। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राजस्थान में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हो रही हैं और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष दोनों जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं।