चुनाव आयोग पर कांग्रेस का प्रदर्शन महज राजनीतिक हथकंडा: राजस्थान BJP अध्यक्ष मदन राठौड़
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को 'सिर्फ मीडिया का ध्यान खींचने की कोशिश' करार दिया। राठौड़ ने कहा कि यह मामला 'चुनाव आयोग बनाम कांग्रेस पार्टी' जैसा लग रहा है और पार्टी को संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा रखना चाहिए।
प्रदर्शन पर राठौड़ की आपत्ति
राठौड़ ने तर्क दिया कि चुनाव आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराने की एक स्थापित और तय प्रक्रिया है। उनके अनुसार, पाँच से सात लोगों का प्रतिनिधिमंडल अपॉइंटमेंट लेकर आयोग के अधिकारियों से सीधे मुलाकात कर सकता है।
उन्होंने कहा कि इसके बजाय 300-400 लोगों के साथ सड़क पर उतरना केवल एक राजनीतिक हथकंडा है। राठौड़ का आरोप था कि कांग्रेस नेताओं को खुद पता था कि इस विरोध प्रदर्शन का कोई ठोस नतीजा नहीं निकलेगा।
ज्ञानेश कुमार और चुनावी प्रक्रिया पर टिप्पणी
राठौड़ ने स्पष्ट किया कि इस तरह के प्रदर्शनों से न तो ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी और न ही देश की चुनावी प्रक्रिया पर कोई प्रभाव पड़ेगा। उनके अनुसार, कांग्रेस केवल खुद को एक सक्रिय विपक्ष के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रही थी।
राज्य भाजपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रकार के प्रदर्शनों के ज़रिए कांग्रेस जनता में भ्रम फैलाने और उन्हें भड़काने का काम कर रही है।
राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के व्यवहार पर टिप्पणी करते हुए राठौड़ ने कहा कि एक महिला पुलिस अधिकारी के प्रति उनका आचरण अनुचित था और मीडिया को इसकी निंदा करनी चाहिए। उन्होंने खास तौर पर महिला अधिकारी की पीठ पर हाथ रखने की हरकत का उल्लेख किया।
राठौड़ ने कहा, 'सार्वजनिक जीवन में नेताओं से गरिमा और शिष्टाचार के साथ व्यवहार करने की उम्मीद की जाती है। महिला पुलिस अधिकारी के प्रति ऐसा व्यवहार सही परवरिश और सीमाओं के प्रति सम्मान की कमी को दिखाता है।'
कांग्रेस की आंतरिक एकता पर आरोप
राठौड़ ने कांग्रेस की आंतरिक एकता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन्हें खुद पर शक होता है, वही बार-बार एकता का दावा करने की ज़रूरत महसूस करते हैं।
उन्होंने कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा और सचिन पायलट से जुड़ी एक घटना का हवाला भी दिया, जिसमें कथित तौर पर पायलट को बयान देने के लिए दबाव डाला गया था। राठौड़ ने पूछा कि क्या पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की स्वायत्तता और सम्मान का कोई मूल्य नहीं है।
विदेशी साजिश का आरोप और देशवासियों से अपील
राठौड़ ने यह भी आरोप लगाया कि भारत में अस्थिरता फैलाने की कोशिशें की जा रही हैं और दावा किया कि इसके पीछे कथित तौर पर विदेशी ताकतें हो सकती हैं, जिनके लिए कुछ घरेलू नेता 'कठपुतली' की भूमिका निभा रहे हैं। गौरतलब है कि राठौड़ ने इस दावे के समर्थन में कोई विशेष साक्ष्य नहीं दिया।
उन्होंने देश के नागरिकों से आग्रह किया कि वे लोकतांत्रिक संस्थाओं और राष्ट्रीय एकता को कमज़ोर करने वाली किसी भी कोशिश के प्रति सतर्क रहें। आने वाले दिनों में BJP और कांग्रेस के बीच चुनाव आयोग को लेकर यह विवाद और गहरा होने की संभावना है।