आरएलडी संसदीय बोर्ड पुनर्गठित: केसी त्यागी को अध्यक्षता, 16 सदस्यों की नई टीम
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) ने 30 जून 2026 को नई दिल्ली में 16 सदस्यीय संसदीय बोर्ड के पुनर्गठन की घोषणा की, जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद केसी त्यागी को सौंपी गई है। बोर्ड में चार विशेष आमंत्रित सदस्य भी शामिल होंगे। पार्टी अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिंह ने यह जानकारी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की।
जयंत सिंह का बयान
जयंत सिंह ने एक्स पर लिखा, 'मुझे आरएलडी संसदीय बोर्ड के गठन की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है, जिसकी अध्यक्षता पूर्व सांसद के.सी. त्यागी करेंगे। मैं स्वयं भी इस समिति का सदस्य रहूंगा। इस समिति में पार्टी संगठन के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, पार्टी के पुराने और समर्पित कार्यकर्ता तथा कुछ प्रतिष्ठित नागरिक भी शामिल होंगे।' पार्टी के अनुसार यह कदम संगठन को मजबूत करने और संसदीय रणनीति को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बोर्ड की संरचना
नवगठित संसदीय बोर्ड में पूर्व सांसदों, पूर्व मंत्रियों और विधायकों को प्रमुखता से जगह दी गई है। 16 नियमित सदस्यों के अतिरिक्त चार विशेष आमंत्रित सदस्य भी बोर्ड की बैठकों में भाग लेंगे। जयंत सिंह स्वयं इस समिति में शामिल रहेंगे, जो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी का संकेत है।
केसी त्यागी: राजनीतिक सफर
गाजियाबाद के मोरटा गाँव में 1950 में एक किसान परिवार में जन्मे केसी त्यागी ने छात्र राजनीति से अपना सार्वजनिक जीवन शुरू किया। वे समाजवादी आंदोलन से राजनीति में आए और आपातकाल के दौरान संजय गांधी के विरोध में आवाज उठाने वाले नेताओं में उनकी गिनती होती है। 1989 से 1991 तक वे हापुड़ लोकसभा सीट से सांसद रहे और 2013 से 2016 तक बिहार से राज्यसभा सदस्य। वे जनता दल तथा जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख प्रवक्ता भी रहे। 2024 में व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दिया और 22 मार्च 2026 को आरएलडी में शामिल हो गए।
आरएलडी की पृष्ठभूमि
राष्ट्रीय लोक दल की स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पुत्र चौधरी अजीत सिंह ने जनता दल से अलग होकर की थी। अजीत सिंह पहले कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित हुए, फिर भारतीय किसान कामगार पार्टी बनाई, जो 1999 में आरएलडी के रूप में पुनर्स्थापित हुई। अजीत सिंह 2001 से 2003 तक कृषि मंत्री और 2011 से 2014 तक नागरिक उड्डयन मंत्री रहे। पार्टी किसानों, मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के हितों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करती है और खुद को समाजवादी व धर्मनिरपेक्ष विचारधारा पर आधारित बताती है।
लोकसभा 2024 और आगे की राह
लोकसभा चुनाव 2024 में आरएलडी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ चुनाव लड़ा और उत्तर प्रदेश की बिजनौर व बागपत दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। नए संसदीय बोर्ड का गठन पार्टी की संसदीय उपस्थिति को और अधिक संगठित व रणनीतिक रूप से सक्रिय बनाने की दिशा में अगला कदम माना जा रहा है।