रोहिणी आचार्य छपरा से लड़ेंगी अगला चुनाव, साधु यादव बोले — 'पूरी ताकत लगाएंगे'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेत्री रोहिणी आचार्य आगामी लोकसभा चुनाव में छपरा सीट से मैदान में उतरेंगी — यह दावा पूर्व सांसद साधु यादव ने 5 अक्टूबर 2026 को पटना में किया। साधु यादव ने स्पष्ट किया कि इस बार रोहिणी को पूरा संगठनात्मक समर्थन दिया जाएगा और उन्हें संसद तक पहुँचाने की हर संभव कोशिश की जाएगी।
मुलाकात और राजनीतिक बयान
साधु यादव ने बताया कि रोहिणी आचार्य करीब 10-11 महीने बाद सिंगापुर से लौटी थीं और उन्होंने घर पर खाना खाने की इच्छा जताई। यह मुलाकात पूरी तरह पारिवारिक थी, जिसमें कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। हालाँकि, मीडिया से बात करते हुए साधु यादव ने रोहिणी के राजनीतिक भविष्य पर खुलकर अपनी राय रखी।
उन्होंने कहा, 'रोहिणी पढ़ी-लिखी हैं, डॉक्टर हैं और उनके सोशल मीडिया पोस्ट भी सुलझे हुए होते हैं। जब वह एक बार चुनाव लड़ चुकी हैं तो उन्हें राजनीति से दूर रखना उचित नहीं।'
पिछली हार का विश्लेषण
साधु यादव ने बताया कि पिछले चुनाव में रोहिणी को करीब आठ हजार वोटों से हार मिली थी। उनके अनुसार, पार्टी के कुछ लोगों के अलग-अलग चुनाव लड़ने से वोट बँट गए और चुनावी प्रबंधन भी ठीक से नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि इस बार ऐसी स्थिति नहीं आने दी जाएगी।
यह ऐसे समय में आया है जब RJD बिहार में अपनी स्थिति फिर से मजबूत करने में जुटा है। गौरतलब है कि छपरा सीट लालू परिवार के लिए भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
तेजस्वी और परिवार की एकता पर जोर
पूर्व सांसद ने तेजस्वी यादव के राजनीतिक भविष्य पर कहा कि वह चाहते हैं कि तेजस्वी न केवल बिहार के मुख्यमंत्री बनें, बल्कि प्रधानमंत्री पद तक पहुँचें। हालाँकि, उन्होंने तेजस्वी के आसपास मौजूद कुछ 'बाहरी तत्वों' पर चिंता जताई, जो कथित तौर पर परिवार में विवाद पैदा कर रहे हैं।
साधु यादव ने बिना नाम लिए संजय यादव सहित कुछ सलाहकारों की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'अगर किसी पेड़ की डालियाँ लगातार काटी जाएंगी तो आखिरकार पेड़ ठूँठ हो जाएगा।' उनका संदेश साफ था — परिवार को कमजोर करने की कोशिशों से बचना चाहिए।
RJD से जुड़ाव और पुराना योगदान
साधु यादव ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के गठन में उनका भी अहम योगदान रहा है और यह पार्टी उनके लिए खून-पसीने से सींची हुई है। उन्होंने माना कि बाद में पार्टी और परिवार दोनों में अंदरूनी राजनीति के कारण विवाद बढ़े, लेकिन अब वह चाहते हैं कि सब एकजुट होकर आगे बढ़ें।
तेज प्रताप यादव के राजनीति छोड़ने की अटकलों पर साधु यादव ने स्पष्ट किया कि किसी कार्यक्रम या रियलिटी शो में हिस्सा लेने का अर्थ राजनीतिक संन्यास नहीं होता। उन्होंने परिवार की एकता को ही आगे की राह बताया।
आगे क्या होगा
रोहिणी आचार्य का मनोबल बढ़ाने और छपरा में उनकी उम्मीदवारी को जमीनी समर्थन दिलाने के लिए साधु यादव ने हर संभव सहयोग का वादा किया है। अब देखना यह होगा कि RJD का केंद्रीय नेतृत्व आधिकारिक रूप से रोहिणी की उम्मीदवारी पर कब और क्या निर्णय लेता है।