5 अक्टूबर 2026
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रोहिणी आचार्य छपरा से लड़ेंगी अगला चुनाव, साधु यादव बोले — 'पूरी ताकत लगाएंगे'

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रोहिणी आचार्य छपरा से लड़ेंगी अगला चुनाव, साधु यादव बोले — 'पूरी ताकत लगाएंगे'

सारांश

पूर्व सांसद साधु यादव का बड़ा दावा — रोहिणी आचार्य अगली बार छपरा से लोकसभा चुनाव लड़ेंगी और इस बार वोट नहीं बँटने दिए जाएंगे। साथ ही उन्होंने तेजस्वी यादव के 'बाहरी सलाहकारों' पर निशाना साधते हुए परिवार की एकता का आह्वान किया।

मुख्य बातें

पूर्व सांसद साधु यादव ने दावा किया कि रोहिणी आचार्य आगामी लोकसभा चुनाव में छपरा सीट से उम्मीदवार होंगी।
पिछले चुनाव में रोहिणी को करीब 8,000 वोटों से हार मिली थी, जिसका कारण पार्टी के भीतर वोटों का बँटवारा बताया गया।
साधु यादव ने रोहिणी से 5 अक्टूबर 2026 को हुई मुलाकात को पूरी तरह पारिवारिक बताया; राजनीतिक चर्चा से इनकार किया।
तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री से आगे प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं साधु यादव, लेकिन 'बाहरी सलाहकारों' पर जताई चिंता।
तेज प्रताप यादव के राजनीति छोड़ने की अटकलों को साधु यादव ने सिरे से खारिज किया।
साधु यादव ने RJD परिवार में एकता की अपील करते हुए कहा — 'डालियाँ काटते रहे तो पेड़ ठूँठ हो जाएगा।'

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेत्री रोहिणी आचार्य आगामी लोकसभा चुनाव में छपरा सीट से मैदान में उतरेंगी — यह दावा पूर्व सांसद साधु यादव ने 5 अक्टूबर 2026 को पटना में किया। साधु यादव ने स्पष्ट किया कि इस बार रोहिणी को पूरा संगठनात्मक समर्थन दिया जाएगा और उन्हें संसद तक पहुँचाने की हर संभव कोशिश की जाएगी।

मुलाकात और राजनीतिक बयान

साधु यादव ने बताया कि रोहिणी आचार्य करीब 10-11 महीने बाद सिंगापुर से लौटी थीं और उन्होंने घर पर खाना खाने की इच्छा जताई। यह मुलाकात पूरी तरह पारिवारिक थी, जिसमें कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। हालाँकि, मीडिया से बात करते हुए साधु यादव ने रोहिणी के राजनीतिक भविष्य पर खुलकर अपनी राय रखी।

उन्होंने कहा, 'रोहिणी पढ़ी-लिखी हैं, डॉक्टर हैं और उनके सोशल मीडिया पोस्ट भी सुलझे हुए होते हैं। जब वह एक बार चुनाव लड़ चुकी हैं तो उन्हें राजनीति से दूर रखना उचित नहीं।'

पिछली हार का विश्लेषण

साधु यादव ने बताया कि पिछले चुनाव में रोहिणी को करीब आठ हजार वोटों से हार मिली थी। उनके अनुसार, पार्टी के कुछ लोगों के अलग-अलग चुनाव लड़ने से वोट बँट गए और चुनावी प्रबंधन भी ठीक से नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि इस बार ऐसी स्थिति नहीं आने दी जाएगी।

यह ऐसे समय में आया है जब RJD बिहार में अपनी स्थिति फिर से मजबूत करने में जुटा है। गौरतलब है कि छपरा सीट लालू परिवार के लिए भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

तेजस्वी और परिवार की एकता पर जोर

पूर्व सांसद ने तेजस्वी यादव के राजनीतिक भविष्य पर कहा कि वह चाहते हैं कि तेजस्वी न केवल बिहार के मुख्यमंत्री बनें, बल्कि प्रधानमंत्री पद तक पहुँचें। हालाँकि, उन्होंने तेजस्वी के आसपास मौजूद कुछ 'बाहरी तत्वों' पर चिंता जताई, जो कथित तौर पर परिवार में विवाद पैदा कर रहे हैं।

साधु यादव ने बिना नाम लिए संजय यादव सहित कुछ सलाहकारों की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'अगर किसी पेड़ की डालियाँ लगातार काटी जाएंगी तो आखिरकार पेड़ ठूँठ हो जाएगा।' उनका संदेश साफ था — परिवार को कमजोर करने की कोशिशों से बचना चाहिए।

RJD से जुड़ाव और पुराना योगदान

साधु यादव ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के गठन में उनका भी अहम योगदान रहा है और यह पार्टी उनके लिए खून-पसीने से सींची हुई है। उन्होंने माना कि बाद में पार्टी और परिवार दोनों में अंदरूनी राजनीति के कारण विवाद बढ़े, लेकिन अब वह चाहते हैं कि सब एकजुट होकर आगे बढ़ें।

तेज प्रताप यादव के राजनीति छोड़ने की अटकलों पर साधु यादव ने स्पष्ट किया कि किसी कार्यक्रम या रियलिटी शो में हिस्सा लेने का अर्थ राजनीतिक संन्यास नहीं होता। उन्होंने परिवार की एकता को ही आगे की राह बताया।

आगे क्या होगा

रोहिणी आचार्य का मनोबल बढ़ाने और छपरा में उनकी उम्मीदवारी को जमीनी समर्थन दिलाने के लिए साधु यादव ने हर संभव सहयोग का वादा किया है। अब देखना यह होगा कि RJD का केंद्रीय नेतृत्व आधिकारिक रूप से रोहिणी की उम्मीदवारी पर कब और क्या निर्णय लेता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके भीतर RJD की आंतरिक दरारों की झलक साफ है। 'बाहरी तत्वों' और 'गलत सलाहकारों' पर बार-बार निशाना — बिना नाम लिए — यह संकेत देता है कि लालू परिवार के भीतर नियंत्रण और प्रभाव को लेकर असली खींचतान अभी चल रही है। रोहिणी की उम्मीदवारी का यह एकतरफा ऐलान RJD नेतृत्व की आधिकारिक स्थिति नहीं है, और पार्टी की चुप्पी खुद एक राजनीतिक संकेत है। छपरा जैसी सीट पर जहाँ पिछली बार 8,000 वोटों की मार्जिन से हार हुई, वहाँ 'पूरा समर्थन' का वादा काफी नहीं — ज़मीनी एकता की परीक्षा असली होगी।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहिणी आचार्य कहाँ से चुनाव लड़ेंगी?
पूर्व सांसद साधु यादव के अनुसार, रोहिणी आचार्य आगामी लोकसभा चुनाव में बिहार की छपरा सीट से उम्मीदवार होंगी। हालाँकि यह RJD का आधिकारिक ऐलान नहीं है।
पिछली बार रोहिणी आचार्य क्यों हारीं?
साधु यादव के अनुसार, पिछले चुनाव में पार्टी के कुछ लोगों के अलग-अलग चुनाव लड़ने से वोट बँट गए और चुनावी प्रबंधन कमजोर रहा, जिसके चलते रोहिणी को करीब 8,000 मतों से हार का सामना करना पड़ा।
साधु यादव और रोहिणी आचार्य की मुलाकात किस बारे में थी?
साधु यादव ने स्पष्ट किया कि यह मुलाकात पूरी तरह पारिवारिक थी। रोहिणी करीब 10-11 महीने बाद सिंगापुर से लौटी थीं और घर पर खाने की इच्छा जताई थी। कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई।
साधु यादव ने तेजस्वी यादव के बारे में क्या कहा?
साधु यादव ने कहा कि वह चाहते हैं कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री तक बनें। साथ ही उन्होंने तेजस्वी के कुछ 'बाहरी सलाहकारों' पर चिंता जताई और कहा कि बिहार की राजनीति में बिहार के लोगों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
क्या तेज प्रताप यादव राजनीति छोड़ रहे हैं?
साधु यादव ने इससे साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि किसी कार्यक्रम या रियलिटी शो में हिस्सा लेने का अर्थ राजनीतिक संन्यास नहीं है और तेज प्रताप को लेकर बीती बातों को तूल देने की जरूरत नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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