क्या रोहित आर्या प्रकरण में महाराष्ट्र सरकार का बड़ा खुलासा है?

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क्या रोहित आर्या प्रकरण में महाराष्ट्र सरकार का बड़ा खुलासा है?

सारांश

मुंबई के पॉवई क्षेत्र में 17 बच्चों को बंधक बनाने के मामले में महाराष्ट्र सरकार ने शिक्षा विभाग के माध्यम से एक बड़ा खुलासा किया है। जानिए इस प्रकरण के पीछे की सच्चाई और सरकार के दावों को।

Key Takeaways

  • रोहित आर्या की संस्था का शिक्षा विभाग से कोई संबंध नहीं।
  • स्वच्छता मॉनिटर प्रोजेक्ट को कोई सरकारी मंजूरी नहीं मिली।
  • सरकार ने कहा कि वित्तीय गड़बड़ी की जिम्मेदारी उनकी नहीं।

मुंबई, 30 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई के पॉवई क्षेत्र में 17 बच्चों को बंधक बनाने और पुलिस मुठभेड़ में मारे गए रोहित आर्या प्रकरण ने समस्त महाराष्ट्र को झकझोर दिया है। महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को शिक्षा विभाग के माध्यम से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर एक महत्वपूर्ण खुलासा किया।

सरकार ने स्पष्ट किया कि रोहित आर्या या उनकी संस्था का शिक्षा विभागदीपक केसकर के दावों के विपरीत है, जिन्होंने आर्या के प्रोजेक्ट को सरकारी योजना से जोड़ा था।

शिक्षा विभाग के उपसचिव विपुल महाजन द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया कि रोहित आर्या की संस्था ने 27 सितंबर 2021 को 'स्वच्छता मॉनिटर' प्रोजेक्ट कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के अंतर्गत आरंभ किया था, जिसमें शासन की मान्यता थी। इसके बाद 30 जून 2022 को 9 लाख रुपए की मंजूरी दी गई थी। हालांकि, 2023-24 में 'माझी शाला सुंदर शाला' योजना के तहत प्रस्तावित 'स्वच्छता मॉनिटर 2.0' के लिए 2 करोड़ रुपए का बजट रखा गया था, किन्तु इसकी कोई स्वीकृति नहीं मिली। फिर भी, आर्या ने निजी स्तर पर यह गतिविधि चलाई और कुछ स्कूलों को जोड़ा।

सरकार ने कहा कि 2024-25 के लिए प्रस्तावित 'स्वच्छता मॉनिटर' प्रोजेक्ट के लिए 6.14 करोड़ रुपए की मांग की गई थी, लेकिन इसकी कोई मंजूरी नहीं दी गई। वेबसाइट स्वच्छतामॉनिटरडॉटइन भी पूरी तरह से निजी संस्था द्वारा संचालित थी।

प्रेस नोट में तीन मुख्य बिंदु स्पष्ट हैं-

कोई वित्तीय अधिकार नहीं: रोहित आर्या की संस्था को किसी शैक्षणिक संस्था या स्कूल से धन एकत्र करने का कोई अधिकार नहीं था।

कोई आधिकारिक संबंध नहीं: संस्था का शासन या शिक्षा विभाग से कोई अनुबंध या संबंध नहीं था।

निजी स्तर पर संचालन: उपक्रम शासन की मंजूरी के बिना निजी तौर पर चलाया जा रहा था।

इसलिए, प्रोजेक्ट से जुड़ी किसी वित्तीय या प्रशासनिक गड़बड़ी की जिम्मेदारी सरकार की नहीं है। विभाग ने कहा कि रोहित आर्या की मौत या घटना से शिक्षा विभाग की कोई संबद्धता नहीं है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि इस मामले में शिक्षा विभाग की कोई संलिप्तता नहीं है। यह स्थिति गंभीर है और हमें सत्य को उजागर करने की आवश्यकता है। शिक्षा और सुरक्षा के मुद्दों पर हमेशा ध्यान देना आवश्यक है।
NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

क्या रोहित आर्या का शिक्षा विभाग से कोई संबंध था?
नहीं, महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि रोहित आर्या या उनकी संस्था का शिक्षा विभाग से कोई आधिकारिक संबंध नहीं था।
क्या स्वच्छता मॉनिटर प्रोजेक्ट को सरकारी मंजूरी मिली थी?
स्वच्छता मॉनिटर प्रोजेक्ट को कोई सरकारी मंजूरी नहीं मिली थी, यह पूरी तरह से निजी स्तर पर संचालित था।
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