राउज एवेन्यू कोर्ट ने जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में दिल्ली पुलिस की चार्जशीट को चुनौती दी
सारांश
Key Takeaways
- राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट पर सवाल उठाए।
- कोर्ट ने 11 नेताओं के खिलाफ दायर चार्जशीट को जल्दबाजी में दायर करने का आरोप लगाया।
- पुलिस को सवालों के ठोस उत्तर देने होंगे।
- इस मामले में न्यायिक प्रणाली की भूमिका महत्वपूर्ण है।
- अगली सुनवाई में पुलिस को स्पष्टीकरण देना होगा।
नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राउज एवेन्यू कोर्ट ने फरवरी 2025 में जंतर-मंतर पर यूजीसी के ड्राफ्ट रेगुलेशन के खिलाफ डीएमके द्वारा किए गए प्रदर्शन से संबंधित दिल्ली पुलिस की चार्जशीट पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
कोर्ट ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव, कनिमोझी, ए राजा सहित 11 व्यक्तियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट को बिना उचित विचार किए दायर करने का आरोप लगाया है।
कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस ने चार्जशीट को जल्दबाजी में दाखिल किया। न्यायाधीश ने पुलिस के पूर्व आदेश पर दिए गए उत्तर से असंतोष व्यक्त किया और एक बार फिर विस्तृत रिपोर्ट की मांग की है। अदालत ने याद दिलाया कि 19 फरवरी को दिए गए आदेश में पुलिस से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए थे, लेकिन पुलिस ने उन सवालों का उत्तर देने के बजाय सिर्फ और जांच के लिए समय मांगा।
कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि जब जंतर-मंतर प्रदर्शन के लिए अनुमत क्षेत्र है, तो फिर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223(ए) कैसे लगाई गई। अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि जांच अधिकारी ने सभी आरोपियों को जांच में शामिल होने का नोटिस क्यों नहीं दिया।
अदालत ने आगे कहा कि एसएचओ और एसीपी ने भी यह स्पष्ट नहीं किया कि चार्जशीट दायर करने से पहले उन्होंने अपने स्तर पर क्या जांच की। कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी ने अपनी जिम्मेदारी को सही ढंग से नहीं निभाया और बिना नए सबूत या तथ्य पेश किए आगे जांच के लिए आवेदन कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस पहले इन सभी पहलुओं पर स्पष्टीकरण दे, तभी आगे समय देने की मांग पर विचार किया जाएगा।
कोर्ट ने अपने इस आदेश और 19 फरवरी के पिछले आदेश की प्रमाणित प्रति दिल्ली पुलिस कमिश्नर को भेजने का निर्देश दिया, ताकि जांच अधिकारी, एसएचओ और एसीपी की लापरवाही की जानकारी उन्हें मिल सके।
यह मामला फरवरी 2025 में यूजीसी के ड्राफ्ट रेगुलेशन के विरोध में डीएमके द्वारा जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन से संबंधित है। इस प्रदर्शन में शामिल कई प्रमुख विपक्षी नेताओं के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था। अदालत की इस टिप्पणी से दिल्ली पुलिस पर जांच प्रक्रिया में लापरवाही का दबाव बढ़ गया है। अगली सुनवाई में पुलिस को इन सवालों के ठोस उत्तर देने होंगे।