19वें रोजगार मेले में 51,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र, पुणे में महिलाओं ने जताई खुशी
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के कोरेगांव पार्क में आयोजित 19वें रोजगार मेले में 23 मई 2025 को लगभग 51,000 युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जिनमें रेल मंत्रालय और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) सहित कई केंद्रीय विभागों में चयनित महिला उम्मीदवार भी शामिल रहीं। केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने इस अवसर पर कहा कि यह मेला युवाओं को राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
मुख्य घटनाक्रम
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। नियुक्ति पत्र पाने वाली एक महिला ने बताया कि उनका चयन रेल मंत्रालय में 'असिस्टेंट लोको पायलट' के पद पर हुआ है। उन्होंने कहा, 'यह मेरे और मेरे परिवार के लिए बेहद गर्व का पल है और मैं इस नौकरी के ज़रिए देश की सेवा करने के लिए बहुत उत्साहित हूँ।'
एक अन्य लाभार्थी संघमित्रा मोरे ने बताया कि उनका चयन रेलवे के मैकेनिकल विभाग में हुआ है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री काफी अच्छा काम कर रहे हैं।' वहीं, BPCL में चयनित श्वेता कांगले ने कहा, 'काफी वर्षों से तैयारी कर रही थी, अब यह नौकरी मिली तो काफी खुशी हुई।'
सरकार का पक्ष
केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच केवल 7.25 लाख सरकारी नौकरियाँ दी गई थीं, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक लगभग 11 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियाँ प्रदान की जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सरकारी भर्ती प्रक्रिया में साक्षात्कार (इंटरव्यू) समाप्त कर एक पारदर्शी, समयबद्ध प्रणाली लागू की गई है — विज्ञापन से लेकर नियुक्ति तक।
मल्होत्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के दौर में युवाओं को देश-निर्माण में भागीदार बनाने की सोच ही नहीं थी, जबकि वर्तमान सरकार ने युवाओं को 'विकसित भारत' के वाहक के रूप में स्थान दिया है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब सरकारी नौकरियों की माँग और आपूर्ति के बीच की खाई को लेकर सार्वजनिक बहस जारी है। गौरतलब है कि यह 19वाँ रोजगार मेला है, जो यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार ने इस माध्यम को नियमित नीतिगत उपकरण के रूप में अपनाया है। पुणे जैसे शहरी केंद्रों में आयोजन से स्पष्ट है कि यह पहल महानगरीय और अर्ध-शहरी युवाओं तक भी पहुँच रही है।
क्या होगा आगे
चयनित उम्मीदवार अब अपने-अपने विभागों में योगदान देंगे। रेल मंत्रालय और BPCL जैसे संस्थानों में महिलाओं की नियुक्ति को सरकार महिला श्रम-भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत के रूप में प्रस्तुत कर रही है। आगामी रोजगार मेलों की तिथियाँ अभी घोषित नहीं की गई हैं।