आरएसएस की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक 2-4 नवंबर को इंदौर में, भागवत सहित शीर्ष नेतृत्व होगा शामिल
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक इस वर्ष 2, 3 और 4 नवंबर 2026 को मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित की जाएगी। संगठन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, तीन दिवसीय इस बैठक में संघ के शीर्ष पदाधिकारियों से लेकर देशभर के प्रांत और क्षेत्र स्तर के प्रमुख कार्यकर्ता तक सम्मिलित होंगे। यह बैठक संगठन की शताब्दी वर्ष गतिविधियों की समीक्षा और आगामी राष्ट्रीय कार्ययोजना तय करने की दृष्टि से विशेष महत्व रखती है।
कौन-कौन होगा शामिल
बैठक में संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले और सभी छह सह सरकार्यवाह उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त विभिन्न अखिल भारतीय विभागों के प्रमुख तथा कार्यकारिणी के सदस्य भी बैठक में भाग लेंगे।
संघ की संगठनात्मक संरचना के सभी 46 प्रांतों के प्रांत संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक तथा सह प्रांत स्तर के पदाधिकारी इस बैठक में उपस्थित रहेंगे। इसी प्रकार संघ के सभी 11 क्षेत्रों के क्षेत्र संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक और उनके सहयोगी भी हिस्सा लेंगे।
शताब्दी वर्ष की समीक्षा होगी प्रमुख एजेंडा
आरएसएस के अनुसार, हाल ही में संपन्न विजयादशमी उत्सव के साथ पिछले एक वर्ष से देशभर में चल रही संघ शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों की श्रृंखला पूरी हुई है। इस पृष्ठभूमि में बैठक का एक मुख्य एजेंडा शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की व्यापक समीक्षा करना होगा।
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब संघ अपनी स्थापना के सौवें वर्ष के बाद नई कार्ययोजना की दिशा तय करने की प्रक्रिया में है।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा
बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत द्वारा विजयादशमी उत्सव के अवसर पर दिए गए उद्बोधन में उठाए गए प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। संघ के अनुसार, बैठक के दौरान जिन विषयों पर चर्चा हो सकती है उनमें डिजिटल और नए माध्यमों की सामग्री, नशीली दवाओं की बढ़ती समस्या, बाहरी शक्तियों का हस्तक्षेप, वैश्विक परिदृश्य तथा समकालीन सामाजिक-राष्ट्रीय विषय शामिल हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब देश में सोशल मीडिया और डिजिटल सामग्री को लेकर सामाजिक बहस तेज़ है, और संघ का इन विषयों पर आधिकारिक रुख उल्लेखनीय माना जाएगा।
बैठक का सांगठनिक महत्व
संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर द्वारा जारी जानकारी में बताया गया कि यह बैठक संगठन के आगामी कार्यक्रमों, कार्ययोजनाओं और राष्ट्रीय मुद्दों पर संघ की दिशा निर्धारित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक प्रतिवर्ष आयोजित होती है और इसे संघ का शीर्ष नीति-निर्धारण मंच माना जाता है।
इंदौर में यह बैठक आयोजित होना मध्य प्रदेश में संघ के व्यापक सांगठनिक आधार को भी दर्शाता है। आगामी कार्ययोजना और संगठनात्मक विस्तार की रूपरेखा इस तीन दिवसीय मंथन से सामने आएगी।