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क्या आरएसएस शताब्दी समारोह में देश की जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी से मिली नई दिशा?

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क्या आरएसएस शताब्दी समारोह में देश की जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी से मिली नई दिशा?

सारांश

आरएसएस शताब्दी समारोह ने देश की जानी-मानी हस्तियों को एकत्र किया, जहां मोहन भागवत के प्रेरक संबोधन ने एक नई दिशा दी। इस कार्यक्रम में भाग लेने वालों ने एकता, स्वदेशी भावना और जिम्मेदार नागरिकता के महत्व पर जोर दिया।

मुख्य बातें

एकता का महत्व स्वदेशी भावना को बढ़ावा जिम्मेदार नागरिकता का आह्वान संविधान और कानून के दायरे में असहमति व्यक्त करना देश के विकास के लिए सकारात्मक सोच

नई दिल्ली, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी समारोह का आयोजन दिल्ली में हुआ, जिसमें देश के कई प्रमुख व्यक्तित्वों ने भाग लिया। इस भव्य कार्यक्रम में संघ के नेता मोहन भागवत द्वारा दिए गए तीन दिवसीय संवाद और संबोधन का गहरा असर सभी प्रतिभागियों पर पड़ा।

पैरा-एथलीट दीपा मलिक ने कार्यक्रम के बाद राष्ट्र प्रेस से कहा, "भले ही मतभेद हों, हमें एकता बनाए रखनी चाहिए। आजादी का असली अर्थ समझते हुए, यदि किसी बात पर असहमति हो, तो उसे संविधान और कानून के दायरे में रहते हुए भारतीय पहचान को ध्यान में रखते हुए, जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यक्त करना चाहिए।"

प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल ने स्वदेशी भावना को बल देते हुए कहा, "हम अगर स्वदेशी के प्रति वफादार रहें, तो हम बहुत आगे बढ़ सकते हैं।"

केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने मोहन भागवत के संबोधन पर कहा, "मैं उनके व्याख्यान से बेहद प्रभावित हूं। यह निश्चित रूप से हमारे जीवन, समाज और देश में परिवर्तन लाने का कार्य करेगा।"

विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, "यह एक भव्य आयोजन था। मोहन भागवत को तीन दिनों तक सुनकर संघ की कार्यप्रणाली और दिशा की गहरी समझ बनी है। कई जिज्ञासाओं का समाधान भी मिला।"

भाजपा नेता और लेखक प्रो राकेश सिन्हा ने कहा, "सरसंघचालक का संदेश पूरे देश और दुनिया के लिए है। संघ सकारात्मक और रचनात्मक आधार पर देश में सकारात्मक माहौल बनाने का कार्य कर रहा है।"

इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, "राहुल गांधी पर अक्सर विदेशी संबंधों के आरोप लगते रहे हैं। उनके वक्तव्यों और आचरण से यह स्पष्ट होता है कि, भले ही वह भारत के नागरिक हों, लेकिन उनका व्यवहार विदेशी हितों के अनुरूप होता है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश के समग्र विकास के लिए एक नई सोच का भी प्रतीक है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरएसएस शताब्दी समारोह कब आयोजित किया गया?
आरएसएस शताब्दी समारोह 27 अगस्त 2023 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
इस समारोह में कौन-कौन सी हस्तियाँ शामिल हुईं?
समारोह में कई प्रमुख हस्तियाँ शामिल हुईं, जैसे कि दीपा मलिक, कन्हैया मित्तल, एसपी सिंह बघेल और प्रो राकेश सिन्हा।
मोहन भागवत का संबोधन किस विषय पर था?
मोहन भागवत का संबोधन एकता, स्वदेशी भावना और जिम्मेदार नागरिकता के महत्व पर केंद्रित था।
इस समारोह का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस समारोह का मुख्य उद्देश्य संघ की कार्यप्रणाली और दिशा को स्पष्ट करना और देश के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करना था।
क्या इस कार्यक्रम ने किसी विशेष संदेश दिया?
हां, इस कार्यक्रम ने एकता और सकारात्मकता का संदेश दिया, साथ ही जिम्मेदार नागरिकता की आवश्यकता पर जोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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