क्या सबरीमाला सोना चोरी मामले में ईडी ने केस दर्ज किया और एसआईटी ने 'तंंत्री' को हिरासत में लिया?
सारांश
Key Takeaways
- एसआईटी ने तंंत्री कांतारू राजीव को हिरासत में लिया।
- ईडी ने PMLA के तहत केस दर्ज किया।
- अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार हैं।
- मामले में राजनीतिक और कानूनी जटिलताएँ बढ़ती जा रही हैं।
- जांच में प्रमुख आरोपियों के वित्तीय लेन-देन की जांच की जाएगी।
तिरुवनंतपुरम, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सबरीमाला सोने की चोरी के संदर्भ में विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने शुक्रवार को सबरीमाला मंदिर के तंंत्री (पुजारी) कांतारू राजीव को हिरासत में लिया। इसके साथ ही, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत एक केस दर्ज किया।
केरल विधानसभा चुनाव के पहले इन घटनाओं से इस हाई-प्रोफाइल मामले पर राजनीतिक और जांच का ध्यान और बढ़ गया है। पिछले कई दिनों से बार-बार नोटिस जारी होने के बावजूद राजीव के पेश न होने पर एसआईटी ने उन्हें हिरासत में लिया।
जांचकर्ताओं ने बताया कि तांत्रिक समन से बच रहा था, जिसके बाद एसआईटी ने सबरीमाला मंदिर से जुड़े कथित सोने की चोरी के मामले में पूछताछ के लिए उसे हिरासत में लिया।
इस बीच, ईडी ने एसआईटी द्वारा पहले प्रस्तुत की गई दो चार्जशीट को मिलाकर एक ही मामले में एक एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दायर की। दोनों चार्जशीट में कुल 15 आरोपियों के नाम शामिल हैं। ईडी की ओर से दर्ज किए गए मामले में भी यही सूची होने की संभावना है।
अब तक, एसआईटी ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सभी वर्तमान में ज्यूडिशियल कस्टडी में हैं। पीएमएलए के प्रावधानों का उपयोग करके ईडी ने कथित अपराध से जुड़े पैसों का पता लगाने और मनी लॉन्ड्रिंग की संभावनाओं की जांच करने के लिए अपने जांच के दायरे को बढ़ा दिया है।
एजेंसी को अपराध से जुड़ी संपत्तियों को अटैच करने और जब्त करने का अधिकार प्राप्त है।
शुरुआत में, ईडी को यह उम्मीद है कि वह मुख्य आरोपियों, जिनमें उन्नीकृष्णन पोट्टी, गोवर्धन और पंकज भंडारी शामिल हैं, के वित्तीय लेन-देन की जांच करेगी।
सबरीमाला सोने की चोरी का मामला मंदिर के धार्मिक महत्व और अपराध के कथित संगठित स्वरूप के कारण पहले ही ध्यान आकर्षित कर चुका है। अब, ईडी की एंट्री और एसआईटी की जांच तेज होने के साथ, यह मामला आने वाले दिनों में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंचने वाला है।