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क्या सबरीमाला सोना घोटाला चुनावों में प्रमुख मुद्दा बनेगा?

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क्या सबरीमाला सोना घोटाला चुनावों में प्रमुख मुद्दा बनेगा?

सारांश

क्या सबरीमाला सोना घोटाला आगामी चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बनेगा? विपक्ष के नेता वीडी सतीसन का कहना है कि यह घोटाला राजनीतिक संरक्षण का परिणाम है। वे चुनावों में यूडीएफ की वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।

मुख्य बातें

सबरीमाला सोना घोटाला एक गंभीर मुद्दा है।
विपक्ष इसे चुनावी प्लेटफार्म पर उठाने का प्रयास कर रहा है।
यूडीएफ को लोगों का समर्थन मिलने की उम्मीद है।
सीपीआई-एम पर आरोप है कि वे आरोपियों को बचा रहे हैं।
अगले चुनावों में जनता का फैसला महत्वपूर्ण होगा।

तिरुवनंतपुरम, 27 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने गुरुवार को कहा कि सबरीमाला सोने की चोरी आगामी चुनावों का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनकर उभरेगा और इसके पीछे सीपीआई-एम की साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाई कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी ने अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन सत्ताधारी पार्टी चोरी में शामिल लोगों को लगातार संरक्षण दे रही है।

सतीसन ने कहा, "सीपीआई-एम कार्रवाई करने से हिचक रही है, क्योंकि पूछताछ के दौरान आरोपी वरिष्ठ पार्टी नेताओं के नाम उजागर कर सकते हैं।"

उन्होंने दावा किया कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) का मजबूत पुनर्जागरण होगा। उन्होंने कहा, "हम ‘टीम यूडीएफ’ के रूप में पूरे राज्य में तैयारी के साथ चुनाव लड़ रहे हैं। लोग बदलाव के लिए तैयार हैं और यूडीएफ शानदार वापसी करेगी।"

उन्होंने बताया कि चुनाव अभियान में सरकार की विफलताओं को उजागर किया जाएगा, जबकि विस्तृत घोषणा पत्र और सरकार के खिलाफ चार्जशीट के जरिए यूडीएफ अपनी प्रतिबद्धताओं को जनता के सामने रखेगा।

सतीसन ने कहा कि सोने की चोरी कोई साधारण अपराध नहीं, बल्कि राजनीतिक संरक्षण वाली योजना का परिणाम है। उन्होंने पूर्व देवस्वम मंत्री कडकंपल्ली सुरेंद्रन पर आरोप लगाया कि उन्हें चोरी किए गए सोने को मंदिर से बाहर ले जाने की जानकारी थी और 2018–19 के दौरान उनका आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी से सीधा संबंध था।

उन्होंने कहा, "हम सबूत पेश करेंगे। और नाम सामने आएंगे। इसी कारण सीपीआई(एम) आरोपियों को बचा रही है।"

सतीसन के अनुसार, पहली बार हुई चोरी को सार्वजनिक और मीडिया के स्तर पर महत्व नहीं मिला, जिससे आरोपियों को दोबारा प्रयास करने का साहस मिला। उन्होंने कहा, "अंदर के लोगों को पूरा मामला पता था। अब अदालत ने वही पुष्टि की है जो विपक्ष पहले से कहता आ रहा था।"

उन्होंने कहा कि मंदिर के गर्भगृह का द्वार, फ्रेम और संरक्षक मूर्तियों को हटाने में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

सतीसन ने चुनौतीपूर्ण अंदाज में कहा, "जेल की ओर जुलूस शुरू हो चुका है। केरल की जनता इस चुनाव में अपना फैसला सुना देगी।"

अंत में उन्होंने आश्वस्त किया कि अगर यूडीएफ सत्ता में आती है तो मंदिर प्रशासन और शासन में हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी और जनता का विश्वास बहाल किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि सबरीमाला सोना घोटाला केवल एक आपराधिक मामले नहीं, बल्कि एक राजनीतिक विमर्श का हिस्सा है। विपक्ष इसे चुनावी प्लेटफार्म पर उठाकर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। यह मुद्दा निश्चित रूप से केरल की राजनीति को प्रभावित करेगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सबरीमाला सोना घोटाला क्या है?
यह एक मामला है जिसमें मंदिर से सोने की चोरी और इसके पीछे राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगाया गया है।
इस घोटाले में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
हाई कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी ने अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
यूडीएफ की चुनावी रणनीति क्या है?
यूडीएफ अपनी चुनावी तैयारियों के तहत सरकार की विफलताओं को उजागर कर रही है।
सीपीआई-एम पर क्या आरोप हैं?
सीपीआई-एम पर आरोप है कि वे घोटाले में शामिल लोगों को संरक्षण दे रहे हैं।
क्या इस मामले का चुनाव परिणाम पर असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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