क्या साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने दिग्विजय सिंह को सही जवाब दिया?
सारांश
Key Takeaways
- साध्वी प्रज्ञा ने दिग्विजय सिंह की टिप्पणी की निंदा की।
- कांग्रेस सदस्यों की विचारधारा पर सवाल उठाए।
- बंगाल में भाजपा सरकार की संभावना जताई।
- बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की चिंता व्यक्त की।
भोपाल, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की 'भारत में एक भी हिंदू नहीं' टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति की बातों में कोई विश्वसनीयता नहीं है, जिसने भगवा और हिंदुत्व को आतंकवाद कहा।
दिग्विजय सिंह पर तंज कसते हुए साध्वी प्रज्ञा ने कहा, "कांग्रेस सदस्यों की कोई विचारधारा नहीं है। उस व्यक्ति (दिग्विजय सिंह) का व्यक्तित्व बिल्कुल अलग है और गलत है। आज वे आरएसएस की तारीफ करते हैं, लेकिन एक समय उन्होंने 26/11 हमले के ऊपर लिखी किताब में संघ को आतंकवादी संगठन बताया। इसलिए उस व्यक्ति की बातों का कोई महत्व नहीं है।"
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में साध्वी प्रज्ञा ने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "हमारे समाज और देश में चाणक्य जैसे महान विचारक ने कहा था कि एक विदेशी महिला का बेटा शासन करने के लायक नहीं हो सकता और वह कभी देशभक्त नहीं हो सकता है, यह बिल्कुल सुनिश्चित है।"
पूर्व भाजपा सांसद ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी कटाक्ष किया। साध्वी प्रज्ञा ने कहा, "उन्हें ममता दीदी नहीं कहा जा सकता। उन्हें अपना नाम भी बदल लेना चाहिए था, क्योंकि उन्होंने खुद को मुसलमानों के साथ जोड़ लिया है। वह ममताज या मुमताज बानो बन चुकी हैं। उनकी सोच वही है और यह राज्य के लिए भी सही नहीं है।"
उन्होंने कहा कि जब किसी राज्य में सही लीडरशिप नहीं होती और लोग इतने परेशान होते हैं, आज उस राज्य में बदलाव जरूरी है। भगवान के आशीर्वाद से बंगाल में इस बार भाजपा सरकार आएगी और जनता सुखी होगी।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार को लेकर साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि दीपू दास की हत्या के बाद लगातार किसी न किसी हिंदू को निशाना बनाया जा रहा है। ये जानबूझकर की गई साजिशें हैं और जिस तरह से इन्हें बढ़ावा दिया जा रहा है, सत्ता में बदलाव जरूरी है। एक ऐसी शासन व्यवस्था होनी चाहिए जो सही प्रशासन कर सके।