क्या कासगंज चंदन गुप्ता हत्याकांड के दोषी सलीम की इलाज के दौरान मौत हो गई?

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क्या कासगंज चंदन गुप्ता हत्याकांड के दोषी सलीम की इलाज के दौरान मौत हो गई?

सारांश

कासगंज के चर्चित चंदन गुप्ता हत्याकांड में दोषी सलीम की लखनऊ में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। इस घटना ने पूरे देश में फिर से चर्चा का विषय बना दिया है। जानिए इस हत्याकांड की पृष्ठभूमि और इसके बाद की कानूनी लड़ाई के बारे में।

Key Takeaways

  • कासगंज हत्याकांड ने पूरे देश में हंगामा मचाया।
  • सलीम की मृत्यु ने इस मामले में नए प्रश्न उठाए।
  • सजा का लंबा कानूनी सफर चंदन के परिवार के लिए था।
  • इस मामले में न्याय की प्रक्रिया को समझना आवश्यक है।
  • सलीम सहित अन्य दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी गई।

लखनऊ, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कासगंज के प्रसिद्ध चंदन गुप्ता हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे सलीम की लखनऊ में चिकित्सा के दौरान मृत्यु हो गई। लखनऊ जिला कारागार के जेलर ने सलीम की मृत्यु की पुष्टि की है।

सलीम को उपचार हेतु लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में भर्ती किया गया था, जहां पुलिस सुरक्षा में उसका इलाज चल रहा था। बुधवार को उसकी स्थिति बिगड़ने के पश्चात उसकी मृत्यु हो गई।

सलीम, 2018 में कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसा में मारे गए चंदन गुप्ता की हत्या में शामिल था। एनआईए स्पेशल कोर्ट, लखनऊ ने सलीम को अन्य 27 दोषियों के साथ इस मामले में दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। कोर्ट के निर्णय के बाद सलीम ने अन्य दोषियों के साथ आत्मसमर्पण किया था, जिसके पश्चात वह जेल में बंद था।

गौरतलब है कि कासगंज में 26 जनवरी 2018 को तिरंगा यात्रा निकाली गई थी। चंदन गुप्ता अपने भाई विवेक गुप्ता और अन्य साथियों के साथ तिरंगा यात्रा में शामिल था। जब तिरंगा यात्रा कासगंज के तहसील रोड स्थित जीजीआईसी गेट के पास पहुंची, उसी समय विवाद उत्पन्न हुआ। आरोप था कि सलीम, वसीम और नसीम समेत कई लोगों ने रास्ता रोक लिया। जब चंदन ने आपत्ति जताई तो स्थिति बिगड़ गई और पथराव आरंभ हो गया। तिरंगा यात्रा के दौरान गोलीबारी की भी घटना हुई।

मुख्य आरोपियों में से एक, सलीम ने चंदन गुप्ता पर गोली चलाई, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। हिंसा के कारण शहर में अशांति फैल गई, जिसके कारण एक सप्ताह तक कर्फ्यू लगा रहा और इंटरनेट सेवा बंद रही।

इस मामले में लगभग 6 साल की कानूनी लड़ाई के पश्चात चंदन के परिवार को जनवरी 2025 में न्याय मिला। एनआईए स्पेशल कोर्ट ने चंदन गुप्ता हत्याकांड में 28 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दो व्यक्तियों को इस मामले से बरी भी कर दिया, क्योंकि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं थे।

Point of View

हमें इस मामले में न्याय की प्रक्रिया की गंभीरता को समझना चाहिए। सलीम की मृत्यु एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जो कासगंज के लोगों के लिए कई सवाल छोड़ता है। हमें हमेशा सत्य और न्याय के पक्ष में खड़ा रहना चाहिए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

सलीम की मृत्यु कैसे हुई?
सलीम की मृत्यु लखनऊ में इलाज के दौरान हुई, जब उसकी हालत अचानक बिगड़ गई।
चंदन गुप्ता हत्याकांड क्या है?
यह हत्याकांड 2018 में कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हुआ, जिसमें चंदन गुप्ता की हत्या की गई।
सलीम को कितनी सजा मिली थी?
सलीम को एनआईए स्पेशल कोर्ट द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
क्या इस मामले में अन्य आरोपी भी हैं?
हां, इस मामले में कुल 28 आरोपी हैं, जिनमें से कई को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
इस मामले की सुनवाई कब हुई थी?
इस मामले की सुनवाई एनआईए स्पेशल कोर्ट में हुई थी, जिसमें 6 सालों तक कानूनी लड़ाई चली।