सैम पित्रोदा ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' आंदोलन को 'अरब स्प्रिंग' से जोड़ा, युवाओं के साहस की तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में दिए एक विशेष साक्षात्कार में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध-प्रदर्शनों का खुलकर समर्थन किया और इस आंदोलन की तुलना 'अरब स्प्रिंग' से की। उन्होंने इसे 'निडर विरोध, साहस और जागरूकता' का प्रतीक बताया और कहा कि युवाओं की आवाज़ सराहनीय है, चाहे उनसे कुछ गलतियाँ ही क्यों न हुई हों।
आंदोलन की 'अरब स्प्रिंग' से तुलना
पित्रोदा ने कहा, 'मुझे लगता है कि छात्र आंदोलन और 'कॉकरोच जनता पार्टी' आंदोलन निडर विरोध, साहस और जागरूकता को लेकर है। अपने एक लेख में, मैंने इसे 'भारतीय मानसून' कहा था, जो 'अरब स्प्रिंग' से काफी मेल खाता है।' उल्लेखनीय है कि 'अरब स्प्रिंग' 2010 और 2011 में मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में उभरी लोकतंत्र-समर्थक क्रांतिकारी लहर थी, जिसने ट्यूनीशिया और मिस्र सहित कई देशों की दीर्घकालीन सत्ताओं को उखाड़ फेंका था।
पित्रोदा के अनुसार इस आंदोलन का श्रेय उन युवाओं को जाता है जिन्होंने अपनी आवाज़ बुलंद करने की हिम्मत दिखाई। यह ऐसे समय में आया है जब युवा-नेतृत्व वाले राजनीतिक आंदोलनों को लेकर देशभर में चर्चा तेज़ है।
अभद्र भाषा विवाद पर पित्रोदा का रुख
CJP विरोध-प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर उठे विवाद पर पित्रोदा ने संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने स्वीकार किया कि 'कुछ लोगों ने तेज़ आवाज़ में बात की, कुछ ने गलत भाषा का इस्तेमाल किया', लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि प्रदर्शनकारियों का आक्रोश वास्तविक था और उसी आक्रोश ने नई बहसें खोलीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस भाषाशैली का व्यक्तिगत समर्थन नहीं करते, किंतु युवाओं के गुस्से को अनदेखा करना उचित नहीं होगा।
CJP और AAP के संबंध पर कोई टिप्पणी नहीं
जब उनसे पूछा गया कि क्या 'कॉकरोच जनता पार्टी' की जड़ें आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़ी हैं, तो पित्रोदा ने स्पष्ट कहा कि उनके पास इस दावे पर टिप्पणी करने के लिए पर्याप्त जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता। वे जो कहते हैं, मैं उसे उसी रूप में स्वीकार करता हूं। जहाँ तक मैं समझता हूं, वे युवाओं का एक समूह है, जो बहुत समझदार है।'
अल्पसंख्यक, ओबीसी और दलितों को मिली नई आवाज़
पित्रोदा ने कहा कि हाल के छात्र आंदोलनों ने अल्पसंख्यकों, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), दलितों और आदिवासी समुदायों में नई ऊर्जा भरी है। उनके अनुसार ये समुदाय अक्सर खुद को आर्थिक अवसरों और निर्णय-निर्माण प्रक्रियाओं से बाहर पाते हैं, लेकिन छात्र आंदोलन ने उन्हें यह एहसास दिलाया कि उनकी भी अपनी आवाज़ है।
यूट्यूबर ध्रुव राठी की सराहना
यूट्यूबर ध्रुव राठी के बारे में बात करते हुए पित्रोदा ने उन्हें 'एक होनहार युवा' बताया जिनके बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। उन्होंने राठी के विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने और अपने विचार रखने के अधिकार का पूर्ण समर्थन किया और कहा, 'एक भारतीय नागरिक के तौर पर उन्हें विरोध प्रदर्शन में शामिल होने और अपने विचार रखने का पूरा अधिकार है। मैं उनके साहस की सराहना करता हूं।'
गौरतलब है कि पित्रोदा ने महात्मा गांधी के साहस पर दिए जोर का हवाला देते हुए कहा कि बदलाव के लिए डर से बाहर निकलना सबसे ज़रूरी कदम है। उनके इस साक्षात्कार से राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ना तय है।