क्या संभल हिंसा की रिपोर्ट में हिंदुओं के पलायन का कारण बताया गया?

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क्या संभल हिंसा की रिपोर्ट में हिंदुओं के पलायन का कारण बताया गया?

सारांश

संभल जिले में हुई हिंसा की रिपोर्ट ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी के अनुसार, यह रिपोर्ट हिंदुओं के पलायन का कारण बताती है। क्या यह सच है? जानिए इस विवाद के पीछे की कहानी।

Key Takeaways

  • संभल हिंसा ने राजनीतिक स्थिति को प्रभावित किया।
  • रिपोर्ट में हिंदुओं के पलायन का कारण मजहबी प्रताड़ना बताया गया।
  • सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तर्क-वितर्क बढ़ रहा है।
  • योगी सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में लाने का दावा किया।
  • समाजवादी पार्टी ने प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए हैं।

लखनऊ, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हुई हिंसा की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी गई है। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।

भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि इस रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि वहां से हिंदुओं को मजहबी प्रताड़ना के कारण पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा।

राकेश त्रिपाठी ने राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में कहा कि संभल हिंसा पर न्यायिक आयोग की रिपोर्ट से यह तथ्य सामने आया है कि मजहबी प्रताड़ना के चलते हिंदुओं को पलायन करने पर विवश होना पड़ा। उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू के समय से चल रही मजहबी तुष्टीकरण की राजनीति ने न केवल संभल, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी गंभीर खतरे पैदा किए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में वहां आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों को बढ़ावा दिया गया। देश विरोधी शक्तियां सक्रिय हुई हैं। राकेश त्रिपाठी ने बताया कि योगी सरकार ने 24 नवंबर 2024 की हिंसक घटना को नियंत्रण में लिया है। यही संभल की सच्चाई है, जिसे नकारा नहीं जा सकता।

निष्कासित विधायक पूजा पाल ने डीजीपी से सुरक्षा की मांग की है। अखिलेश यादव ने भी उनकी दूसरी शादी पर टिप्पणी की है। इस पर राकेश त्रिपाठी ने सपा पर हमला बोला।

उन्हें कहना था कि समाजवादी पार्टी का चरित्र और अतीत ऐसा है कि माफिया अतीक के खिलाफ बोलने पर पूजा पाल को कठिनाई हो सकती है। पूजा पाल को ऐसा आभास हो रहा है। उन्हें पार्टी से निष्कासित करने के बाद पार्टी कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूजा पाल को डरने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है।

वहीं, संभल हिंसा पर न्यायिक आयोग की रिपोर्ट पर समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता जूही सिंह ने कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार, इस रिपोर्ट में प्रशासन को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। जब दंगे भड़के, तब शासन-प्रशासन जिम्मेदार था। आतंकी संगठन वहां कैसे पहुंचे? सरकार क्या कर रही थी? यह इंटेलिजेंस की विफलता थी। सरकार को मौतों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने सपा से निष्कासित पूजा पाल पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि पूजा पाल के साथ समाजवादी पार्टी हमेशा खड़ी रही है। सपा से टिकट मिलने पर वह विधायक बनीं। उन्हें जनता के बीच जाना चाहिए। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति हम नहीं करते, लेकिन सपा प्रमुख पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करेंगे। सपा कार्यकर्ताओं का सम्मान जरूरी है।

Point of View

यह आवश्यक है कि हम इस मुद्दे पर निष्पक्ष दृष्टिकोण रखें। हिंसा की घटनाएं किसी भी समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होती हैं। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी समुदायों का सम्मान किया जाए और शांति का माहौल बनाया जाए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

संभल हिंसा का मुख्य कारण क्या था?
संभल हिंसा का मुख्य कारण मजहबी प्रताड़ना को बताया गया है, जिसके चलते हिंदुओं को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा।
रिपोर्ट में प्रशासन की भूमिका का क्या हुआ?
रिपोर्ट में प्रशासन को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है, लेकिन हालात को नियंत्रित करने में प्रशासन की विफलता को उजागर किया गया है।
भाजपा और सपा का क्या बयान है?
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने सपा पर आरोप लगाया है जबकि सपा प्रवक्ता ने प्रशासन की जिम्मेदारी से भागने का आरोप लगाया है।