न्यूजीलैंड में डोडा के संदेश सिंह की सड़क दुर्घटना में मौत, मंत्री जितेंद्र सिंह ने परिवार को दिलाया कांसुलर मदद का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के निवासी संदेश सिंह की न्यूजीलैंड में एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी साझा करते हुए परिवार को आश्वस्त किया कि वेलिंगटन स्थित भारतीय उच्चायोग इस मामले में सक्रिय रूप से संलग्न है और पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 4 अक्टूबर को क्वीन्सटाउन में हुई इस दुर्घटना की जानकारी न्यूजीलैंड पुलिस ने भारतीय उच्चायोग को दी थी।
दुर्घटना का विवरण और पहचान की चुनौती
वेलिंगटन स्थित भारतीय उच्चायोग को न्यूजीलैंड पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना 4 अक्टूबर को क्वीन्सटाउन में हुई। मृत व्यक्ति के संदेश सिंह होने का संदेह है, हालाँकि उच्चायोग के अनुसार औपचारिक पहचान अभी तक पूरी नहीं हो पाई थी।
पहचान में कई व्यावहारिक बाधाएँ सामने आई हैं। दुर्घटना में चेहरे पर गंभीर चोट लगने के कारण दृश्य पहचान संभव नहीं है। इसके अलावा, कोई डेंटल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है और न्यूजीलैंड में ऐसा कोई करीबी रिश्तेदार नहीं है जो डीएनए विश्लेषण के ज़रिए पहचान में सहायता कर सके। पुलिस ने उच्चायोग को सूचित किया था कि पहचान की प्रक्रिया शीघ्र पूरी होने की उम्मीद है।
मंत्री जितेंद्र सिंह की प्रतिक्रिया
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'डोडा जिले के संदेश सिंह के बारे में यह अपडेट है, जिनका न्यूजीलैंड में एक दुर्भाग्यपूर्ण सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था। उनके परिवार ने डोडा वेस्ट के विधायक और पूर्व मंत्री शक्ति राज परिहार के जरिए मदद माँगी थी। हम वहाँ स्थित भारतीय उच्चायोग के साथ इस मामले पर लगातार संपर्क बनाए हुए हैं और मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द वापस लाने की हर संभव कोशिश की जा रही है।'
गौरतलब है कि परिवार ने सीधे केंद्र सरकार तक पहुँचने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि का सहारा लिया, जो ऐसे मामलों में कांसुलर प्रक्रिया को गति देने में सहायक साबित हुआ।
उच्चायोग की कार्रवाई और समन्वय
भारतीय उच्चायोग न्यूजीलैंड पुलिस, परिवार और क्वीन्सटाउन में स्थानीय भारतीय समुदाय के साथ निरंतर संपर्क में है। संदेश सिंह के भाई अनिल सिंह ने उच्चायोग से संपर्क स्थापित किया है और उन्हें मामले की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया गया है।
उच्चायोग ने स्पष्ट किया है कि पहचान की पुष्टि और आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी होने के पश्चात पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने के लिए हर संभव कांसुलर सहायता प्रदान की जाएगी।
समुदाय की पहल और फंडरेजिंग
क्वीन्सटाउन में भारतीय समुदाय के सदस्यों ने पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने के खर्च के लिए एक फंडरेजिंग पेज बनाया है। उच्चायोग को मिली जानकारी के अनुसार, इस पेज पर अब तक लगभग ₹9 लाख एकत्र हो चुके हैं। समुदाय की यह एकजुटता इस कठिन समय में परिवार के लिए नैतिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर राहत का स्रोत बनी है।
आगे की प्रक्रिया
उच्चायोग ने पुष्टि की है कि पहचान प्रक्रिया पूरी होते ही शव को सुपुर्दगी और भारत वापस लाने की सभी औपचारिकताएँ पूरी की जाएँगी। जितेंद्र सिंह के कार्यालय के अनुसार, इस पूरे मामले पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है। यह मामला विदेशों में बसे भारतीयों को कांसुलर सेवाओं की उपलब्धता और उनकी सीमाओं, दोनों को एक साथ रेखांकित करता है।