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डोडा में 12 वर्षों का कायाकल्प: जितेंद्र सिंह ने गिनाईं सड़क, शिक्षा और 'पर्पल रेवोल्यूशन' की उपलब्धियाँ

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डोडा में 12 वर्षों का कायाकल्प: जितेंद्र सिंह ने गिनाईं सड़क, शिक्षा और 'पर्पल रेवोल्यूशन' की उपलब्धियाँ

सारांश

डोडा — जो कभी कनेक्टिविटी और अवसरों की कमी से जूझता था — अब लैवेंडर क्रांति, नए राजमार्गों और उच्च शिक्षा संस्थानों के बल पर बदलाव की मिसाल बन रहा है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार यह 12 वर्षों की विकास यात्रा मोदी के आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर के विजन की जमीनी तस्वीर है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने 8 जून 2026 को डोडा जिले में 12 वर्षों के विकास कार्यों का विवरण साझा किया।
शैलानी टनल और PMGSY के तहत नई सड़कों ने दूरदराज के गाँवों की कनेक्टिविटी बेहतर की।
पर्पल रेवोल्यूशन के तहत लैवेंडर की खेती ने किसानों की आय बढ़ाई और डोडा को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।
मेडिकल कॉलेज , डिग्री कॉलेज और केंद्रीय विद्यालय खुलने से युवाओं को जिले में ही उच्च शिक्षा उपलब्ध।
पर्यटन, कृषि और शिक्षा में निवेश से डोडा में रोज़गार के नए अवसर उभर रहे हैं।

केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने 8 जून 2026 को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में पिछले 12 वर्षों के दौरान हुए बहुआयामी विकास कार्यों का विस्तृत विवरण साझा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित और आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर के विजन के तहत डोडा अब एक जुड़े हुए, सशक्त और समृद्ध जिले के रूप में उभर रहा है।

कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव

मंत्री जितेंद्र सिंह ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा कि शैलानी टनल और नए हाईवे प्रोजेक्ट्स ने पूरे इलाके की कनेक्टिविटी को बुनियादी तौर पर बदल दिया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत दूरदराज के गाँवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ा गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा संस्थानों और बाज़ारों तक पहुँच पहले की तुलना में काफी सुगम हो गई है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिले वर्षों से भौगोलिक अलगाव की चुनौती झेलते रहे हैं।

पर्पल रेवोल्यूशन: किसानों की नई पहचान

मंत्री ने 'पर्पल रेवोल्यूशन' को डोडा की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि बताया। लैवेंडर की खेती ने जिले को राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान दिलाई है और स्थानीय किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इस कृषि-क्रांति ने न केवल किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त किया है, बल्कि जिले की समग्र अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दी है। गौरतलब है कि लैवेंडर उत्पादन में डोडा अब देश के प्रमुख जिलों में शुमार होने लगा है।

शिक्षा क्षेत्र में नई सुविधाएँ

शिक्षा के मोर्चे पर भी डोडा ने उल्लेखनीय प्रगति की है। दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज, डिग्री कॉलेज और केंद्रीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं। इससे पहले जो युवा उच्च शिक्षा के लिए जिले से बाहर जाने को मजबूर थे, वे अब अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। यह बदलाव स्थानीय युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोलता है।

रोज़गार और आर्थिक विकास

पर्यटन, कृषि और शिक्षा क्षेत्र में बढ़ते निवेश से डोडा में रोज़गार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। जितेंद्र सिंह ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के प्रत्येक जिले के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और डोडा में हो रहे कार्य अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं। स्थानीय लोगों में इस विकास की रफ्तार से नई उम्मीद जगी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक राजनीतिक कथा-निर्माण का हिस्सा है — विशेषकर तब जब जम्मू-कश्मीर में चुनावी माहौल और केंद्र शासित प्रदेश की स्थिति पर बहस जारी है। लैवेंडर और सड़कों की सफलता वास्तविक है, लेकिन इन दावों को स्वतंत्र आँकड़ों — किसानों की औसत आय वृद्धि, शिक्षण संस्थानों में नामांकन संख्या, और रोज़गार सृजन के सत्यापन — से परखा जाना ज़रूरी है। डोडा जैसे संवेदनशील सीमावर्ती जिले में विकास की गति का असली पैमाना बुनियादी ढाँचा नहीं, बल्कि आम नागरिक की जीवन गुणवत्ता है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डोडा जिले में पिछले 12 वर्षों में क्या-क्या विकास हुआ है?
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार डोडा में सड़क नेटवर्क, शैलानी टनल, नए हाईवे, मेडिकल कॉलेज, डिग्री कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय और लैवेंडर की खेती (पर्पल रेवोल्यूशन) प्रमुख उपलब्धियाँ हैं। इन कार्यों ने जिले की कनेक्टिविटी, शिक्षा और कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है।
पर्पल रेवोल्यूशन क्या है और डोडा के किसानों को इससे क्या फायदा हुआ?
पर्पल रेवोल्यूशन डोडा जिले में लैवेंडर की खेती को बढ़ावा देने की पहल है, जिसने स्थानीय किसानों की आय बढ़ाई है और जिले को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। इससे कृषि विविधीकरण के साथ-साथ जिले की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।
डोडा में PMGSY के तहत कितने गाँवों को सड़क से जोड़ा गया?
मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत दूरदराज के गाँवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ा गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और बाज़ारों तक पहुँच सुगम हुई है। हालाँकि उन्होंने जोड़े गए गाँवों की सटीक संख्या का उल्लेख नहीं किया।
डोडा में शिक्षा के क्षेत्र में क्या नई सुविधाएँ आई हैं?
डोडा में मेडिकल कॉलेज, डिग्री कॉलेज और केंद्रीय विद्यालय खोले गए हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए जिले से बाहर नहीं जाना पड़ता। इन संस्थानों ने ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की पहुँच बेहतर की है।
केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के अन्य जिलों के विकास को लेकर क्या कह रही है?
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के हर जिले के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने डोडा को अन्य जिलों के लिए एक प्रेरणा मॉडल बताया।
राष्ट्र प्रेस
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