19 अक्टूबर 2026
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संगरूर हादसा: मनरेगा की 8 महिला मजदूरों की मौत, CM भगवंत मान ने ₹2 लाख मुआवजे का ऐलान

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संगरूर हादसा: मनरेगा की 8 महिला मजदूरों की मौत, CM भगवंत मान ने ₹2 लाख मुआवजे का ऐलान

सारांश

पंजाब के संगरूर में मनरेगा की 8 महिला मजदूरों की तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से मौत — और जो सवाल उठा वह त्रासदी से बड़ा है: बिना चेतावनी बोर्ड, बैरिकेड या सेफ्टी जैकेट के काम पर क्यों भेजा गया?

मुख्य बातें

पंजाब के संगरूर जिले के अलीशेर गांव में 18 अक्टूबर 2026 को भीषण सड़क हादसे में 8 महिला मनरेगा मजदूरों की मौत हुई।
घटना के समय 20 से 25 महिलाएँ सड़क किनारे घास काटने और सफाई का काम कर रही थीं।
घायल मजदूरों ने बताया कि कार्यस्थल पर न चेतावनी बोर्ड था, न रिफ्लेक्टर, न बैरिकेड और न सेफ्टी जैकेट ।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रत्येक मृतक परिवार को ₹2 लाख मुआवजा और घायलों को निःशुल्क इलाज देने का ऐलान किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हादसे पर शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
फरार वाहन चालक की तलाश जारी; मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

पंजाब के संगरूर जिले के लहरागागा क्षेत्र में 18 अक्टूबर 2026 को एक भीषण सड़क हादसे में मनरेगा के तहत कार्यरत 8 महिला मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गईं। अलीशेर गांव में हुई इस दुर्घटना में एक तेज रफ्तार वाहन ने सड़क किनारे काम कर रही महिलाओं को कुचल दिया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए प्रत्येक मृतक परिवार को ₹2 लाख मुआवजे और घायलों के निःशुल्क इलाज का वादा किया है।

मुख्य घटनाक्रम

घटना के अनुसार, अलीशेर गांव में 20 से 25 महिला मजदूर सड़क किनारे घास काटने और सफाई का काम कर रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार से आए एक वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई महिलाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायलों को संगरूर के सरकारी अस्पताल सहित आसपास के कई अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।

सुरक्षा इंतजामों पर सवाल

घायल महिला मजदूरों ने आरोप लगाया है कि काम वाली जगह पर सुरक्षा के कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। उनके अनुसार, न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था, न रिफ्लेक्टर और न ही बैरिकेड की व्यवस्था की गई थी। इसके अतिरिक्त, मजदूरों को सेफ्टी जैकेट भी उपलब्ध नहीं कराई गई थी। यह आरोप मनरेगा परियोजनाओं में श्रमिक सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'संगरूर के अलीशेर गांव में हुए भीषण सड़क हादसे की खबर अत्यंत दुखद है। इस हादसे में मनरेगा कर्मियों सहित 8 लोगों की जान जाना एक बहुत बड़ी क्षति है। दुख की इस कठिन घड़ी में, पंजाब सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। सरकार मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए का मुआवजा देगी, और घायलों का पूरा इलाज भी पंजाब सरकार द्वारा बिल्कुल मुफ्त कराया जाएगा।' उन्होंने यह भी कहा कि फरार चालक को शीघ्र पकड़ा जाएगा और उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हादसे पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'पंजाब के संगरूर जिले में एक सड़क हादसे में कई श्रमिकों की मृत्यु अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और हृदयविदारक है। इस कठिन घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोकसंतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।'

आम जनता और मजदूर वर्ग पर असर

यह हादसा ऐसे समय में आया है जब देश में सड़क सुरक्षा और मनरेगा श्रमिकों की कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंताएँ व्यक्त की जाती रही हैं। गौरतलब है कि मनरेगा योजना के तहत काम करने वाले मजदूर अधिकतर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं, जो अपनी आजीविका के लिए इन परियोजनाओं पर निर्भर रहते हैं।

क्या होगा आगे

पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार, मुआवजा राशि और निःशुल्क चिकित्सा सुविधा शीघ्र सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सुरक्षा उपकरणों की अनुपस्थिति को लेकर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाने की संभावना है। इस घटना से उम्मीद है कि राज्य सरकार मनरेगा कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा प्रतीत होता है — क्योंकि सड़क पर काम करते समय न चेतावनी बोर्ड था, न सुरक्षा जैकेट, न बैरिकेड। मनरेगा योजना जो ग्रामीण गरीबों को आजीविका देने के लिए बनी है, उसी के कार्यस्थल पर जान जाना उस योजना की जवाबदेही पर बड़ा सवाल है। ₹2 लाख का मुआवजा एक आवश्यक कदम है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि राज्य सरकार सुरक्षा उल्लंघन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करती है या नहीं। अगर यही लापरवाही बरकरार रही, तो अगला हादसा महज समय की बात होगी।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संगरूर सड़क हादसे में क्या हुआ?
18 अक्टूबर 2026 को पंजाब के संगरूर जिले के अलीशेर गांव में एक तेज रफ्तार वाहन ने सड़क किनारे मनरेगा का काम कर रही 20 से 25 महिला मजदूरों को कुचल दिया, जिसमें 8 महिलाओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गईं।
CM भगवंत मान ने पीड़ितों के लिए क्या घोषणा की?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹2 लाख मुआवजा देने और सभी घायलों का पूरा इलाज पंजाब सरकार की ओर से निःशुल्क कराने का ऐलान किया। उन्होंने फरार चालक को जल्द पकड़ने और सख्त कार्रवाई का भी आश्वासन दिया।
हादसे में सुरक्षा इंतजामों पर क्या आरोप लगे?
घायल मजदूरों के अनुसार कार्यस्थल पर न कोई चेतावनी बोर्ड था, न रिफ्लेक्टर, न बैरिकेड और न ही सेफ्टी जैकेट उपलब्ध कराई गई थी। यह आरोप मनरेगा कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल उठाता है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस हादसे पर क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संगरूर हादसे को 'अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और हृदयविदारक' बताया। उन्होंने शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
क्या फरार वाहन चालक को पकड़ा गया?
अभी तक चालक फरार है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी एक्स पोस्ट में आश्वासन दिया है कि फरार चालक को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा और उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
राष्ट्र प्रेस
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