19 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

संगरूर सड़क हादसा: 8 मनरेगा मजदूरों की मौत, पंजाब मंत्रियों ने घायलों से की मुलाकात, ₹2 लाख मुआवजे का ऐलान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
संगरूर सड़क हादसा: 8 मनरेगा मजदूरों की मौत, पंजाब मंत्रियों ने घायलों से की मुलाकात, ₹2 लाख मुआवजे का ऐलान

सारांश

संगरूर के जाखल-लहरागागा रोड पर रविवार को एक तेज रफ्तार वाहन ने 8 मनरेगा मजदूरों की जान ले ली और 11 को घायल कर दिया। पंजाब सरकार ने मृतक परिजनों को ₹2 लाख मुआवजे का ऐलान किया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।

मुख्य बातें

पंजाब के संगरूर में 19 अक्टूबर 2026 को जाखल-लहरागागा रोड पर सड़क हादसे में 8 मनरेगा मजदूरों की मौत।
11 अन्य घायल; 7 संगरूर सिविल अस्पताल में, 4 पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में भर्ती।
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मृतक परिजनों को ₹2 लाख मुआवजे और घायलों के मुफ्त इलाज का ऐलान किया।
स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के अनुसार राजिंदरा अस्पताल में 3 मरीजों को छुट्टी दे दी गई, चौथे को जल्द छुट्टी मिलेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह और सांसद गुरजीत सिंह औजला ने शोक जताया।
सरकार ने लापरवाही के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

पंजाब के संगरूर जिले में 19 अक्टूबर 2026 (रविवार) को जाखल-लहरागागा रोड पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में मनरेगा के 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। घायलों में से 7 का उपचार संगरूर सिविल अस्पताल में चल रहा है, जबकि 4 को गंभीर स्थिति के कारण पटियाला स्थित राजिंदरा अस्पताल रेफर किया गया।

मंत्रियों ने की घायलों से मुलाकात

सोमवार, 20 अक्टूबर 2026 को पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री अस्पताल पहुँचे और घायल मजदूरों का हाल जाना। मंत्रियों ने चिकित्सकों से उपचार की विस्तृत जानकारी ली और पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। यह दौरा हादसे के अगले दिन हुआ, जब राज्य में मुआवजे और जवाबदेही को लेकर सवाल उठने लगे थे।

मंत्री हरपाल सिंह चीमा का बयान

मीडिया से बात करते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, 'कल जाखल-लहरागागा रोड पर एक भयानक सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में हमारे 8 श्रमिकों की जान चली गई और करीब 11 लोग घायल हुए हैं। आज हम घायलों से मिले हैं, उनकी हालत अब स्थिर है। सरकार उनके इलाज का पूरा खर्च उठाएगी। जिन परिवारों ने अपने लोगों को खोया है, उन्हें ₹2 लाख का मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही इस हादसे में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।'

मंत्री वरिंदर कुमार गोयल ने गहरा दुख जताते हुए कहा, 'मनरेगा के तहत काम करने वाले ये सभी गरीब मजदूर थे, जिनके कई सपने और उम्मीदें थीं। एक तेज रफ्तार गाड़ी ने आकर उन सबको कुचल दिया। 8 लोगों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और 11 लोग अभी भी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।'

राजिंदरा अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री का दौरा

पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल जानने पहुँचे पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने बताया, 'इस हादसे में 4 लोग यहाँ भर्ती थे। हमने सुनिश्चित किया है कि उन्हें मुफ़्त और बेहतर इलाज मिले। अच्छी बात यह है कि वे सभी अब पहले से बेहतर हैं। 3 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और चौथे को भी जल्द छुट्टी मिल जाएगी।'

विपक्ष की प्रतिक्रिया

हिमाचल प्रदेश के चिंतपूर्णी में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने शोक जताते हुए कहा, 'यह घटना बेहद दुखद है। तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने वाले लोग न सिर्फ खुद को नुकसान पहुँचाते हैं, बल्कि दूसरों की जिंदगी भी छीन लेते हैं।' कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने भी इस हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त की और पीड़ित परिवारों के प्रति दुख जताया।

आगे क्या होगा

पंजाब सरकार ने हादसे में लापरवाही के दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। ₹2 लाख का मुआवजा मृतकों के परिजनों को दिया जाएगा और घायलों के उपचार का पूरा व्यय सरकार वहन करेगी। गौरतलब है कि मनरेगा मजदूर अक्सर सुरक्षित परिवहन सुविधाओं के अभाव में काम पर जाते हैं, जो इस त्रासदी की एक गहरी परत उजागर करता है। राज्य में मजदूरों की सड़क सुरक्षा को लेकर यह सवाल अब और मुखर हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अक्सर असुरक्षित और अव्यवस्थित परिवहन से काम पर जाते हैं। ₹2 लाख का मुआवजा सहानुभूति का संकेत है, लेकिन यह सवाल बना रहता है कि राज्य सरकार मनरेगा कार्यस्थलों तक सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है। मंत्रियों का अस्पताल दौरा राजनीतिक जवाबदेही की दृष्टि से जरूरी था, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज यह पूछने से चूक जाती है कि क्या यह पहली बार है जब ऐसे मजदूर इसी तरह हादसे का शिकार हुए हैं। जब तक परिवहन सुरक्षा नीति और मनरेगा कार्य-स्थितियों को साथ जोड़कर नहीं देखा जाएगा, तब तक ऐसी त्रासदियाँ दोहराई जाती रहेंगी।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संगरूर सड़क हादसे में क्या हुआ?
19 अक्टूबर 2026 को पंजाब के संगरूर जिले में जाखल-लहरागागा रोड पर एक तेज रफ्तार वाहन ने मनरेगा के 8 मजदूरों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में 11 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए।
घायल मजदूरों का इलाज कहाँ हो रहा है?
7 घायल मजदूरों का उपचार संगरूर के सिविल अस्पताल में चल रहा है, जबकि 4 गंभीर रूप से घायलों को पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर किया गया। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के अनुसार राजिंदरा में भर्ती 3 मरीजों को छुट्टी दे दी गई है।
पंजाब सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए क्या घोषणा की?
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ऐलान किया कि हादसे में मारे गए 8 मजदूरों के परिजनों को ₹2 लाख का मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही सभी घायलों के इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी।
हादसे में किसकी लापरवाही की जाँच होगी?
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया कि हादसे में जिस किसी की भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हादसे का कारण तेज रफ्तार वाहन बताया जा रहा है।
विपक्ष ने इस हादसे पर क्या प्रतिक्रिया दी?
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने हादसे को बेहद दुखद बताया और तेज रफ्तार वाहन चालकों को चेतावनी दी। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने भी पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 14 घंटे पहले
  2. 16 घंटे पहले
  3. 22 घंटे पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले