चित्रा वाघ का बड़ा हमला: संजय राउत जहां जाएंगे, नैया डूबेगी — पत्राचाल घोटाले पर भी घेरा
सारांश
Key Takeaways
- चित्रा वाघ ने 25 अप्रैल 2025 को मुंबई में संजय राउत पर सीधा हमला बोला।
- संजय राउत पर पत्राचाल घोटाले में 2022 में ईडी ने गिरफ्तारी की थी, वे करीब 100 दिन जेल में रहे।
- वाघ ने कहा — राउत जहां भी जाएंगे, उस पार्टी की नाव डूब जाएगी, जैसे उद्धव ठाकरे की डूब रही है।
- राघव चड्ढा की सराहना करते हुए वाघ ने आम आदमी पार्टी और केजरीवाल पर भी निशाना साधा।
- महाराष्ट्र भाषा विवाद पर वाघ ने मराठी सीखने की वकालत की, लेकिन हिंसा का विरोध किया।
- महिला सुरक्षा पर वाघ ने महाराष्ट्र की महिलाओं से पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
मुंबई, 25 अप्रैल 2025 (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा की वरिष्ठ नेता चित्रा वाघ ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत पर जोरदार पलटवार करते हुए कहा कि राउत जिस भी पार्टी या मंच पर जाते हैं, उसकी राजनीतिक नाव डूब जाती है। वाघ ने मुंबई में राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में यह बात कही। उन्होंने राउत के जेल जाने वाले बयान को भी आड़े हाथों लेते हुए पत्राचाल घोटाले की याद दिलाई।
संजय राउत की टिप्पणी पर चित्रा वाघ का पलटवार
चित्रा वाघ ने कहा कि संजय राउत जिस तरह भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बेवजह कोसते रहते हैं, वह उनके व्यक्तित्व पर शोभा नहीं देता। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के 140 करोड़ नागरिकों का विश्वास पीएम मोदी के साथ है और वे देश को प्रगति की राह पर ले जा रहे हैं। वाघ के अनुसार, बेतुकी और भड़काऊ टिप्पणी करना राउत की रोज़मर्रा की आदत बन चुकी है।
पत्राचाल घोटाला और जेल प्रसंग पर सीधा वार
संजय राउत ने हाल ही में राघव चड्ढा का उदाहरण देते हुए कहा था कि उन पर भी दबाव था और वे जेल गए थे। इस पर चित्रा वाघ ने तीखा जवाब दिया — "आप क्रांति के लिए नहीं, बल्कि पत्राचाल घोटाले और धोखाधड़ी के कारण जेल गए थे।" वाघ ने आरोप लगाया कि राउत ने 'मराठी-मराठी' के नाम पर वोट बटोरने के लिए उन्हीं मराठी लोगों को फंसाया जिनका वे प्रतिनिधित्व करने का दावा करते हैं।
वाघ ने कहा कि संजय राउत को इस घोटाले पर आज भी सार्वजनिक सफाई देनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति खुद विवादों में घिरा हो, वह दूसरों पर नैतिकता का पाठ कैसे पढ़ा सकता है?
उद्धव ठाकरे और राजनीतिक भविष्य पर तंज
चित्रा वाघ ने कहा कि जिस तरह उद्धव ठाकरे की राजनीतिक नाव डूब रही है, ठीक उसी तरह संजय राउत जहां भी जाएंगे, वहाँ की नाव भी डूबना तय है। यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (यूबीटी) की घटती जमीन की ओर इशारा करता है, जो 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति से बड़ी हार झेल चुकी है।
राघव चड्ढा और आप पर टिप्पणी
चित्रा वाघ ने राघव चड्ढा की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने आम लोगों की समस्याओं पर सवाल उठाए और इसीलिए उनकी प्रशंसा हुई। उन्होंने आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास का उदाहरण देते हुए कहा कि जो लोग अरविंद केजरीवाल की कार्यशैली से असहमत होते हैं, वे पार्टी छोड़ देते हैं — यही राघव चड्ढा के साथ भी हुआ।
वाघ ने यह भी रेखांकित किया कि दिल्ली की जनता ने केजरीवाल को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया है और अब रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री हैं।
महाराष्ट्र भाषा विवाद और महिला सुरक्षा पर वाघ का रुख
महाराष्ट्र में चल रहे भाषा विवाद पर चित्रा वाघ ने कहा कि जो लोग महाराष्ट्र में रहते हैं, उन्हें मराठी भाषा सीखनी और बोलनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मारपीट और हिंसा के सख्त खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाएगी और मुख्यमंत्री पर जनता का भरोसा बढ़ रहा है।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर वाघ ने महाराष्ट्र की महिलाओं से सीधी अपील की। उन्होंने कहा, "अगर कोई भी बहन परेशान या प्रताड़ित है, तो वे सामने आएं, पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं — कार्रवाई जरूर होगी।"
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि संजय राउत 2022 में पत्राचाल सोसायटी घोटाले से जुड़े एक मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए थे और करीब 100 दिन जेल में रहे थे। उस समय शिवसेना (यूबीटी) ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया था। 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी की करारी हार के बाद से उद्धव ठाकरे गुट की राजनीतिक स्थिति कमजोर हुई है। ऐसे में चित्रा वाघ का यह हमला भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा दिखता है जो विपक्ष को लगातार रक्षात्मक स्थिति में रखना चाहती है।
आने वाले दिनों में संजय राउत इस पर क्या पलटवार करते हैं और शिवसेना (यूबीटी) किस तरह अपनी जमीन मजबूत करती है — यह महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करेगा।