क्या आम आदमी पार्टी जनहित के मुद्दों पर मानसून सत्र में सरकार को घेरेगी? : संजय सिंह
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 18 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। आगामी मॉनसून सत्र 21 जुलाई से आरंभ होकर 21 अगस्त तक चलेगा, जिससे पहले देश की राजनीति एक बार फिर से गर्म हो गई है। एक ओर जहां इंडिया गठबंधन ने संसद सत्र में नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने के लिए रणनीतिक बैठक बुलाई है, वहीं आम आदमी पार्टी (आप) ने इस बैठक से किनारा कर लिया है। लेकिन, पार्टी ने यह स्पष्ट किया है कि वह संसद में जनता के ज्वलंत मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाएगी।
पार्टी के प्रमुख नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि सदन में हमारी पार्टी जनहित के मुद्दों को उठाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बुलडोजर चलाकर गरीबों को कुचला जा रहा है, उनकी दुकानें और मकान तोड़े जा रहे हैं। विशेषकर यूपी-बिहार और पूर्वांचल के लोगों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित अभियान है, जिससे सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को हाशिए पर धकेला जा रहा है। आम आदमी पार्टी संसद में इन मुद्दों को मजबूती से उठाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि योगी सरकार ने राज्य में 5 हजार सरकारी स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है। इससे लाखों बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। यह शिक्षा के अधिकार का सीधा उल्लंघन है। इसे संसद के पटल पर उठाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ऑपरेशन सिंदूर पर भी चर्चा होगी।
एयर इंडिया विमान हादसे का जिक्र करते हुए संजय सिंह ने सरकार पर जिम्मेदारी से भागने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब विमान दुर्घटनाग्रस्त होती है, तो सरकार अपनी जवाबदेही से बचती है और पायलट को दोषी ठहरा देती है। यह तो साफ तौर पर विश्वासघात है। क्या यही न्याय है?
बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए संजय सिंह ने एक वीडियो का हवाला दिया और कहा कि हमने एक वीडियो साझा किया है, जिसमें एक महिला खुद को बीएलओ के रूप में दस्तखत करती है, उसका नाम है रानी कुमारी। लेकिन उसी फॉर्म में वह चंद्रप्रकाश नाम से भी दस्तखत कर रही है। यह घोटाला कौन करा रहा है? उन्होंने कहा कि अगर चुनाव से पहले ही मतदाता सूची में छेड़छाड़ शुरू हो गई है, तो बिहार में चुनाव निष्पक्ष कैसे होंगे?
बिहार में बढ़ते अपराध पर भी आप सांसद ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सुशासन बाबू का नारा आज कुशासन बाबू बन चुका है। रोज हत्याएं, बलात्कार और अपराध की खबरें आ रही हैं। गोपालगंज में एक व्यापारी की हत्या हुई, छह साल पहले उसके बेटे की भी हत्या की गई थी। बिहार में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।