क्या मध्य प्रदेश के आईएएस संतोष वर्मा के ब्राह्मणों की बेटियों पर बयान से रोष पैदा हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- संतोष वर्मा का विवादित बयान ब्राह्मण समाज में नाराजगी का कारण बना।
- जितेंद्र मिश्रा ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई।
- कई संगठनों ने वर्मा का मुंह काला करने का इनाम घोषित किया।
- वर्मा ने अपने बयान पर खेद व्यक्त किया है।
भोपाल, 26 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बेटियों को लेकर दिए गए बयान पर लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। छतरपुर जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र मिश्रा ने थाने में संतोष वर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कर केस की मांग की है। इसके साथ ही, कई संगठनों ने संतोष वर्मा का मुंह काला करने पर इनाम की घोषणा भी की है।
हाल ही में, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा को अजाक्स संगठन का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। इस दौरान आयोजित प्रदेशस्तरीय सम्मेलन में वर्मा ने आरक्षण पर एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने ब्राह्मण समाज की बेटियों का जिक्र किया। इस बयान से न केवल ब्राह्मण समाज, बल्कि अन्य सवर्ण समाज से जुड़े लोग भी गुस्से में हैं।
जितेंद्र मिश्रा ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि संतोष वर्मा ने ब्राह्मण समाज को अपमानित करने के इरादे से यह बयान दिया। उनके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करना आवश्यक है ताकि ब्राह्मण समाज को न्याय मिल सके।
अधिवक्ता मिश्रा ने वर्मा के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। वहीं, कई संगठनों ने वर्मा के बयान की तीखी निंदा की है। कुछ संगठनों ने वर्मा का मुंह काला करने पर नगद इनाम देने का ऐलान किया है।
विवाद बढ़ता देख संतोष वर्मा ने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। यदि उनके बयान से किसी व्यक्ति या वर्ग की भावना आहत हुई है, तो वे इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।
इससे पहले, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी आईएएस संतोष वर्मा के बयान की निंदा की। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''आईएएस संतोष वर्मा ने सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश की है। सभ्य समाज में ऐसे विचारों के लिए कोई जगह नहीं है।''