5 अगस्त 2026
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सरायकेला में ₹22 लाख के तीन इनामी नक्सली गिरफ्तार, AK-47 और पिस्टल बरामद

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सरायकेला में ₹22 लाख के तीन इनामी नक्सली गिरफ्तार, AK-47 और पिस्टल बरामद

सारांश

झारखंड के सरायकेला-खरसावां में पुलिस ने ₹22 लाख के तीन इनामी माओवादी नक्सलियों को गिरफ्तार किया — जिनमें ₹15 लाख के इनामी मदन महतो भी शामिल हैं। AK-47 और पिस्टल की बरामदगी के साथ यह कोल्हान क्षेत्र में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता है।

मुख्य बातें

झारखंड के सरायकेला-खरसावां में 5 अगस्त 2026 को नक्सल विरोधी अभियान में ₹22 लाख के संयुक्त इनाम वाले तीन माओवादी गिरफ्तार।
गिरफ्तार नक्सलियों में ₹15 लाख के इनामी मदन महतो , ₹5 लाख के इनामी रवि सरदार और ₹2 लाख की इनामी मीना शामिल।
बरामदगी में AK-47 राइफल , एक पिस्टल , कारतूस और नक्सली सामग्री शामिल।
तीनों पर सरायकेला-खरसावां सहित आसपास के जिलों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
कोल्हान क्षेत्र में हाल ही में ₹1 करोड़ के इनामी माओवादी मिसिर बेसरा समेत कई उग्रवादियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में पुलिस और सुरक्षाबलों ने 5 अगस्त 2026 को नक्सल विरोधी विशेष अभियान के तहत ₹22 लाख के संयुक्त इनाम वाले तीन माओवादी नक्सलियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए उग्रवादियों में ₹15 लाख के इनामी मदन महतो, ₹5 लाख के इनामी रवि सरदार और ₹2 लाख की इनामी उनकी पत्नी मीना शामिल हैं। तलाशी के दौरान इनके पास से एक AK-47 राइफल, एक पिस्टल, कारतूस और नक्सली गतिविधियों से संबंधित अन्य सामग्री बरामद की गई है।

अभियान का घटनाक्रम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर एक संयुक्त टीम गठित की गई और संभावित ठिकानों की व्यापक घेराबंदी की गई। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर उनके पास से अत्याधुनिक हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। तीनों के विरुद्ध सरायकेला-खरसावां सहित आसपास के जिलों के कई थानों में अनेक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

मदन महतो: सुरक्षाबलों के लिए लंबे समय से बड़ी चुनौती

पुलिस के मुताबिक, मदन महतो पर राज्य सरकार द्वारा ₹15 लाख का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से सुरक्षाबलों के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ था। कई नक्सली अभियानों में उसकी सक्रिय भूमिका सामने आई थी। रवि सरदार और उनकी पत्नी मीना भी संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे।

पूछताछ और आगे की कार्रवाई

तीनों गिरफ्तार नक्सलियों से फिलहाल गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इनसे माओवादी संगठन के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला, अन्य सक्रिय उग्रवादियों की जानकारी और हाल की नक्सली घटनाओं के बारे में अहम सुराग मिलेंगे। इन सूचनाओं के आधार पर आगे भी अभियान जारी रखने की योजना है।

कोल्हान क्षेत्र में नक्सल विरोधी मुहिम

गौरतलब है कि कोल्हान क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। हाल के महीनों में कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि ₹1 करोड़ के इनामी माओवादी मिसिर बेसरा समेत कई उग्रवादियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। यह ताज़ा कार्रवाई राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों की बढ़ती तीव्रता को दर्शाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या पूछताछ से माओवादी नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचा जा सकेगा। ₹15 लाख के इनामी मदन महतो जैसे कमांडरों की गिरफ्तारी प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है, परंतु झारखंड में नक्सलवाद की संरचना इतनी विकेंद्रित है कि एक-दो गिरफ्तारियों से संगठन पर दीर्घकालिक असर सीमित रहता है। हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला और स्थानीय समर्थन नेटवर्क को ध्वस्त किए बिना, ये अभियान आंशिक सफलताएँ ही रहेंगे।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरायकेला में गिरफ्तार तीन नक्सली कौन हैं?
गिरफ्तार तीन माओवादी नक्सलियों में ₹15 लाख के इनामी मदन महतो, ₹5 लाख के इनामी रवि सरदार और ₹2 लाख की इनामी उनकी पत्नी मीना शामिल हैं। तीनों पर सरायकेला-खरसावां और आसपास के जिलों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इस नक्सल विरोधी अभियान में क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने गिरफ्तार नक्सलियों के पास से एक AK-47 राइफल, एक पिस्टल, कारतूस और नक्सली गतिविधियों से जुड़ी अन्य सामग्री बरामद की है। यह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए विशेष अभियान के दौरान हुई।
मदन महतो पर इतना बड़ा इनाम क्यों था?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मदन महतो लंबे समय से सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था और कई नक्सली अभियानों में उसकी सक्रिय भूमिका सामने आई थी। इसी कारण राज्य सरकार ने उस पर ₹15 लाख का इनाम घोषित किया था।
कोल्हान क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान की स्थिति क्या है?
कोल्हान क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। हाल के महीनों में कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और ₹1 करोड़ के इनामी माओवादी मिसिर बेसरा समेत कई उग्रवादियों की गिरफ्तारी भी हुई है।
गिरफ्तार नक्सलियों से आगे क्या जानकारी मिलने की उम्मीद है?
पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से माओवादी संगठन के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला, अन्य सक्रिय उग्रवादियों की पहचान और हाल की नक्सली घटनाओं के बारे में अहम जानकारी मिलेगी। इन सूचनाओं के आधार पर आगे भी अभियान जारी रखा जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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