सारंडा वन क्षेत्र में नक्सलियों के आईईडी विस्फोट से सीआरपीएफ जवान घायल, रांची एयरलिफ्ट
सारांश
Key Takeaways
- सारंडा वन क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा आईईडी विस्फोट हुआ।
- सीआरपीएफ जवान गंभीर रूप से घायल हुए।
- जवान को रांची के अस्पताल में एयरलिफ्ट किया गया।
- सुरक्षा बल नक्सलियों के खिलाफ सघन अभियान चला रहे हैं।
- घटना के बाद हाई अलर्ट जारी किया गया है।
चाईबासा/रांची, ६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे 'एंटी-नक्सल' ऑपरेशन के दौरान सोमवार को एक गंभीर घटना घटित हुई। नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की चपेट में आकर सीआरपीएफ का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल जवान को तुरंत मौके से रेस्क्यू कर रांची में बेहतर चिकित्सा के लिए एयरलिफ्ट किया गया। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बल चाईबासा के सारंडा क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ सघन तलाशी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान, नक्सलियों द्वारा पहले से बिछाए गए प्रेशर आईईडी पर जवान का पैर पड़ गया, जिससे एक जोरदार धमाका हुआ। इस विस्फोट में जवान गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के तुरंत बाद वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया और हेलीकॉप्टर के द्वारा घायल जवान को रांची के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। सुरक्षा बलों के अनुसार, सारंडा में पुलिस और नक्सलियों के बीच निर्णायक लड़ाई चल रही है। जनवरी में एक साथ १७ नक्सलियों के मारे जाने के बाद बौखलाए नक्सलियों ने अब जवानों को नुकसान पहुँचाने के लिए जंगल के रास्तों और पगडंडियों पर भारी मात्रा में विस्फोटक बिछा दिए हैं।
फरवरी और मार्च में ही सारंडा में तीन भीषण विस्फोट हो चुके हैं, जिसमें एक ग्रामीण की मौत हुई और कोबरा बटालियन के दो जवान घायल हुए हैं। १ मार्च को भी इसी क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन के दौरान आईईडी विस्फोट हुआ था, जिसमें कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट अजय मल्लिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
ताजा घटना के पश्चात चाईबासा और आस-पास के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षा बलों ने सारंडा के जंगलों में अपनी गश्त और सर्च ऑपरेशन को और अधिक तेज कर दिया है, ताकि छिपे हुए अन्य विस्फोटकों को समय पर निष्क्रिय किया जा सके और नक्सली गतिविधियों पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया जा सके।