क्या भाप लेना सर्दी-जुकाम और बंद नाक से राहत दिला सकता है?

Click to start listening
क्या भाप लेना सर्दी-जुकाम और बंद नाक से राहत दिला सकता है?

सारांश

सर्दी-जुकाम और नाक बंद होने की समस्याओं से परेशान हैं? जानें कैसे भाप लेना एक सरल और प्रभावी उपाय हो सकता है, जो आपकी स्वास्थ्य को बेहतर बनाएगा।

Key Takeaways

  • भाप लेना सर्दी-जुकाम के लिए एक प्रभावी उपाय है।
  • यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
  • सादा पानी में जड़ी-बूटियों के साथ भाप लेना फायदेमंद है।
  • भाप का सेवन 15-20 मिनट तक करें।
  • सावधानी से भाप लें, अत्यधिक गर्म पानी से बचें।

नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सर्दी के मौसम में लोग अक्सर सर्दी-जुकाम, नाक बंद होना और सांस लेने में परेशानी का सामना करते हैं। ठंड और बढ़ते प्रदूषण से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में भाप लेना एक आसान और प्रभावी घरेलू उपाय साबित होता है।

गर्म भाप इन समस्याओं से राहत देने के साथ-साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है। यह दादी-नानी के समय का एक पुराना नुस्खा है, जो आज भी बेहद प्रभावी है।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, भाप लेना या वेन्टिलेशन थेरेपी एक कारगर घरेलू उपाय है। यह सांस की नली, फेफड़ों, आंखों और पूरे शरीर के लिए लाभकारी है। हल्की भाप थेरेपी को विशेष रूप से आरामदायक माना गया है, खासकर जब आवश्यकता हो। भाप लेने से नाक और साइनस की रुकावट दूर होती है। गर्म भाप बलगम को पतला करती है, जिससे खांसी और गले की खराश में आराम मिलता है।

अवश्य ध्यान दें कि आयुर्वेदाचार्य सादा पानी के साथ पुदीना, अजवाइन या तुलसी के पत्ते डालकर भाप लेने की सलाह देते हैं। यह श्वसन तंत्र को मजबूत करता है और इम्यूनिटी को बढ़ाता है। फेफड़ों में जमा कफ बाहर निकलता है, जिससे सांस लेना आसान हो जाता है। आंखों के लिए भी भाप लेना लाभदायक है। आयुर्वेद में आंखों को आराम देने के लिए हल्की वेपर थेरेपी का उल्लेख किया गया है। सर्दी या प्रदूषण के कारण जलन वाली आंखों में भाप से राहत मिलती है। यह आंखों की नमी को बनाए रखती है और थकान को दूर करती है।

भाप का पूरे शरीर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह त्वचा को हाइड्रेट करती है, मांसपेशियों को आराम देती है और तनाव को कम करती है। यह प्राकृतिक रूप से शरीर को साफ करती है। हालांकि, भाप लेते समय कुछ सावधानियां आवश्यक हैं। पानी अत्यधिक गर्म न हो, अन्यथा जलने का खतरा हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भाप को 15-20 मिनट से अधिक नहीं लेना चाहिए। यदि कोई गंभीर बीमारी है, तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें। भाप लेने के तुरंत बाद खुली हवा में जाना हानिकारक हो सकता है। इसलिए सावधानी बरतना आवश्यक है।

Point of View

यह कहना उचित है कि भाप लेना एक प्रभावी और प्राचीन उपाय है जो न केवल सर्दी-जुकाम से राहत देता है, बल्कि समग्र स्वास्थ्य को भी बनाए रखता है। यह सरल और सुलभ है, जिससे हर नागरिक इसे अपना सकता है।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

भाप लेने के क्या फायदे हैं?
भाप लेना सर्दी-जुकाम, नाक बंद, और सांस की समस्याओं में राहत देता है। यह त्वचा को हाइड्रेट करता है और तनाव को कम करता है।
भाप लेने का सही तरीका क्या है?
सादा पानी में पुदीना, अजवाइन या तुलसी की पत्तियां डालकर भाप लें।
भाप कितनी देर तक लेनी चाहिए?
भाप को 15-20 मिनट से अधिक नहीं लेना चाहिए।
क्या भाप लेने से कोई नुकसान हो सकता है?
अगर पानी बहुत गर्म हो, तो जलने का खतरा होता है। सावधानी बरतें।
Nation Press