सरपंच चुनाव के लिए लिव-इन पार्टनर ने चुराया ₹1 करोड़ का सोना-कैश, इंदौर पुलिस ने किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
इंदौर में लसुड़िया थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला के घर से ₹1 करोड़ की कीमत का सोना और नकदी चोरी करने वाले कथित आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जाँच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी ने यह चोरी अपने गाँव में सरपंच का चुनाव लड़ने के लिए की थी। मध्य प्रदेश के इस मामले में पीड़िता और आरोपी दोनों सोशल मीडिया के ज़रिए एक-दूसरे के संपर्क में आए थे और बाद में साथ रहने लगे थे।
मामले का घटनाक्रम
पीड़िता रेनू शर्मा ने पिछले महीने लसुड़िया थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनके घर से एक सोने का बिस्किट, सोने की चेन और ₹2 लाख नकद चोरी हो गए हैं। प्रारंभिक जाँच में पुलिस ने पीड़िता के सोशल मीडिया अकाउंट की पड़ताल की, जिससे एक संदिग्ध की पहचान हुई जो कुछ समय से महिला के साथ रह रहा था। चोरी के बाद महिला को भी उस व्यक्ति पर संदेह था।
पूछताछ और गिरफ्तारी
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और गहन पूछताछ के बाद संदिग्ध को हिरासत में लिया। डीसीपी अमन राठौड़ के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपी की पहचान राजस्थान के जोधपुर निवासी गोपाल उर्फ गोपी के रूप में हुई, जिसकी उम्र लगभग 25 वर्ष बताई गई है। गिरफ्तारी के बाद उसके पास से 630 ग्राम का सोने का बिस्किट, 40 ग्राम की सोने की चेन, ₹2 लाख नकद और एक आईफोन बरामद किया गया — जिनकी कुल बाज़ार कीमत लगभग ₹1 करोड़ आँकी गई है।
चुनावी मकसद का खुलासा
जाँच में सामने आया कि आरोपी गोपाल अपने गाँव में सरपंच पद का चुनाव लड़ने की योजना बना रहा था और इसके लिए उसे धन की आवश्यकता थी। डीसीपी राठौड़ ने बताया कि यदि आरोपी पहले भी सरपंच का चुनाव लड़ चुका है, तो इस बारे में अतिरिक्त जानकारी जुटाई जाएगी। गौरतलब है कि यह मामला इस बात की ओर इशारा करता है कि ग्राम पंचायत चुनावों में प्रत्याशियों के लिए बड़ी मात्रा में धन की ज़रूरत एक चिंताजनक प्रवृत्ति बन चुकी है।
सोशल मीडिया से बना रिश्ता, विश्वास टूटा
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता और आरोपी दोनों अलग-अलग राज्यों के निवासी हैं और उनकी पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। आगे चलकर दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। यह मामला उस विश्वास के दुरुपयोग को उजागर करता है जो व्यक्तिगत संबंधों में बन जाता है। फिलहाल पुलिस आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की जाँच कर रही है और अतिरिक्त जानकारी एकत्र की जा रही है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने मामले में धारावाहिक जाँच जारी रखी है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी का आपराधिक पूर्व इतिहास खँगाला जा रहा है और राजस्थान पुलिस से भी समन्वय की संभावना है। इस मामले ने इंदौर में एक बार फिर डिजिटल माध्यम से बने रिश्तों में सतर्कता की ज़रूरत को रेखांकित किया है।