सतारा डाकघर में वित्तीय अनियमितताओं पर सिंधिया का सख्त आश्वासन, सुले को दी जानकारी
सारांश
Key Takeaways
- सतारा डाकघर में वित्तीय अनियमितताओं की सीबीआई जांच चालू है।
- ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
- खाताधारकों के दावों का निपटारा प्राथमिकता है।
- फोरेंसिक जांच में वैध दावों का निपटारा होगा।
- डाक सेवाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने का प्रयास हो रहा है।
नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सतारा डाकघर में संभावित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में एनसीपी (शरद पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले को प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सिंधिया ने सुले के संदेश का उत्तर देते हुए कहा कि सतारा हेड पोस्ट ऑफिस के मामले को गम्भीरता से लिया गया है और इस पर त्वरित एवं जिम्मेदार कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि इस मामले की तत्काल विभागीय जांच शुरू हो चुकी है और केस को सीबीआई को सौंपा गया है, जहां एफआईआर दर्ज कर जांच जारी है। इसके साथ ही, दावों की प्रक्रिया सावधानीपूर्वक की जा रही है, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर फोरेंसिक जांच भी शामिल है, ताकि केवल वैध दावों का ही समाधान किया जा सके।
सिंधिया ने कहा कि डाक सेवाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की उच्चतम प्राथमिकता है और इसीलिए इस मामले में बिना किसी समझौते के तेज और सुव्यवस्थित कार्रवाई की जा रही है।
इससे पहले, सुप्रिया सुले ने केंद्रीय मंत्री से संपर्क कर उन खाताधारकों के दावों के त्वरित निपटारे की मांग की थी, जिन्हें अब तक उनका पैसा नहीं मिला है।
सुले ने बताया कि अप्रैल 2024 में सतारा के मुख्य डाकघर में वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ था, जिसके बाद सीबीआई ने जांच शुरू की। इसके तहत 80 से 90 खाताधारकों के दावे तैयार किए गए थे।
उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में हस्ताक्षर मेल नहीं खाने के कारण अगस्त 2024 में उन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था, लेकिन इनमें से 15-20 लोगों को अब तक उनका पैसा नहीं मिला है और वे लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
सुले ने सरकार से मांग की कि सभी लंबित दावों का तत्काल भुगतान किया जाए और इस मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, क्योंकि यह डाक सेवाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा मामला है।