केरल: सतीशन ने मुख्यमंत्री विजयन से आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
सारांश
Key Takeaways
- वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री से हिंसा रोकने की अपील की।
- कन्नूर में हिंसा के कई मामले सामने आए हैं।
- आरोप है कि कम्युनिस्ट पार्टी ने संगठन के सदस्यों को हिंसा के लिए उकसाया।
- सतीशन ने भारत निर्वाचन आयोग से हस्तक्षेप की मांग की।
- 4 मई को केरल में नई सरकार का चुनाव होगा।
तिरुवनंतपुरम, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने शनिवार को कन्नूर जिले में बढ़ती हिंसा के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव में संभावित हार को देखते हुए पार्टी ने डराने-धमकाने और हमले करने की रणनीति अपनाई है।
सतीशन ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से तुरंत हस्तक्षेप करने और पार्टी कार्यकर्ताओं को हिंसा रोकने का निर्देश देने की अपील की।
उन्होंने बताया कि पय्यानूर, मैया और तालीपरम्बा जैसे क्षेत्रों में लक्षित हिंसा की घटनाएँ हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के निर्दलीय उम्मीदवार वी. कुंजिकृष्णन के समर्थक टी. पुरुषोत्तमन के घर पर हमला हुआ और उनकी कार में आग लगा दी गई।
उनका आरोप है कि कई अन्य घरों में तोड़फोड़ की गई और कुंजिकृष्णन के समर्थन में लिखे चुनावी नारों वाले दीवार को भी नष्ट किया गया।
सतीशन ने बताया कि समर्थकों के घरों के सामने पुष्पमालाएं रखी गईं और एक कांग्रेस कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई।
उन्होंने यह भी कहा कि ये हमले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेताओं की जानकारी में किए गए थे।
सतीशन ने पार्टी के राज्य और जिला नेताओं की निंदा की और संगठन को एक आपराधिक गिरोह के रूप में वर्णित किया जो राजनीतिक नारों को सहन नहीं कर सकता।
उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र धर्मदम में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के बूथ एजेंटों के खिलाफ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के कार्यकर्ताओं द्वारा खुजली पैदा करने वाले पाउडर का उपयोग किए जाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि नदापुरम, पेरंब्रा, तनूर, कट्टकड़ा और नेमोम में भी इसी तरह की घटनाएं हुई हैं।
सतीशन ने भारत निर्वाचन आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि कड़ी पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और आगे की हिंसा को रोका जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि ये हमले संगठित प्रतीत होते हैं और इनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था को बिगाड़ना है।
4 मई को केरल को यह ज्ञात होगा कि नई सरकार कौन बनाएगा।