26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या सौंफ पीरियड्स के दर्द और ऐंठन में राहत दे सकती है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या सौंफ पीरियड्स के दर्द और ऐंठन में राहत दे सकती है?

सारांश

सौंफ का सेवन हर महीने होने वाले पीरियड्स के दर्द और ऐंठन से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है। जानें आयुर्वेद के अनुसार इसके फायदे और उपयोग कैसे करें।

मुख्य बातें

सौंफ पीरियड्स के दर्द और ऐंठन में राहत देती है।
आयुर्वेद में इसे त्रिदोष नाशक कहा जाता है।
यह पाचन स्वास्थ्य में सुधार करती है।
सौंफ का उपयोग आंखों की रोशनी बढ़ाने और त्वचा की चमक में सुधार करने में किया जाता है।
गुड़ के साथ सौंफ खाने से पीरियड्स समय पर आते हैं।

नई दिल्ली, 12 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। हर महीने होने वाले पीरियड्स के दर्द और ऐंठन से राहत पाने के लिए जरूरी नहीं कि हर बार दवा का सहारा लिया जाए। आयुर्वेद में ऐसी कई औषधियां हैं जो इन समस्याओं से राहत प्रदान करती हैं। रसोई में उपलब्ध सौंफ भी औषधि के समान कार्य करती है।

भोजन के बाद ली जाने वाली सौंफ को आयुर्वेद में त्रिदोष नाशक (वात-पित्त-कफ तीनों को संतुलित करने वाला) और ठंडी तासीर वाली शक्तिशाली औषधि माना जाता है। प्रतिदिन थोड़ी सी सौंफ खाने से पाचन से लेकर पीरियड्स, आंखों की रोशनी और त्वचा की चमक तक में सुधार होता है।

सबसे महत्वपूर्ण यह है कि सौंफ पीरियड्स को नियमित करती है। गुड़ के साथ सौंफ का सेवन करने से पीरियड्स समय पर और बिना दर्द के आते हैं। इसके अलावा, ऐंठन में भी राहत मिलती है। आयुर्वेद में यह बताया गया है कि सौंफ के सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। खाने के बाद सौंफ, जीरा और काला नमक का चूर्ण लेने से पेट हल्का रहता है और पाचन तंत्र मजबूत होता है, जिससे कब्ज, गैस, और अपच की समस्या दूर होती है। एक चम्मच सौंफ को दो कप पानी में उबालकर दिन में 2-3 बार पीने से कफ निकलता है, जिससे खांसी और अस्थमा में राहत मिलती है। जिनकी आंखें कमजोर हैं, उनके लिए भी सौंफ फायदेमंद है। सौंफ और मिश्री को समान मात्रा में पीसकर सुबह-शाम एक चम्मच पानी के साथ लेने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।

बादाम, सौंफ और मिश्री को बराबर मात्रा में पीसकर भोजन के बाद रोज एक चम्मच लेने से याददाश्त तेज होती है। पेट की गर्मी से होने वाले मुंह के छाले को भी ठीक करने में मददगार है। सौंफ का पानी उबालकर, उसमें फिटकरी मिलाकर दिन में 3-4 बार कुल्ला करना चाहिए। सौंफ चबाने से खून साफ होता है और त्वचा की चमक बढ़ती है। खाने के 30 से 40 मिनट बाद एक चम्मच सौंफ चबाने से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित होता है।

आयुर्वेद कहता है कि सौंफ जठराग्नि को कमजोर नहीं करती, बल्कि पाचन को तेज करती है और शरीर को ठंडक देती है। रोजाना थोड़ी सी सौंफ खाने से लीवर स्वस्थ रहता है, पेट साफ रहता है और त्वचा में निखार आता है। हालांकि, सेवन से पहले किसी वैद्य से सलाह लेना आवश्यक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि सौंफ का उपयोग एक प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति का हिस्सा है, जो विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं में सहायता कर सकती है। यह जानकारी साझा करना आवश्यक है ताकि लोग प्राकृतिक उपचारों का उपयोग करें और दवाओं के बजाय आयुर्वेदिक उपायों की ओर बढ़ें।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सौंफ का सेवन कैसे करें?
सौंफ का सेवन खाने के बाद या चाय में डालकर किया जा सकता है। इसे गुड़ के साथ मिलाकर खाने से भी लाभ होता है।
क्या सौंफ पीरियड्स को नियमित करती है?
जी हां, सौंफ का नियमित सेवन पीरियड्स को नियमित करने में मदद कर सकता है।
सौंफ के अन्य स्वास्थ्य लाभ क्या हैं?
सौंफ पाचन सुधारने, आंखों की रोशनी बढ़ाने और त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करती है।
क्या सौंफ का सेवन सुरक्षित है?
सौंफ का सेवन सामान्यत: सुरक्षित होता है, लेकिन किसी भी नए उपचार को शुरू करने से पहले एक चिकित्सक से सलाह लेना उचित है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले