क्या नेता सौरभ भारद्वाज के ठिकानों पर ईडी का छापा, अस्पताल निर्माण घोटाले में बड़ी कार्रवाई?

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क्या नेता सौरभ भारद्वाज के ठिकानों पर ईडी का छापा, अस्पताल निर्माण घोटाले में बड़ी कार्रवाई?

सारांश

दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज पर ईडी की छापेमारी ने राजनीति में हलचल मचा दी है। इस छापे के पीछे अस्पताल निर्माण में कथित अनियमितताओं का मामला है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जानिए इस गंभीर मामले की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • सौरभ भारद्वाज पर ईडी की छापेमारी से राजनीतिक स्थिति में हलचल।
  • अस्पताल निर्माण में कथित अनियमितताएँ उजागर।
  • बड़े पैमाने पर वित्तीय कुप्रबंधन के आरोप।
  • भ्रष्टाचार निरोधक शाखा की सक्रियता।
  • सत्येंद्र जैन की भी जांच हो रही है।

नई दिल्ली, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सौरभ भारद्वाज पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कसा है। मंगलवार सुबह सौरभ भारद्वाज के निवास पर ईडी की टीम पहुंची और तलाशी शुरू की। ईडी, सौरभ भारद्वाज के आवास सहित दिल्ली में कम से कम 13 ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सौरभ भारद्वाज के राष्ट्रीय राजधानी स्थित आवास पर उनके दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए अस्पतालों के निर्माण में हुए कथित घोटाले के सिलसिले में छापेमारी की।

सूत्रों के अनुसार, यह मामला कई अस्पताल परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं से संबंधित है, जिनमें बड़े पैमाने पर वित्तीय कुप्रबंधन और गबन के आरोप हैं। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने पहले इस कथित घोटाले की सूचना दी थी।

एसीबी की जांच से पता चला कि वर्ष 2018-19 में दिल्ली सरकार ने 24 अस्पतालों के निर्माण के लिए 5,590 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी थी। इनमें 11 ग्रीनफील्ड परियोजनाएं और 13 ब्राउनफील्ड परियोजनाएं शामिल थीं। 6 महीने में आईसीयू अस्पताल बनने थे, लेकिन 3 साल बाद भी काम अधूरा रहा। कई प्रोजेक्ट्स में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं।

आरोप है कि एलएनजेपी अस्पताल की लागत बिना किसी ठोस प्रगति के 488 करोड़ रुपए से बढ़कर 1,135 करोड़ रुपए हो गई। कई स्थानों पर निर्माण कार्य बिना अनुमति के शुरू किया गया था और ठेकेदारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके अलावा, अस्पताल सूचना प्रबंधन प्रणाली (एचआईएमएस) का कार्य 2016 से लंबित है और इसमें जानबूझकर देरी के आरोप हैं।

इस मामले में भारद्वाज के अलावा आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन की भी जांच चल रही है। भारद्वाज, जो पहले दिल्ली विधानसभा में ग्रेटर कैलाश निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे, आप सरकार में स्वास्थ्य, शहरी विकास और जल जैसे महत्वपूर्ण विभागों में कार्यरत थे।

Point of View

यह कहना उचित है कि इस मामले में उचित जांच और पारदर्शिता आवश्यक है। देश के नागरिकों को अपने नेताओं के प्रति विश्वास रखना चाहिए, और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी कार्रवाई निष्पक्ष और पारदर्शी हो।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

सौरभ भारद्वाज पर ईडी की छापेमारी का कारण क्या है?
सौरभ भारद्वाज पर अस्पताल निर्माण में कथित अनियमितताओं के आरोप हैं, जिसके चलते ईडी ने छापेमारी की है।
कितने ठिकानों पर छापेमारी की गई है?
ईडी ने दिल्ली में सौरभ भारद्वाज के आवास सहित कम से कम 13 ठिकानों पर छापेमारी की है।
क्या अस्पताल निर्माण में कोई विशेष अनियमितताओं का आरोप है?
हाँ, कई परियोजनाओं में गंभीर वित्तीय कुप्रबंधन और गबन के आरोप हैं।