14 अक्टूबर 2026
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परमवीर चक्र विजेता अरुण खेत्रपाल की जयंती: ओम बिड़ला, धामी, रेखा गुप्ता समेत नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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परमवीर चक्र विजेता अरुण खेत्रपाल की जयंती: ओम बिड़ला, धामी, रेखा गुप्ता समेत नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

1971 के भारत-पाक युद्ध में बसंतर की लड़ाई के अमर नायक और परमवीर चक्र विजेता सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की जयंती पर 14 अक्टूबर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से लेकर कई मुख्यमंत्रियों तक ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके अदम्य बलिदान को याद किया।

मुख्य बातें

परमवीर चक्र विजेता सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की जयंती 14 अक्टूबर 2026 को मनाई गई।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला , केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी।
दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी नमन किया।
उत्तर प्रदेश उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने बसंतर की लड़ाई में उनके साहस को याद किया।
खेत्रपाल ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति पाई थी।

परमवीर चक्र से सम्मानित सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की जयंती पर 14 अक्टूबर 2026 को देशभर के राजनेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, कई केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में बसंतर की लड़ाई के इस अमर नायक को नमन किया। खेत्रपाल ने मात्र 21 वर्ष की आयु में मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था।

लोकसभा अध्यक्ष की श्रद्धांजलि

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर लिखा, 'परमवीर चक्र से सम्मानित सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। 1971 के भारत-पाक युद्ध में बसंतर की लड़ाई के दौरान उन्होंने अदम्य साहस और असाधारण रणकौशल की अमिट मिसाल कायम की।' उन्होंने आगे कहा कि विषम परिस्थितियों में मातृभूमि की रक्षा करते हुए खेत्रपाल ने सर्वोच्च बलिदान दिया।

केंद्रीय मंत्रियों ने किया नमन

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पर लिखा कि 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के विरुद्ध अप्रतिम शौर्य और पराक्रम का प्रदर्शन करने वाले खेत्रपाल की राष्ट्रभक्ति 'समस्त देशवासियों को सर्वदा गौरवान्वित करती रहेगी।' केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि खेत्रपाल '1971 के युद्ध में पाकिस्तानी सेना पर काल बनकर टूट पड़े' और उनकी गौरवगाथा सभी भारतवासियों को प्रेरणा देती रहेगी।

मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि खेत्रपाल ने 'अदम्य साहस, असाधारण शौर्य और सर्वोच्च बलिदान से मातृभूमि की रक्षा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।' उन्होंने कहा कि यह वीरता और राष्ट्रभक्ति की गाथा देश की पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी एक्स पर अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि खेत्रपाल की शौर्य गाथा 'सदैव राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।'

उपमुख्यमंत्री का संदेश

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने एक्स पर लिखा कि बसंतर की लड़ाई के दौरान खेत्रपाल ने 'अद्भुत वीरता, अटूट साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए' सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि यह बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।

कौन थे अरुण खेत्रपाल

गौरतलब है कि सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल भारतीय सेना के उन वीरों में से एक हैं जिन्हें देश का सर्वोच्च वीरता सम्मान परमवीर चक्र मरणोपरांत प्रदान किया गया। 1971 के भारत-पाक युद्ध में बसंतर की लड़ाई के दौरान उन्होंने असाधारण पराक्रम दिखाते हुए दुश्मन के कई टैंकों को नष्ट किया और अंततः मातृभूमि की रक्षा में वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी शहादत आज भी भारतीय सेना और देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके साथ यह प्रश्न भी उठता है कि क्या इन श्रद्धांजलियों से आगे बढ़कर सेना के वीरों के परिवारों के कल्याण और रक्षा नीतियों पर ठोस चर्चा भी होती है। सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देने की परंपरा प्रतीकात्मक स्मरण को तो सुनिश्चित करती है, पर जवाबदेही की परीक्षा नीतिगत कदमों से होती है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल कौन थे?
सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल भारतीय सेना के वीर सैनिक थे, जिन्हें 1971 के भारत-पाक युद्ध में बसंतर की लड़ाई के दौरान असाधारण पराक्रम के लिए देश के सर्वोच्च वीरता सम्मान परमवीर चक्र से मरणोपरांत सम्मानित किया गया। उन्होंने मात्र 21 वर्ष की आयु में मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति पाई।
अरुण खेत्रपाल की जयंती कब मनाई जाती है?
अरुण खेत्रपाल की जयंती प्रतिवर्ष 14 अक्टूबर को मनाई जाती है। इस वर्ष 14 अक्टूबर 2026 को उनकी जयंती पर देशभर के राजनेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
बसंतर की लड़ाई क्या थी?
बसंतर की लड़ाई 1971 के भारत-पाक युद्ध का एक निर्णायक टैंक युद्ध था, जिसमें सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल ने असाधारण साहस दिखाते हुए दुश्मन के कई टैंकों को नष्ट किया और अंततः वीरगति को प्राप्त हुए। यह लड़ाई भारतीय सेना की वीरता की अमर गाथाओं में शुमार है।
14 अक्टूबर 2026 को किन नेताओं ने अरुण खेत्रपाल को श्रद्धांजलि दी?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तर प्रदेश उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च वीरता सम्मान क्यों माना जाता है?
परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है, जो युद्ध के दौरान सर्वाधिक विशिष्ट वीरता या आत्म-बलिदान के कार्य के लिए प्रदान किया जाता है। अरुण खेत्रपाल को यह सम्मान 1971 के युद्ध में बसंतर की लड़ाई में उनकी असाधारण बहादुरी के लिए मरणोपरांत दिया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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